{"_id":"693434126f2a67bc74038fd5","slug":"the-municipal-council-is-burning-garbage-in-the-open-while-advising-people-bilaspur-news-c-92-1-ssml1001-149708-2025-12-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bilaspur News: लोगों को नसीहत देकर खुद खुले में कूड़ा जला रही नगर परिषद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bilaspur News: लोगों को नसीहत देकर खुद खुले में कूड़ा जला रही नगर परिषद
विज्ञापन
घुमारवीं शहर में खुले में जलाया जा रहा कूड़ा। संवाद
ग्राउंड रिपोर्ट
एनजीटी के नियमों की अवहेलना
मंत्री निवास के पास भी जलाया कचरा
प्लास्टिक, रबर और अन्य ठोस कचरे को जलाने से पैदा हो रहीं जहरीली गैसें
संवाद न्यूज एजेंसी
भराड़ी(बिलासपुर)। नगर परिषद घुमारवीं के तहत शहर के कई हिस्सों में दिनदहाड़े नगर परिषद के कर्मचारी खुलेआम कचरा जला रहे हैं। जबकि नगर परिषद आमजन को ही नसीहत देता है कि खुले में कूड़ा जलाने वालों पर कार्रवाई होगी। इसके बावजूद उसकी खुद अनुपालना नहीं की जा रही है।
नगर परिषद के कर्मी जिस कूड़े को जलाते हैं, उससे उठने वाला जहरीला धुआं पूरे क्षेत्र में फैलकर लोगों के स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा बन रहा है। दुकानदारों, स्कूली बच्चों और राहगीरों को इससे परेशानी हो रही है। नगर परिषद घुमारवीं के कुछ कर्मी कचरे को उठाने के बजाय इसे आग के हवाले कर रहे हैं। इससे परिषद की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
यह लापरवाही शहर के भीड़भाड़ वाले और संवेदनशील क्षेत्रों में देखी जा रही है। सबसे हैरानी की बात यह है कि कूड़ा जलाने की यह प्रक्रिया प्रदेश सरकार में मंत्री के निवास स्थान से महज 10 मीटर की दूरी पर हो रही है। ऐसे महत्वपूर्ण क्षेत्र में कचरा जलाया जाना प्रशासन की उदासीनता और पर्यावरणीय खतरे की गंभीरता दोनों को उजागर करता है।
विज्ञापन
लोगों का कहना है कि यह समस्या नई नहीं है। कई दिनों से बीच-बीच में कूड़ा जलाया जा रहा है। सर्द मौसम में धुआं देर तक वातावरण में बना रहता है। इससे हवा की गुणवत्ता खराब हो जाती है। राहगीर राजेश शर्मा, संजीव और अनिल ने बताया कि बाजार में पहुंचते ही कचरे के ढेरों में लगी आग से चारों तरफ धुआं फैल जाता है। जहरीला धुआं सांसों के साथ शरीर में जा रहा है, जिससे बीमारी का खतरा और बढ़ रहा है।
एनजीटी के अनुसार खुले में किसी भी प्रकार का ठोस कचरा जलाना पूरी तरह से प्रतिबंधित है। ऐसा करने पर संबंधित विभागों के खिलाफ कार्रवाई अनिवार्य है। इसके बावजूद घुमारवीं में नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। नगर परिषद कर्मियों की लापरवाही साफ तौर पर उजागर हो रही है।
पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि प्लास्टिक, रबर और अन्य ठोस कचरे को जलाने से कार्बन मोनोऑक्साइड, सल्फर डाइऑक्साइड सहित कई जहरीली गैसें निकलती हैं, जो कैंसर, अस्थमा और हृदय रोग का खतरा बढ़ा सकती हैं।
खूले में कूड़ा किसने जलाया है, इसकी जानकारी नहीं है। इसकी जांच की जाएगी और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
-रीता सहगल, अध्यक्ष, नगर परिषद
विज्ञापन
एनजीटी के नियमों की अवहेलना
मंत्री निवास के पास भी जलाया कचरा
प्लास्टिक, रबर और अन्य ठोस कचरे को जलाने से पैदा हो रहीं जहरीली गैसें
संवाद न्यूज एजेंसी
भराड़ी(बिलासपुर)। नगर परिषद घुमारवीं के तहत शहर के कई हिस्सों में दिनदहाड़े नगर परिषद के कर्मचारी खुलेआम कचरा जला रहे हैं। जबकि नगर परिषद आमजन को ही नसीहत देता है कि खुले में कूड़ा जलाने वालों पर कार्रवाई होगी। इसके बावजूद उसकी खुद अनुपालना नहीं की जा रही है।
नगर परिषद के कर्मी जिस कूड़े को जलाते हैं, उससे उठने वाला जहरीला धुआं पूरे क्षेत्र में फैलकर लोगों के स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा बन रहा है। दुकानदारों, स्कूली बच्चों और राहगीरों को इससे परेशानी हो रही है। नगर परिषद घुमारवीं के कुछ कर्मी कचरे को उठाने के बजाय इसे आग के हवाले कर रहे हैं। इससे परिषद की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
विज्ञापन
यह लापरवाही शहर के भीड़भाड़ वाले और संवेदनशील क्षेत्रों में देखी जा रही है। सबसे हैरानी की बात यह है कि कूड़ा जलाने की यह प्रक्रिया प्रदेश सरकार में मंत्री के निवास स्थान से महज 10 मीटर की दूरी पर हो रही है। ऐसे महत्वपूर्ण क्षेत्र में कचरा जलाया जाना प्रशासन की उदासीनता और पर्यावरणीय खतरे की गंभीरता दोनों को उजागर करता है।
विज्ञापन
लोगों का कहना है कि यह समस्या नई नहीं है। कई दिनों से बीच-बीच में कूड़ा जलाया जा रहा है। सर्द मौसम में धुआं देर तक वातावरण में बना रहता है। इससे हवा की गुणवत्ता खराब हो जाती है। राहगीर राजेश शर्मा, संजीव और अनिल ने बताया कि बाजार में पहुंचते ही कचरे के ढेरों में लगी आग से चारों तरफ धुआं फैल जाता है। जहरीला धुआं सांसों के साथ शरीर में जा रहा है, जिससे बीमारी का खतरा और बढ़ रहा है।
एनजीटी के अनुसार खुले में किसी भी प्रकार का ठोस कचरा जलाना पूरी तरह से प्रतिबंधित है। ऐसा करने पर संबंधित विभागों के खिलाफ कार्रवाई अनिवार्य है। इसके बावजूद घुमारवीं में नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। नगर परिषद कर्मियों की लापरवाही साफ तौर पर उजागर हो रही है।
पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि प्लास्टिक, रबर और अन्य ठोस कचरे को जलाने से कार्बन मोनोऑक्साइड, सल्फर डाइऑक्साइड सहित कई जहरीली गैसें निकलती हैं, जो कैंसर, अस्थमा और हृदय रोग का खतरा बढ़ा सकती हैं।
खूले में कूड़ा किसने जलाया है, इसकी जानकारी नहीं है। इसकी जांच की जाएगी और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
-रीता सहगल, अध्यक्ष, नगर परिषद