{"_id":"5fb7fa378ebc3e9b9a4fba6c","slug":"to-open-hostel-bilaspur-news-sml352024884","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रशिक्षुओं की संख्या का बयोरा तो लिया, लेकिन निर्णय लेना भूला विभाग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रशिक्षुओं की संख्या का बयोरा तो लिया, लेकिन निर्णय लेना भूला विभाग
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बरठीं (बिलासपुर)। प्रदेश के 12 डाइट्स के हॉस्टल बंद होने से दूरदराज के क्षेत्रों के प्रशिक्षुओं को परेशानी हो रही है। इस मामले में जहां विभाग ने प्रदेश के संस्थानों से हॉस्टल में कमरों और उनमें रह रहे प्रशिक्षुओं की संख्या का ब्योरा तो मांग लिया, लेकिन उसके बाद प्रशिक्षुओं की परीक्षा के बारे में निर्णय लेना भूल गया है।
निर्णय न आने पर डाइट प्रबंधन ने प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से मामले में हस्तक्षेप कर प्रशिक्षुओं की इस समस्या का हल करने की मांग की है। डाइट जुखाला के डीएमसी अध्यक्ष एमएस ठाकुर ने मेल के माध्यम से प्रदेश के मुख्यमंत्री को अवगत करवाया कि 23 नवंबर को प्रथम वर्ष और 7 दिसंबर से द्वितीय वर्ष के प्रशिक्षुओं की वार्षिक परीक्षा शुरू हो रही है। कुछ प्रशिक्षु छात्र-छात्राएं जिन की संख्या लगभग 500 के करीब है, जो हॉस्टल में रहते हैं और अभी हॉस्टल खोलने की अनुमति प्रदेश के किसी भी डाइट्स को नहीं मिली है। ऐसे में वे सभी प्रशिक्षु जो हॉस्टल में रहते थे और मार्च माह से आज तक घर में हैं। वे यह सुनिश्चत नहीं कर पा रहे कि वे हॉस्टल में जाएं या कोई और व्यवस्था करें। ठाकुर ने बताया कि कई जगह डाइट्स ग्रामीण क्षेत्र में हैं, जहां किराये पर कमरे मिलना संभव नहीं है और आर्थिक रूप से कमजोर प्रशिक्षु शायद इस कारण वार्षिक परीक्षा ही न दे पाएं।
उन्होंने सरकार से अनुरोध किया है कि सरकार हॉस्टल खोले अन्यथा प्रथम वर्ष के प्रशिक्षुओं को अन्य की तरह प्रोमोट कर दिया जाए या जिस जिला के प्रशिक्षु है उस जिला के डाइट्स में उनकी परीक्षा ली जाए। ठाकुर ने सरकार और शिक्षा विभाग से प्रशिक्षुओं के भविष्य, उनकी सुरक्षा और हितों को देखते हुए शीघ्र निर्णय लेने की मांग की है। उधर, जेबीटी और डीएलएड छात्र संघ के प्रदेशाध्यक्ष अभिषेक ठाकुर सहित प्रशिक्षुओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार शिक्षामंत्री को अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट श्रवण कुमार मंडी के माध्यम से ज्ञापन सौंप कर इस मामले को गंभीरता से लेने की मांग की गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
निर्णय न आने पर डाइट प्रबंधन ने प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से मामले में हस्तक्षेप कर प्रशिक्षुओं की इस समस्या का हल करने की मांग की है। डाइट जुखाला के डीएमसी अध्यक्ष एमएस ठाकुर ने मेल के माध्यम से प्रदेश के मुख्यमंत्री को अवगत करवाया कि 23 नवंबर को प्रथम वर्ष और 7 दिसंबर से द्वितीय वर्ष के प्रशिक्षुओं की वार्षिक परीक्षा शुरू हो रही है। कुछ प्रशिक्षु छात्र-छात्राएं जिन की संख्या लगभग 500 के करीब है, जो हॉस्टल में रहते हैं और अभी हॉस्टल खोलने की अनुमति प्रदेश के किसी भी डाइट्स को नहीं मिली है। ऐसे में वे सभी प्रशिक्षु जो हॉस्टल में रहते थे और मार्च माह से आज तक घर में हैं। वे यह सुनिश्चत नहीं कर पा रहे कि वे हॉस्टल में जाएं या कोई और व्यवस्था करें। ठाकुर ने बताया कि कई जगह डाइट्स ग्रामीण क्षेत्र में हैं, जहां किराये पर कमरे मिलना संभव नहीं है और आर्थिक रूप से कमजोर प्रशिक्षु शायद इस कारण वार्षिक परीक्षा ही न दे पाएं।
विज्ञापन
उन्होंने सरकार से अनुरोध किया है कि सरकार हॉस्टल खोले अन्यथा प्रथम वर्ष के प्रशिक्षुओं को अन्य की तरह प्रोमोट कर दिया जाए या जिस जिला के प्रशिक्षु है उस जिला के डाइट्स में उनकी परीक्षा ली जाए। ठाकुर ने सरकार और शिक्षा विभाग से प्रशिक्षुओं के भविष्य, उनकी सुरक्षा और हितों को देखते हुए शीघ्र निर्णय लेने की मांग की है। उधर, जेबीटी और डीएलएड छात्र संघ के प्रदेशाध्यक्ष अभिषेक ठाकुर सहित प्रशिक्षुओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार शिक्षामंत्री को अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट श्रवण कुमार मंडी के माध्यम से ज्ञापन सौंप कर इस मामले को गंभीरता से लेने की मांग की गई है।
विज्ञापन