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Bilaspur News: टीजीटी शिक्षकों की भारी कमी से शिक्षा की गुणवत्ता पर संकट
Sun, 22 Feb 2026 11:37 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Sun, 22 Feb 2026 11:37 PM IST
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बीएड बेरोजगार यूनियन ने बैच वाइज टीजीटी पदों को भरने की उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
गेहड़वीं (बिलासपुर)। प्रदेश बीएड बेरोजगार यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष राजेश गौतम ने कहा कि सरकारी स्कूलों में टीजीटी शिक्षकों की भारी कमी ने शिक्षा व्यवस्था को गंभीर चुनौती दे दी है। ग्रामीण और दूरदराज इलाकों के स्कूलों में विषय विशेषज्ञ शिक्षकों के अभाव में एक ही शिक्षक को कई विषय पढ़ाने पड़ रहे हैं, जिससे विद्यार्थियों की शिक्षा गुणवत्ता पर सीधा असर पड़ रहा है।
प्रेस को जारी बयान में उन्होंने कहा कि भर्ती नियमों के प्रावधानों को दरकिनार किया जा रहा है, जिससे विद्यार्थी और पात्र युवा दोनों प्रभावित हो रहे हैं। शिक्षा विभाग के नियमों के अनुसार टीजीटी भर्ती में 50 प्रतिशत पद बैच वाइज और 50 प्रतिशत पद हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग के माध्यम से भरे जाने का प्रावधान है, लेकिन वर्तमान सरकार ने लंबे समय से बैच वाइज भर्ती प्रक्रिया को आगे नहीं बढ़ाया है। इससे पात्र अभ्यर्थी आयु सीमा से बाहर हो रहे हैं। राजेश गौतम ने कहा कि जब तक छात्र को उस विषय का विशेषज्ञ अध्यापक नहीं मिलेगा, तब तक शिक्षा की गुणवत्ता सुनिश्चित नहीं की जा सकती। यह विद्यार्थियों के शैक्षणिक भविष्य के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने कहा कि मार्च के बाद स्कूलों में शिक्षकों की कमी और गंभीर हो जाएगी, जिससे नया शैक्षणिक सत्र प्रभावित होगा। यूनियन ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर से व्यक्तिगत हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने आग्रह किया कि बैच वाइज पदों को भरा जाए, ताकि विद्यार्थियों को अच्छी शिक्षा मिल सके और पात्र युवाओं को रोजगार मिले।
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संवाद न्यूज एजेंसी
गेहड़वीं (बिलासपुर)। प्रदेश बीएड बेरोजगार यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष राजेश गौतम ने कहा कि सरकारी स्कूलों में टीजीटी शिक्षकों की भारी कमी ने शिक्षा व्यवस्था को गंभीर चुनौती दे दी है। ग्रामीण और दूरदराज इलाकों के स्कूलों में विषय विशेषज्ञ शिक्षकों के अभाव में एक ही शिक्षक को कई विषय पढ़ाने पड़ रहे हैं, जिससे विद्यार्थियों की शिक्षा गुणवत्ता पर सीधा असर पड़ रहा है।
प्रेस को जारी बयान में उन्होंने कहा कि भर्ती नियमों के प्रावधानों को दरकिनार किया जा रहा है, जिससे विद्यार्थी और पात्र युवा दोनों प्रभावित हो रहे हैं। शिक्षा विभाग के नियमों के अनुसार टीजीटी भर्ती में 50 प्रतिशत पद बैच वाइज और 50 प्रतिशत पद हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग के माध्यम से भरे जाने का प्रावधान है, लेकिन वर्तमान सरकार ने लंबे समय से बैच वाइज भर्ती प्रक्रिया को आगे नहीं बढ़ाया है। इससे पात्र अभ्यर्थी आयु सीमा से बाहर हो रहे हैं। राजेश गौतम ने कहा कि जब तक छात्र को उस विषय का विशेषज्ञ अध्यापक नहीं मिलेगा, तब तक शिक्षा की गुणवत्ता सुनिश्चित नहीं की जा सकती। यह विद्यार्थियों के शैक्षणिक भविष्य के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने कहा कि मार्च के बाद स्कूलों में शिक्षकों की कमी और गंभीर हो जाएगी, जिससे नया शैक्षणिक सत्र प्रभावित होगा। यूनियन ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर से व्यक्तिगत हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने आग्रह किया कि बैच वाइज पदों को भरा जाए, ताकि विद्यार्थियों को अच्छी शिक्षा मिल सके और पात्र युवाओं को रोजगार मिले।
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