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Bilaspur News: किसान ने जिस सड़क के लिए जमीन दी दान, उसी से उठा रहा नुकसान
Sat, 08 Mar 2025 11:28 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Sat, 08 Mar 2025 11:28 PM IST
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- घुमारवीं के टकरेड़ा में सामने आया मामला,सड़क का पानी खेतों में भर रहा
- किसान ने एक अधिकारी पर लगाया मामले को रफा-दफा करने के लिए पैसे मांगने का आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं(बिलासपुर)। ग्राम पंचायत घुमारवीं के गांव टकरेड़ा का 72 वर्षीय किसान, जिसने जनहित में लाखों रुपये की अपनी एक बीघा जमीन दान कर सड़क निर्माण में योगदान दिया, आज उसी सड़क के कारण समस्याओं का सामना कर रहा हैं। सड़क में उचित जल निकासी की व्यवस्था के अभाव में बारिश का पानी उनके खेतों में भर जाता है, जिससे हर साल उनकी फसलें नष्ट हो रही हैं।
पीड़ित किसान का आरोप है कि जब उन्होंने स्वयं मिट्टी डालकर पानी रोकने की कोशिश की तो वन विभाग के एक अधिकारी ने उसे गैरकानूनी बताते हुए 15 हजार रुपये की मांग की। किसान ने इस मामले की शिकायत उपायुक्त बिलासपुर और डीएफओ वन विभाग को लिखित रूप में दी है। जब उन्होंने सड़क निर्माण के लिए अपनी भूमि दान की थी तो लोक निर्माण विभाग ने जल निकासी की उचित व्यवस्था करने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। परिणामस्वरूप सड़का का सारा पानी उनके खेतों में चला जाता है, जिससे फसलें बर्बाद हो रही हैं और भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। किसान का आरोप है कि उसने कई बार लोक निर्माण विभाग और संबंधित अधिकारियों को इस समस्या से अवगत कराया, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। अपनी फसल बचाने के लिए उन्होंने मजबूरी में स्वयं मिट्टी डालकर पानी को सड़क से नाले की ओर मोड़ने का प्रयास किया तो वन विभाग के एक अधिकारी ने न केवल इस प्रयास को अवैध ठहराया, बल्कि किसान को धमकाते हुए मामले को रफादफा करने के लिए 15 हजार रुपये की मांग की। किसान ने उपायुक्त से अपील की है कि उस अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। लोक निर्माण विभाग को सड़क किनारे जल निकासी की उचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए जाएं। उनका कहना है कि इस समस्या के चलते उन्हें मानसिक एवं शारीरिक उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि इस उत्पीड़न के कारण उन्हें किसी प्रकार की हानि होती है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों की होगी।
कोट
व्यक्ति के सारे आरोप गलत है। उसके गांव के ही एक व्यक्ति के खिलाफ मुख्यमंत्री सेवा संकल्प पर शिकायत की गई थी, जिसके बाद मामले की जांच की गई। जांच में पाया गया कि उस व्यक्ति ने अवैध डंपिंग की है। व्यक्ति को 15 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया है। व्यक्ति ने खुद डैमेज रिपोर्ट पर अपने हस्ताक्षर किए हैं। जुर्माने से बचने के लिए व्यक्ति झूठे आरोप लगा रहा है।
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डीआर संधू, खंड अधिकारी, वन विभाग घुमारवीं परिक्षेत्र
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- किसान ने एक अधिकारी पर लगाया मामले को रफा-दफा करने के लिए पैसे मांगने का आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं(बिलासपुर)। ग्राम पंचायत घुमारवीं के गांव टकरेड़ा का 72 वर्षीय किसान, जिसने जनहित में लाखों रुपये की अपनी एक बीघा जमीन दान कर सड़क निर्माण में योगदान दिया, आज उसी सड़क के कारण समस्याओं का सामना कर रहा हैं। सड़क में उचित जल निकासी की व्यवस्था के अभाव में बारिश का पानी उनके खेतों में भर जाता है, जिससे हर साल उनकी फसलें नष्ट हो रही हैं।
पीड़ित किसान का आरोप है कि जब उन्होंने स्वयं मिट्टी डालकर पानी रोकने की कोशिश की तो वन विभाग के एक अधिकारी ने उसे गैरकानूनी बताते हुए 15 हजार रुपये की मांग की। किसान ने इस मामले की शिकायत उपायुक्त बिलासपुर और डीएफओ वन विभाग को लिखित रूप में दी है। जब उन्होंने सड़क निर्माण के लिए अपनी भूमि दान की थी तो लोक निर्माण विभाग ने जल निकासी की उचित व्यवस्था करने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। परिणामस्वरूप सड़का का सारा पानी उनके खेतों में चला जाता है, जिससे फसलें बर्बाद हो रही हैं और भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। किसान का आरोप है कि उसने कई बार लोक निर्माण विभाग और संबंधित अधिकारियों को इस समस्या से अवगत कराया, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। अपनी फसल बचाने के लिए उन्होंने मजबूरी में स्वयं मिट्टी डालकर पानी को सड़क से नाले की ओर मोड़ने का प्रयास किया तो वन विभाग के एक अधिकारी ने न केवल इस प्रयास को अवैध ठहराया, बल्कि किसान को धमकाते हुए मामले को रफादफा करने के लिए 15 हजार रुपये की मांग की। किसान ने उपायुक्त से अपील की है कि उस अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। लोक निर्माण विभाग को सड़क किनारे जल निकासी की उचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए जाएं। उनका कहना है कि इस समस्या के चलते उन्हें मानसिक एवं शारीरिक उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि इस उत्पीड़न के कारण उन्हें किसी प्रकार की हानि होती है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों की होगी।
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व्यक्ति के सारे आरोप गलत है। उसके गांव के ही एक व्यक्ति के खिलाफ मुख्यमंत्री सेवा संकल्प पर शिकायत की गई थी, जिसके बाद मामले की जांच की गई। जांच में पाया गया कि उस व्यक्ति ने अवैध डंपिंग की है। व्यक्ति को 15 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया है। व्यक्ति ने खुद डैमेज रिपोर्ट पर अपने हस्ताक्षर किए हैं। जुर्माने से बचने के लिए व्यक्ति झूठे आरोप लगा रहा है।
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डीआर संधू, खंड अधिकारी, वन विभाग घुमारवीं परिक्षेत्र