फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Bilaspur News ›   The new Panchayats of Ghumarwin could not even build buildings for themselves.

Bilaspur News: घुमारवीं की नई पंचायतें अपने लिए ही नहीं बना सकीं भवन

Mon, 03 Nov 2025 11:02 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर Updated Mon, 03 Nov 2025 11:02 PM IST
विज्ञापन
The new Panchayats of Ghumarwin could not even build buildings for themselves.
10 नई पंचायतों में से एक ही को मिल पाया है अब तक स्थायी ठिकाना
विज्ञापन

ज्यादातर पंचायतों का काम चल रहा है किराये के भवन में

संजीव शामा
घुमारवीं(बिलासपुर)। जनता की सुविधाओं और विकास कार्यों को गति देने के उद्देश्य से गठित पंचायतें पांच साल में भी जब स्वयं के लिए भवन नहीं बना सकें, तो आम लोगों के कार्यों पूरा करने की रफ्तार का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है। विकासखंड घुमारवीं के तहत वर्ष 2020 में गठित 10 नई पंचायतों में से अब तक केवल एक पंचायत ही अपना भवन निर्माण पूरा कर पाई है, जबकि शेष पंचायतें पांच साल बाद भी अपने भवन के लिए भूमि की ही तलाश में हैं।
जानकारी के अनुसार, घुमारवीं ब्लॉक में कुल 59 पंचायतें हैं। इनमें 2020 में 10 नई पंचायतें प्लासला, पनोल, बाड़ी मझेडवां, दकड़ी, बल्ह चुराणी, पनोह, संदयार, लंझता, तिउन खास और अवारी खलीन गठित की गई थीं। सरकार ने घोषणा की थी कि जिन पंचायतों के पास भवन निर्माण के लिए 10 बिस्वा भूमि उपलब्ध होगी, उन्हें लगभग 1.12 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की जाएगी। लेकिन पांच वर्ष बीत जाने के बावजूद अधिकतर पंचायतें भूमि उपलब्ध न होने से भवन निर्माण कार्य शुरू नहीं कर पाई हैं। केवल प्लासला पंचायत का भवन निर्माण कार्य पूरा हो पाया है, जबकि पनोल पंचायत में दीवारों की चिनाई तक का काम हुआ है। बाड़ी मझेडवां में लेंटर तक निर्माण हुआ है और दकड़ी पंचायत में 14 बिस्वा भूमि उपलब्ध होने के बाद भवन का शिलान्यास ही किया गया है, परंतु टेंडर प्रक्रिया अभी जारी है। वहीं, बल्ह चुराणी पंचायत को केवल 7 बिस्वा भूमि ही मिल पाई है, पनोह पंचायत के पास अब तक जमीन ही नहीं है। अवारी खलीन में 4 बिस्वा, तिउन खास में 10 बिस्वा भूमि उपलब्ध है लेकिन निर्माण शुरू नहीं हुआ। लंझता पंचायत को सिर्फ 2 बिस्वा जमीन मिली है।
विज्ञापन

छत पंचायत का पुराना भवन अब संडयार पंचायत के क्षेत्र में आने से उसे भी नया भवन बनाना होगा, मगर यहां भी मात्र 4 बिस्वा भूमि ही उपलब्ध है। लोगों का कहना है कि यदि सरकार ने समय रहते भूमि चयन और बजट आवंटन की प्रक्रिया पूरी कर दी होती, तो आज सभी नई पंचायतों के पास अपने भवन होते और जनता के कामकाज में सुविधा मिलती। फिलहाल, ज्यादातर नई पंचायतें किराये के भवनों में काम कर रही हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

खंड विकास अधिकारी घुमारवीं अभिषेक शर्मा ने बताया कि जिन पंचायतों में भूमि की उपलब्धता हो चुकी है, वहां निर्माण प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। बाकी पंचायतों में जैसे ही उपयुक्त भूमि उपलब्ध होगी, भवन निर्माण कार्य आरंभ कर दिया जाएगा। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed