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Bilaspur News: 15 साल से कागजों में गिराया दिखाया गया भवन आज भी मौजूद
Sat, 19 Jul 2025 11:14 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Sat, 19 Jul 2025 11:14 PM IST
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एक्सक्लूसिव
भू-अर्जन अधिकारी ने आरटीआई के जवाब में स्वीकार की बात
किरतपुर-नेरचौक फोरलेन के लिए हो चुका है मकान का मुआवजा आवंटन
इकाई ने परियोजना निदेशक मंडी को संयुक्त निरीक्षण के लिए भेजा पत्र
सरोज पाठक
बिलासपुर। किरतपुर-नेरचौक फोरलेन के तहत मौजा रोहिण में मुआवजा आवंटन के बाद भी एक भवन मौके पर मौजूद पाया गया है। आरटीआई के तहत मिली जानकारी में खुद भू-अर्जन अधिकारी, विशेष अधिग्रहण इकाई बिलासपुर ने इसकी पुष्टि की है। हैरानी का विषय यह है कि पिछले 15 साल से कागजी रिपोर्ट में कई विभागों, पंचायत प्रतिनिधियों ने भवन के गिराने की बात लिखी है।
इससे पहले एनएचएआई इकाई बार-बार यह कहती रही कि संबंधित भवन गिरा दिया गया है। ग्राम पंचायत प्रधान, कानूनगो और पटवारी की ओर से भी भवन ध्वस्त होने की रिपोर्ट दी गई थी। वहीं विद्युत बोर्ड की रिपोर्ट और संबंधित तहसीलदार घुमारवीं की रिपोर्ट में मकान मौके पर मौजूद बताया गया था। अब आरटीआई के जवाब में भू-अर्जन अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि मकान का फोरलेन के निर्माण के लिए अधिग्रहण हुआ था। लेकिन इसके बावजूद वो मौके पर खड़ा है। उक्त इकाई ने परियोजना निदेशक मंडी को संयुक्त निरीक्षण के लिए पत्र भेजा है। बताते चलें कि फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावित समिति ने मांग की है कि पुलिस बल के साथ मौके पर जाकर भवन की सच्चाई की जांच कराई जाए। समिति ने यह भी कहा है कि परियोजना निदेशक मंडी द्वारा केवल छह मकानों को मौके पर मौजूद बताकर जो शपथ पत्र अदालत में दिया गया है, वह तथ्यात्मक रूप से गलत है। समिति ने खंड विकास अधिकारी को पत्र भेजकर ग्राम पंचायत प्रधान के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की है, उन्होंने भवन गिराए जाने की झूठी रिपोर्ट दी थी। इस संबंध में शिकायत की प्रति उपायुक्त बिलासपुर को भी भेज दी गई है।
सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत मांगी गई जानकारी के जवाब में भू-अर्जन अधिकारी, विशेष अधिग्रहण इकाई बिलासपुर ने पत्र संख्या एलएओ/030(विभा030ई)/राउमा०/2024–614 में इसकी पुष्टि की है। भू-अर्जन अधिकारी ने आरटीआई के जवाब में बताया है कि इस भवन को लेकर परियोजना निदेशक मंडी को संयुक्त निरीक्षण के लिए पत्र लिखा गया है। इस बीच फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावित समिति ने मांग की है कि मौके पर पुलिस बल के साथ निष्पक्ष जांच की जाए ताकि यह स्पष्ट हो सके कि ऐसे और कितने भवन मौके पर अब भी खड़े हैं।
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इनसेट
शपथ पत्र भी सवालों के घेरे में
समिति ने कहा है कि परियोजना निदेशक मंडी ने अदालत में केवल 6 भवनों के मौके पर होने की जानकारी का ही शपथ पत्र दाखिल किया, जबकि सच्चाई कुछ और है। यह मामला अब और गंभीर हो गया है क्योंकि इससे सरकारी रिकॉर्ड में भारी अनियमितता का संकेत मिल रहा है। संवाद
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भू-अर्जन अधिकारी ने आरटीआई के जवाब में स्वीकार की बात
किरतपुर-नेरचौक फोरलेन के लिए हो चुका है मकान का मुआवजा आवंटन
इकाई ने परियोजना निदेशक मंडी को संयुक्त निरीक्षण के लिए भेजा पत्र
सरोज पाठक
बिलासपुर। किरतपुर-नेरचौक फोरलेन के तहत मौजा रोहिण में मुआवजा आवंटन के बाद भी एक भवन मौके पर मौजूद पाया गया है। आरटीआई के तहत मिली जानकारी में खुद भू-अर्जन अधिकारी, विशेष अधिग्रहण इकाई बिलासपुर ने इसकी पुष्टि की है। हैरानी का विषय यह है कि पिछले 15 साल से कागजी रिपोर्ट में कई विभागों, पंचायत प्रतिनिधियों ने भवन के गिराने की बात लिखी है।
इससे पहले एनएचएआई इकाई बार-बार यह कहती रही कि संबंधित भवन गिरा दिया गया है। ग्राम पंचायत प्रधान, कानूनगो और पटवारी की ओर से भी भवन ध्वस्त होने की रिपोर्ट दी गई थी। वहीं विद्युत बोर्ड की रिपोर्ट और संबंधित तहसीलदार घुमारवीं की रिपोर्ट में मकान मौके पर मौजूद बताया गया था। अब आरटीआई के जवाब में भू-अर्जन अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि मकान का फोरलेन के निर्माण के लिए अधिग्रहण हुआ था। लेकिन इसके बावजूद वो मौके पर खड़ा है। उक्त इकाई ने परियोजना निदेशक मंडी को संयुक्त निरीक्षण के लिए पत्र भेजा है। बताते चलें कि फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावित समिति ने मांग की है कि पुलिस बल के साथ मौके पर जाकर भवन की सच्चाई की जांच कराई जाए। समिति ने यह भी कहा है कि परियोजना निदेशक मंडी द्वारा केवल छह मकानों को मौके पर मौजूद बताकर जो शपथ पत्र अदालत में दिया गया है, वह तथ्यात्मक रूप से गलत है। समिति ने खंड विकास अधिकारी को पत्र भेजकर ग्राम पंचायत प्रधान के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की है, उन्होंने भवन गिराए जाने की झूठी रिपोर्ट दी थी। इस संबंध में शिकायत की प्रति उपायुक्त बिलासपुर को भी भेज दी गई है।
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सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत मांगी गई जानकारी के जवाब में भू-अर्जन अधिकारी, विशेष अधिग्रहण इकाई बिलासपुर ने पत्र संख्या एलएओ/030(विभा030ई)/राउमा०/2024–614 में इसकी पुष्टि की है। भू-अर्जन अधिकारी ने आरटीआई के जवाब में बताया है कि इस भवन को लेकर परियोजना निदेशक मंडी को संयुक्त निरीक्षण के लिए पत्र लिखा गया है। इस बीच फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावित समिति ने मांग की है कि मौके पर पुलिस बल के साथ निष्पक्ष जांच की जाए ताकि यह स्पष्ट हो सके कि ऐसे और कितने भवन मौके पर अब भी खड़े हैं।
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शपथ पत्र भी सवालों के घेरे में
समिति ने कहा है कि परियोजना निदेशक मंडी ने अदालत में केवल 6 भवनों के मौके पर होने की जानकारी का ही शपथ पत्र दाखिल किया, जबकि सच्चाई कुछ और है। यह मामला अब और गंभीर हो गया है क्योंकि इससे सरकारी रिकॉर्ड में भारी अनियमितता का संकेत मिल रहा है। संवाद