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एम्स में पहली बार डेडबॉडी पर दिया शल्य चिकित्सा का ज्ञान

Sat, 26 Mar 2022 11:45 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sat, 26 Mar 2022 11:45 PM IST
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training of surgry on deadbody in amims
बिलासपुर। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) कोठीपुरा में शनिवार को डेडबॉडी (केडेवर्स डिसेक्शन कोर्स) पर शल्य चिकित्सा का ज्ञान देने के लिए शिविर लगाया गया। एम्स ने इस तरह का यह पहला कोर्स करवाकर हिमाचल में एक रिकॉर्ड स्थापित कर दिया है। सात राज्यों से आए ईएनटी रोग चिकित्सकों ने इसमें भाग लिया। शिविर की अध्यक्षता एम्स के निदेशक डॉक्टर वीर सिंह नेगी और डीन एकेडेमिक्स प्रोफेसर डॉ. संजय विक्रांत ने की।
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मृत शरीर पर प्रयोग करने के लिए तीन फैकल्टी ने भाग लिया। एम्स के ईएनटी विशेषज्ञ डॉक्टर डार्विन कौशल ने चिकित्सकों को थूक की ग्रंथी की सर्जरी के बारे में प्रयोग करके बताया। एम्स भोपाल के डॉक्टर विकास गुप्ता ने थायरॉयड ग्रंथी, नई दिल्ली के डॉक्टर राजीव कुमार ने गले की गांठों की सर्जरी की जानकारी अन्य चिकित्सकों से साझा की। इस कोर्स में देश के सात राज्यों से आए ईएनटी चिकित्सकों ने भाग लिया। एम्स कोठीपुरा में यह कोर्स ईएनटी विभाग ने एनॉटोमी विभाग बिलासपुर और एनॉटोमी विभाग लाल बहादुर शास्त्री राजकीय मेडिकल कॉलेज मंडी के सहयोग से करवाया।
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कार्यशाला में मेडिकल छात्रों को हेड, नेक के विभिन ऑपरेशन जैसे थायरॉयड, पैरोटिड एवं नेक डिसेक्शन से अवगत कराया गया। छात्रों को डेडबॉडी पर इन ऑपरेशन को करने का मौका मिला। इसमें ईएनटी विभाग एम्स बिलासपुर के चिकित्सक डॉक्टर नेहा चौहान, एनॉटामी विभाग से डॉक्टर संजय शर्मा, डॉक्टर भाग्यश्री, डॉक्टर सचिन सोनी का अहम योगदान रहा।
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