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Bilaspur News: राम के वन गमन और दशरथ की मृत्यु के दृश्य देख विचलित हुए दर्शक
Sat, 27 Sep 2025 05:30 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Sat, 27 Sep 2025 05:30 PM IST
सार
बिलासपुर के एसीसी बरमाणा मैदान में श्री रामलीला के चौथे दिन का मंचन भावनाओं से भरपूर रहा। भरत-केवट प्रसंग और श्रीराम के वन गमन ने दर्शकों को भावुक कर दिया। मंचन ने श्रद्धालुओं को गहराई से प्रभावित किया।
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बरमाणा में चल रही रामलीला का दृश्य। संवाद
विस्तार
भरत का माता कैकेयी से संवाद और केवट प्रसंग ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। एसीसी बरमाणा के खेल मैदान में आयोजित श्री रामलीला के चौथे दिन का मंचन भव्यता और भावनाओं से परिपूर्ण रहा। संध्या का शुभारंभ प्रभु श्रीराम के वन गमन के मार्मिक दृश्य से हुआ, जिसने दर्शकों की आंखों को नम कर दिया।
इसके बाद का दृश्य भरत का अयोध्या लौटना और माता कैकेयी के निर्णय का कड़ा विरोध करते हुए उन्हें फटकार लगाई। केवट प्रसंग में केवट ने प्रभु श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण को गंगा पार करवाई। इस दृश्य में भक्ति और हास्य का सुंदर संगम देखने को मिला। वन में भरत और माताओं का प्रभु श्री राम से मिलन और भरत का करुण निवेदन पंडाल में उपस्थित श्रद्धालुओं अश्रुपूरित कर गया। मंचन का समापन प्रभु श्रीराम द्वारा पिता महाराज दशरथ की मृत्यु पर विलाप के दृश्य के साथ हुआ, जो अत्यंत हृदयविदारक क्षण रहा। इस अवसर पर प्रभु श्रीराम की भूमिका एवं निर्देशन में चमन ठाकुर, माता सीता की भूमिका में काजल, लक्ष्मण विक्रम, माता कैकई और केवट की भूमिका करम सिंह, माता कौशल्या भूमिका आयुषी, माता सुमित्रा भूमिका तमन्ना, भरत वीरेंद्र, शत्रुघ्न मनीष और राजा गोह शशिपाल ने निभाई।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। एसीसी बरमाणा के खेल मैदान में आयोजित श्री रामलीला के चौथे दिन का मंचन भव्यता और भावनाओं से परिपूर्ण रहा। संध्या का शुभारंभ प्रभु श्रीराम के वन गमन के मार्मिक दृश्य से हुआ, जिसने दर्शकों की आंखों को नम कर दिया।
इसके बाद का दृश्य भरत का अयोध्या लौटना और माता कैकेयी के निर्णय का कड़ा विरोध करते हुए उन्हें फटकार लगाई। केवट प्रसंग में केवट ने प्रभु श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण को गंगा पार करवाई। इस दृश्य में भक्ति और हास्य का सुंदर संगम देखने को मिला। वन में भरत और माताओं का प्रभु श्री राम से मिलन और भरत का करुण निवेदन पंडाल में उपस्थित श्रद्धालुओं अश्रुपूरित कर गया। मंचन का समापन प्रभु श्रीराम द्वारा पिता महाराज दशरथ की मृत्यु पर विलाप के दृश्य के साथ हुआ, जो अत्यंत हृदयविदारक क्षण रहा। इस अवसर पर प्रभु श्रीराम की भूमिका एवं निर्देशन में चमन ठाकुर, माता सीता की भूमिका में काजल, लक्ष्मण विक्रम, माता कैकई और केवट की भूमिका करम सिंह, माता कौशल्या भूमिका आयुषी, माता सुमित्रा भूमिका तमन्ना, भरत वीरेंद्र, शत्रुघ्न मनीष और राजा गोह शशिपाल ने निभाई।
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