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Bilaspur News: जिले में बारिश का दौर जारी, बागछाल पुल के किनारे पर दरका पहाड़

Sun, 03 Aug 2025 11:11 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर Updated Sun, 03 Aug 2025 11:11 PM IST
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The rain continues in the district, the mountain cracked on the edge of the Bagchhal bridge
बागछाल पुल के पास दरकता पहाड़। संवाद
फोरलेन पर समलेटू, मैहला, बलोह में लगातार हो रहा भूस्खलन
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इन तीन जगहों पर चल रहा वन-वे यातायात, बन रही जाम की समस्या
160 पेयजल योजनाएं प्रभावित, कई क्षेत्रों में तीन दिन से आपूर्ति बाधित

संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर/झंडूता। जिले में चार दिनों से बारिश का दौर जारी है। वीरवार से हो रही बारिश रविवार सुबह भी जारी रही। बारिश के बीच भूस्खलन की घटनाएं भी लगातार सामने आ रही हैं।
झंडूता विधानसभा और श्री नयना देवी जी विधानसभा को जोड़ने वाले बागछाल पुल के एक छोर पर रविवार सुबह पहाड़ टूटने का खौफनाक नजारा देखने को मिला। बागछाल पुल के पास अचानक पहाड़ भरभराकर गिर गया। इस खतरनाक भूस्खलन से भानुपल्ली-बिलासपुर रेल लाइन की सबसे बड़ी निर्माणाधीन टनल के लिए बनाया गया संपर्क मार्ग बंद हो गया। गनीमत यह रही कि पहाड़ से गिरी भारी भरकम चट्टानों और मलबे की चपेट में कोई वाहन नहीं आया। इसके अलावा पुल को भी कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। हालांकि अप्रोच मार्ग बंद होने से टनल के निर्माण कार्य में लगे वाहनों के पहिये जरूर थम गए। इसके अलावा किरतपुर-मनाली फोरलेन पर समलेटू, मैहला और बलोह में लगातार मलबा गिर रहा है। यह तीनों जगह फोरलेन पर डेंजर जोन घोषित की जा चुकी हैं। समलेटू में फोरलेन की एक तरफ की लेन करीब चार किलोमीटर तक बंद है। इस कारण जाम की स्थिति भी बन रही है। इसके अलावा मैहला और बलोह मार्ग पर भी एक-एक किलोमीटर तक यातायात वन-वे चल रहा है। इसके अलावा जिले के सभी प्रमुख मार्ग खुले हैं। हालांकि पहाड़ों से जगह-जगह सड़कों पर मलबा और पत्थर गिरे रहे हैं, जो वाहन सवारों के लिए खतरा बने हुए हैं। लोक निर्माण विभाग को इस बरसात में अब तक कुल करीब 45 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है। वहीं, लगातार हो रही बारिश से जिले में खड्डों और झील से चलने वाली 160 पेयजल योजनाएं भी प्रभावित हैं। पानी मटमैलस होने के कारण जिले के अधिकतर क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति बाधित है। जल शक्ति विभाग को भी करीब 14 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। बारिश ने निजी संपत्ति को भी काफी नुकसान पहुंचाया है। अब तक 20 गोशालाएं और 10 कच्चे और पक्के मकान क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। इसके अलावा शौचालय और डंगों को भी नुकसान पहुंचा है।
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कोट
बागछाल पुल की बाई ओर की पहाड़ी से रेलवे टनल निर्माण की सड़क पर भारी मात्रा में चट्टानें गिरी हैं, लेकिन किसी तरह की कोई क्षति नहीं हुई। थापना से मरोतन वाया बागछाल पुल से यातायात व्यवस्था सुचारू रूप से बहाल है। - दिनेश गुप्ता, सहायक अभियंता, लोक निर्माण विभाग, स्वारघाट
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