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Bilaspur News: दो साल में एक टैक्सी दुरुस्त नहीं करवा पाया परिवहन विभाग

Sat, 07 Jun 2025 11:34 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर Updated Sat, 07 Jun 2025 11:34 PM IST
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The transport department could not get a single taxi repaired in two years
घुमारवीं में दो साल से बंद पड़ी राइड विद प्राइड सेवा, जनता बेहाल
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कागजों में चल रही योजनाओं का धरातल पर लोगों को नहीं मिल रहा लाभ
दकड़ी चौक और कोर्ट परिसर तक लोग पैदल सफर करने को मजबूर

नीरज महाजन
भराड़ी(बिलासपुर)। घुमारवीं शहर में हिमाचल पथ परिवहन निगम द्वारा शुरू की गई राइड विद प्राइड कैब सेवा दो वर्ष से ठप पड़ी है। विभाग की लापरवाही का आलम यह है कि एकमात्र टैक्सी दो साल से खराब है और अब तक ठीक नहीं करवाई जा सकी।
इस सेवा के बंद होने से बुजुर्गों और दैनिक कार्यों से निकलने वाले आम लोगों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। शहर के प्रमुख स्थानों जैसे बस स्टैंड, तहसील कार्यालय, गांधी चौक, दकड़ी चौक और कोर्ट परिसर के बीच की दूरी 400 मीटर से 1.5 किलोमीटर तक है। पहले यह सेवा मात्र 10 रुपये में इन सभी स्थानों को जोड़ती थी। लेकिन अब लोगों को निजी वाहन किराये पर लेने के लिए भारी भरकम राशि किराये के लिए चुकानी पड़ती है। रोजाना तहसील, कोर्ट और अस्पताल आने-जाने वाले लोगों के लिए यह सेवा किसी वरदान से कम नहीं थी। विशेषकर वे बुजुर्ग और मरीज जो लंबी दूरी पैदल नहीं चल सकते, उन्हें अब गर्मी-सर्दी में पैदल चलने को मजबूर होना पड़ रहा है। कैब सेवा बंद होने के बाद आमजन को अब प्राइवेट टैक्सी का सहारा लेना पड़ रहा है, जिसका किराया कई गुना अधिक है। आर्थिक रूप से कमजोर लोग इस खर्च को नहीं उठा पा रहे हैं। स्थानीय लोगों ने सरकार और परिवहन विभाग से मांग की है कि इस सेवा को जल्द बहाल किया जाए। उन्होंने सवाल उठाया है कि क्या सरकार की योजनाएं सिर्फ कागजों में ही चलती हैं? लोगों ने कहा कि सरकार को इस मामले पर तुरंत संज्ञान लेना चाहिए। अगर एक साधारण टैक्सी तक नहीं चल पा रही, तो फिर जनसुविधाओं की बात करना मात्र औपचारिकता बन कर रह गया है। एक सरकारी टैक्सी को दो साल में भी ठीक नहीं कराना सीधा प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल है।
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कोट
बस अड्डा प्रभारी जयपाल ने बताया कि उन्होंने हाल ही में कार्यभार संभाला है। उनके अनुसार कैब उनके आने से पहले ही खराब थी और उसे मरम्मत के लिए भेजा गया था। लेकिन अब तक वह वापिस नहीं आई है।
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संवाद
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