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Bilaspur News: जिले में लावारिस पशुओं की सुरक्षा और गोसदन व्यवस्था पर प्रशासन सख्त

Fri, 30 Jan 2026 11:43 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर Updated Fri, 30 Jan 2026 11:43 PM IST
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The administration is strict on the protection of stray animals and cowshed arrangements in the district.
बचत भवन में लावारसि पशुओं के संरक्षण को लेकर आयोजित बैठक में मौजूद अधिकारी। स्रोत: डीपीआरओ
लंपी स्किन डिजीज को लेकर अलर्ट, शत-प्रतिशत टीकाकरण के निर्देश
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लावारिस पशुओं को गोसदन में किया जाएगा स्थानांतरित

संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिला मुख्यालय स्थित बचत भवन में पशुपालन विभाग द्वारा लावारिस पशुओं के संरक्षण, जनसुरक्षा और गोसदन व्यवस्था को सुदृढ़ करने को लेकर एक अहम बैठक हुई, जिसकी अध्यक्षता अतिरिक्त उपायुक्त ओम कांत ठाकुर ने की। बैठक में सड़कों पर विचरण कर रहे लावारिस पशुओं की समस्या, उनके सुरक्षित पुनर्वास, यातायात व्यवस्था और जन सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक में निर्णय लिया गया कि जिला बिलासपुर के अंतर्गत फोरलेन सहित अन्य प्रमुख सड़कों पर घूम रहे लावारिस पशुओं को सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार सुरक्षित रूप से हटाकर गोसदनों में स्थानांतरित किया जाएगा। अतिरिक्त उपायुक्त ने प्रशासन और पशुपालन विभाग के बीच बेहतर समन्वय पर बल देते हुए कहा कि यह प्रक्रिया समयबद्ध हो, ताकि सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके और आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित हो। उन्होंने निर्देश दिए कि सड़कों से उठाए गए सभी लावारिस पशुओं का माहवार और स्रोतवार रिकॉर्ड अनिवार्य रूप से संधारित किया जाए। पशुओं की मृत्यु की स्थिति में कारणों की तुरंत रिपोर्टिंग और आवश्यकतानुसार पोस्टमार्टम सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए, ताकि लापरवाही की संभावना न रहे और जवाबदेही तय हो सके। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि योजना को ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से पूर्ण पारदर्शिता के साथ लागू किया जाए, ताकि पशुपालकों को डिजिटल सुविधाओं का अधिकतम लाभ मिल सके। साथ ही गोसदनों में रखे गए सभी पशुओं की शत-प्रतिशत टैगिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, जिससे पशुओं की पहचान, ट्रैकिंग एवं रिकॉर्ड प्रबंधन में सुविधा हो। इसके अलावा ई-गोपाल योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी चर्चा की गई।
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बैठक में केंद्र सरकार की फोरकास्ट रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया गया कि आगामी अवधि में जिले में लंपी स्किन डिजीज फैलने की आशंका है। इसे गंभीरता से लेते हुए अतिरिक्त उपायुक्त ने जिले में शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। पशुपालन विभाग ने पशुपालकों से अपील की कि वे समय रहते अपने सभी पशुओं का टीकाकरण करवाएं, क्योंकि इस बीमारी से बचाव के लिए वैक्सीन उपलब्ध है। बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि जिले में वर्तमान में 14 गोसदन पूरी तरह कार्यशील हैं, जिनमें 1561 गोवंश रह रहे हैं। इनमें से 1325 गोवंश को सरकार की ओर से निर्धारित सहायता राशि प्रदान की जा रही है। गोसदन संचालकों ने सहायता राशि समय पर जारी करने सहित अन्य समस्याएं रखीं, जिनके समाधान का प्रशासन ने आश्वासन दिया। बैठक में उपनिदेशक विनोद कुंडी, सहायक उपनिदेशक कल शर्मा सहित सभी गोसदनों के प्रतिनिधि और संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
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