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Bilaspur News: स्वारघाट मिला नगर पंचायत दर्जा
Sat, 21 Dec 2024 11:27 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Sat, 21 Dec 2024 11:27 PM IST
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-नपं में आने के बाद भी लोगों के परंपरागत अधिकार रहेंगे सुरक्षित
-निर्वाचन आयोग के सचिव को नपं के तहत चुनाव प्रक्रिया की तैयारी के भी दिए आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। प्रदेश सरकार ने स्वारघाट को नगर पंचायत का दर्जा देकर क्षेत्र के विकास की नई इबारत लिखने की ओर कदम बढ़ाया है। शहरी विकास विभाग ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है। राज्यपाल ने इस नगर पंचायत के गठन को मंजूरी दी है।
प्रारंभिक अधिसूचना के तहत 24 नवंबर को हिमाचल प्रदेश के ई-गजट में नगर पंचायत के गठन का प्रस्ताव प्रकाशित किया गया था। इस पर प्रभावित व्यक्तियों से सुझाव और आपत्तियां मांगी गई थीं। दो सप्ताह की समय सीमा के भीतर प्राप्त आपत्तियों पर सरकार ने विचार किया और उनके समाधान के बाद स्वारघाट को नगर पंचायत घोषित किया। राज्यपाल ने नगरपालिका अधिनियम की धारा 3(2) और 6(6) के तहत नगर पंचायत स्वारघाट के गठन को मंजूरी दी। यह अधिसूचना ई-गजट में इसके प्रकाशन की तारीख से प्रभावी मानी जाएगी। सरकार ने स्वारघाट नगर पंचायत के निवासियों को तीन वर्ष तक संपत्ति कर से छूट प्रदान की है। यह छूट नागरिकों को आर्थिक राहत देने और क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा देने के लिए दी गई है। इसके अलावा, अधिसूचना में यह भी सुनिश्चित किया गया है कि निवासियों के परंपरागत अधिकार सुरक्षित रहेंगे। अधिसूचना के अनुसार, पंचायती राज विभाग को निर्देश दिया गया है कि स्वारघाट नगर पंचायत के क्षेत्रों को संबंधित ग्राम पंचायत या सभा क्षेत्र से तुरंत अलग करने के लिए अधिसूचना जारी करें।
विभिन्न विभागों और अधिकारियों को यह निर्देश दिए गए हैं। इसमें पंचायती राज विभाग सचिव को ग्राम पंचायत क्षेत्र से नगर पंचायत क्षेत्रों को अलग करने की अधिसूचना जारी करने के आदेश हुए हैं।
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इसके अलावा निर्वाचन आयोग के सचिव को आदेश दिए गए हैं कि वो नगर पंचायत के तहत चुनाव प्रक्रिया की तैयारी करें। शहरी विकास निदेशक को कहा गया है कि नगर पंचायत में शहरी विकास से जुड़ी सभी योजनाओं को लागू करें।
उपायुक्त, बिलासपुर को नगर पंचायत गठन और इससे जुड़े प्रशासनिक कार्यों को सुचारू रूप से लागू करने के आदेश अधिसूचना में हुए हैं। जनगणना कार्य निदेशक को कहा गया है कि नगर पंचायत में शामिल क्षेत्रों का डाटा अद्यतन करें।
कोट
नए युग की शुरुआत
उपायुक्त बिलासपुर आबिद हुसैन सादिक ने कहा कि स्वारघाट को नगर पंचायत घोषित कर दिया गया है। नगर पंचायत बनने से स्वारघाट क्षेत्र को शहरी सुविधाओं और योजनाओं का सीधा लाभ मिलेगा। सड़क, पेयजल, स्वच्छता, और सीवरेज जैसी शहरी सेवाओं का विस्तार होगा। कहा कि नगर पंचायत में मुहाल दभेटा, काथला, धार भारठा, कुटेहला, मटनोह, क्यारियां, पंगा , ठापना, मझेर, समलेटु, जाबल, भुलन का कुल 1213 हेक्टेयर क्षेत्रफल कवर होगा।
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-निर्वाचन आयोग के सचिव को नपं के तहत चुनाव प्रक्रिया की तैयारी के भी दिए आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। प्रदेश सरकार ने स्वारघाट को नगर पंचायत का दर्जा देकर क्षेत्र के विकास की नई इबारत लिखने की ओर कदम बढ़ाया है। शहरी विकास विभाग ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है। राज्यपाल ने इस नगर पंचायत के गठन को मंजूरी दी है।
प्रारंभिक अधिसूचना के तहत 24 नवंबर को हिमाचल प्रदेश के ई-गजट में नगर पंचायत के गठन का प्रस्ताव प्रकाशित किया गया था। इस पर प्रभावित व्यक्तियों से सुझाव और आपत्तियां मांगी गई थीं। दो सप्ताह की समय सीमा के भीतर प्राप्त आपत्तियों पर सरकार ने विचार किया और उनके समाधान के बाद स्वारघाट को नगर पंचायत घोषित किया। राज्यपाल ने नगरपालिका अधिनियम की धारा 3(2) और 6(6) के तहत नगर पंचायत स्वारघाट के गठन को मंजूरी दी। यह अधिसूचना ई-गजट में इसके प्रकाशन की तारीख से प्रभावी मानी जाएगी। सरकार ने स्वारघाट नगर पंचायत के निवासियों को तीन वर्ष तक संपत्ति कर से छूट प्रदान की है। यह छूट नागरिकों को आर्थिक राहत देने और क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा देने के लिए दी गई है। इसके अलावा, अधिसूचना में यह भी सुनिश्चित किया गया है कि निवासियों के परंपरागत अधिकार सुरक्षित रहेंगे। अधिसूचना के अनुसार, पंचायती राज विभाग को निर्देश दिया गया है कि स्वारघाट नगर पंचायत के क्षेत्रों को संबंधित ग्राम पंचायत या सभा क्षेत्र से तुरंत अलग करने के लिए अधिसूचना जारी करें।
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विभिन्न विभागों और अधिकारियों को यह निर्देश दिए गए हैं। इसमें पंचायती राज विभाग सचिव को ग्राम पंचायत क्षेत्र से नगर पंचायत क्षेत्रों को अलग करने की अधिसूचना जारी करने के आदेश हुए हैं।
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इसके अलावा निर्वाचन आयोग के सचिव को आदेश दिए गए हैं कि वो नगर पंचायत के तहत चुनाव प्रक्रिया की तैयारी करें। शहरी विकास निदेशक को कहा गया है कि नगर पंचायत में शहरी विकास से जुड़ी सभी योजनाओं को लागू करें।
उपायुक्त, बिलासपुर को नगर पंचायत गठन और इससे जुड़े प्रशासनिक कार्यों को सुचारू रूप से लागू करने के आदेश अधिसूचना में हुए हैं। जनगणना कार्य निदेशक को कहा गया है कि नगर पंचायत में शामिल क्षेत्रों का डाटा अद्यतन करें।
कोट
नए युग की शुरुआत
उपायुक्त बिलासपुर आबिद हुसैन सादिक ने कहा कि स्वारघाट को नगर पंचायत घोषित कर दिया गया है। नगर पंचायत बनने से स्वारघाट क्षेत्र को शहरी सुविधाओं और योजनाओं का सीधा लाभ मिलेगा। सड़क, पेयजल, स्वच्छता, और सीवरेज जैसी शहरी सेवाओं का विस्तार होगा। कहा कि नगर पंचायत में मुहाल दभेटा, काथला, धार भारठा, कुटेहला, मटनोह, क्यारियां, पंगा , ठापना, मझेर, समलेटु, जाबल, भुलन का कुल 1213 हेक्टेयर क्षेत्रफल कवर होगा।