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Bilaspur News: स्वारघाट, गरामोड़ा टोल बना लोगों के लिए सिरदर्द

Sat, 27 Dec 2025 11:42 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर Updated Sat, 27 Dec 2025 11:42 PM IST
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Swarghat, Garamoda toll has become a headache for the people.
फोरलेन पर टोल प्लाजा के पास जाम में फंसी एंबुलेंस। स्रोत: जागरूक पाठक
कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन पर घंटों जाम, एंबुलेंस तक फंसी
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एम्स बिलासपुर जाने वाले मरीजों की बढ़ीं मुश्किलें
प्रदेश में आने वाले पर्यटकों को भी करना पड़ रहा परेशानी का सामना

संवाद न्यूज एजेंसी
स्वारघाट (बिलासपुर)। कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन पर गरामोड़ा स्थित टोल टैक्स नाका इन दिनों आम जनता के लिए जी का जंजाल बन चुका है। गरामोड़ा टोल प्लाजा से लेकर हिमाचल एंट्री मोड़ा टोल बैरियर तक रोजाना कई-कई किलोमीटर लंबा ट्रैफिक जाम लगना अब आम बात हो गई है। इस जाम ने यात्रियों, स्थानीय लोगों और खासकर आपातकालीन सेवाओं की रफ्तार थाम दी है। शनिवार को भी यात्रियों और मरीजों को इससे जूझना पड़ा।

सुबह और शाम के पीक आवर्स में वाहनों की संख्या अचानक बढ़ने से स्थिति और भी विकट हो जाती है। इस तरह की परेशानी हर हो रही है। वाहन चालकों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में घंटों का अतिरिक्त समय लग रहा है। हालात इतने खराब हैं कि गंभीर मरीजों को ले जा रही एंबुलेंस तक कई बार जाम में फंस जाती है। सायरन बजाने के बावजूद कई बार एंबुलेंस को आगे बढ़ने का रास्ता नहीं मिल पाता, जो मानव जीवन के लिए गंभीर खतरे का संकेत है। बड़ी बात यह है कि यही फोरलेन बिलासपुर स्थित एम्स बिलासपुर के लिए जीवन रेखा माना जाता है। दूर-दराज क्षेत्रों से आने वाले गंभीर मरीज इसी रास्ते से इमरजेंसी में अस्पताल पहुंचते हैं, लेकिन टोल नाके पर लगने वाला लंबा जाम उनकी परेशानी कई गुना बढ़ा रहा है। गरामोड़ा टोल टैक्स नाके से सरकार को हर वर्ष करोड़ों रुपये का राजस्व प्राप्त होता है, लेकिन यात्रियों की सुविधाओं के नाम पर यहां कोई ठोस व्यवस्था नजर नहीं आती। टोल ठेकेदार केवल शुल्क वसूली तक सीमित है, जबकि ट्रैफिक प्रबंधन और जन सुविधाओं की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। नववर्ष और छुट्टियों के चलते इन दिनों हिमाचल की ओर पर्यटकों की भारी आमद हो रही है। 24 घंटे में चार हजार के करीब वाहन प्रदेश में प्रवेश कर रहे हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में घूमने जाने वाले सैलानियों की बढ़ती संख्या के कारण फोरलेन पर वाहनों का दबाव सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना बढ़ गया है। नतीजतन गरामोड़ा टोल से लेकर मोड़ा टोल बैरियर तक ट्रैफिक की रफ्तार थम सी गई है। जाम का असर केवल सैलानियों तक सीमित नहीं है। स्थानीय लोग, नौकरीपेशा कर्मचारी, व्यापारी और स्कूली बच्चे सभी इससे प्रभावित हो रहे हैं। ऐसे में लोगों में भारी नाराजगी है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि टोल प्लाजा पर अतिरिक्त काउंटर खोले जाएं, पीक टाइम में ट्रैफिक पुलिस की तैनाती बढ़ाई जाए और आपातकालीन वाहनों के लिए अलग लेन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि एम्बुलेंस और अन्य जरूरी सेवाएं बिना किसी रुकावट के निकल सकें। फिलहाल यात्री और स्थानीय निवासी प्रशासन से जल्द राहत की उम्मीद लगाए बैठे हैं, ताकि इस महत्वपूर्ण फोरलेन मार्ग पर जाम की समस्या से निजात मिल सके और लोगों को सुरक्षित व सुगम यात्रा का अधिकार मिल सके।

फोरलेन पर टोल प्लाजा के पास जाम में फंसी एंबुलेंस। स्रोत: जागरूक पाठक

फोरलेन पर टोल प्लाजा के पास जाम में फंसी एंबुलेंस। स्रोत: जागरूक पाठक

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