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Bilaspur News: बेटियों को समान अवसर और बच्चों को पौष्टिक आहार देने का दिया संदेश

Wed, 07 Oct 2026 11:55 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Wed, 07 Oct 2026 11:55 PM IST
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The message given was to provide equal opportunities to daughters and nutritious food to children.
घुमारवीं के आंगनबाड़ी केंद्र मकडया में आयोजित जागरूकता शिविर में मौजूद ग्रामीण। स्रोत: जागरूक प
बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ एवं पोषण माह के तहत महिलाओं को किया जागरूक
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बेटियों की शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, संतुलित आहार पर हुई चर्चा


संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। बेटियों को समान अवसर देने, उनकी शिक्षा को बढ़ावा देने और महिलाओं व बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए पौष्टिक आहार के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से महिला एवं बाल विकास निदेशालय के तत्वावधान में परियोजना घुमारवीं के वृत्त घंडालवीं के अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्र मकडया में जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ एवं पोषण माह के तहत आयोजित शिविर में स्थानीय महिलाओं और ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम में बेटियों की शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, संतुलित आहार और एनीमिया से बचाव जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी साझा की गई।
कार्यक्रम में पूर्व जिला परिषद सदस्य एवं महिला मंडल प्रधान इंदू शर्मा ने कहा कि बेटियों को किसी भी स्तर पर बेटों से कम अवसर नहीं मिलने चाहिए। परिवार और समाज में बेटियों को शिक्षा प्राप्त करने, अपनी बात रखने और निर्णय लेने का अधिकार दिया जाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि बेटी को मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने की शुरुआत परिवार से होती है। यदि बेटियों को शिक्षा के साथ अच्छे संस्कार और आगे बढ़ने के समान अवसर मिलें तो वे परिवार के साथ-साथ पूरे समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। उन्होंने महिलाओं से बेटियों की पढ़ाई को बीच में न छुड़ाने और उन्हें अपनी रुचि के अनुसार आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बेटियों को समान अधिकार और अवसर देना केवल किसी एक परिवार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है।
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वृत्त पर्यवेक्षक सुनील कुमार शर्मा ने शिविर में पोषण और स्वास्थ्य से जुड़े विषयों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं के लिए संतुलित एवं पौष्टिक आहार बेहद जरूरी है। भोजन में आवश्यक पोषक तत्वों की कमी से बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास पर असर पड़ सकता है। उन्होंने महिलाओं को स्थानीय स्तर पर उपलब्ध पौष्टिक खाद्य पदार्थों को आहार में शामिल करने की सलाह दी। उन्होंने एनीमिया से बचाव के उपायों की जानकारी देते हुए आयरन युक्त खाद्य पदार्थों के सेवन पर जोर दिया। महिलाओं को हरी पत्तेदार सब्जियां, दालें, मौसमी फल तथा अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थों को नियमित आहार का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही बच्चों और गर्भवती महिलाओं के पोषण पर विशेष ध्यान देने का आह्वान किया गया। कार्यक्रम के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ता रीना, सरोज, निर्मला और सुमन ने आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने गीत, स्लोगन और अन्य जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से लोगों को बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ तथा पोषण के प्रति जागरूक किया। गतिविधियों के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि बेटियों को शिक्षा और सम्मान देने के साथ बच्चों के स्वस्थ भविष्य के लिए घर के खान-पान पर भी विशेष ध्यान देना जरूरी है।
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