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Bilaspur News: आरसेटी सोलन में ऑर्गेनिक धूप-अगरबत्ती बनाने का प्रशिक्षण शुरू
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30 प्रतिभागियों को जैविक उत्पाद निर्माण और मार्केटिंग की दी जा रही जानकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। यूको ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) सोलन में जिलेभर के प्रतिभागियों को ऑर्गेनिक धूप, अगरबत्ती और विभिन्न प्रकार की मोमबत्तियां बनाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान सोमवार को प्रतिभागियों को बाजार में मिलने वाली अगरबत्ती और धूप से होने वाले संभावित नुकसान की जानकारी दी गई। बताया गया कि इनमें कई बार हानिकारक रसायन और प्लास्टिक का उपयोग किया जाता है, जिससे धुएं के कारण स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ सकता है। इस प्रशिक्षण में 30 प्रतिभागियों ने भाग लिया। मंगलवार से उन्हें जैविक सामग्री से धूप और अगरबत्ती बनाने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसमें सूखे फूल, पत्तियां और विभिन्न जड़ी-बूटियों का उपयोग सुगंध के लिए किया जाएगा। वहीं मच्छर भगाने वाली अगरबत्ती में गोबर के साथ नीम और तुलसी की पत्तियों का प्रयोग सिखाया जाएगा। इसके अलावा प्रतिभागियों को कोयले और लकड़ी के बुरादे से उत्पाद बनाने की भी जानकारी दी जाएगी। पसंदीदा खुशबू के लिए इत्र का उपयोग भी सिखाया जाएगा। प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को पैकेजिंग, विपणन, बिक्री स्थान और उत्पाद को ग्राहकों तक पहुंचाने के तरीकों के बारे में भी विस्तार से बताया गया। साथ ही प्रतिभागियों ने स्वयं मोमबत्ती निर्माण का प्रशिक्षण लेकर पुरानी सामग्री से विभिन्न आकार और रंगों की मोमबत्तियां तैयार कीं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। यूको ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) सोलन में जिलेभर के प्रतिभागियों को ऑर्गेनिक धूप, अगरबत्ती और विभिन्न प्रकार की मोमबत्तियां बनाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान सोमवार को प्रतिभागियों को बाजार में मिलने वाली अगरबत्ती और धूप से होने वाले संभावित नुकसान की जानकारी दी गई। बताया गया कि इनमें कई बार हानिकारक रसायन और प्लास्टिक का उपयोग किया जाता है, जिससे धुएं के कारण स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ सकता है। इस प्रशिक्षण में 30 प्रतिभागियों ने भाग लिया। मंगलवार से उन्हें जैविक सामग्री से धूप और अगरबत्ती बनाने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसमें सूखे फूल, पत्तियां और विभिन्न जड़ी-बूटियों का उपयोग सुगंध के लिए किया जाएगा। वहीं मच्छर भगाने वाली अगरबत्ती में गोबर के साथ नीम और तुलसी की पत्तियों का प्रयोग सिखाया जाएगा। इसके अलावा प्रतिभागियों को कोयले और लकड़ी के बुरादे से उत्पाद बनाने की भी जानकारी दी जाएगी। पसंदीदा खुशबू के लिए इत्र का उपयोग भी सिखाया जाएगा। प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को पैकेजिंग, विपणन, बिक्री स्थान और उत्पाद को ग्राहकों तक पहुंचाने के तरीकों के बारे में भी विस्तार से बताया गया। साथ ही प्रतिभागियों ने स्वयं मोमबत्ती निर्माण का प्रशिक्षण लेकर पुरानी सामग्री से विभिन्न आकार और रंगों की मोमबत्तियां तैयार कीं।