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Bilaspur News: पीएम श्री तलाई पाठशाला में अध्यापकों की कमी से प्रभावित हो रही पढ़ाई
Mon, 05 May 2025 11:21 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Mon, 05 May 2025 11:21 PM IST
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तलाई स्कूल का गेट। संवाद
शिक्षा का सच
-अंग्रेजी विषय का एक प्रवक्ता 230 बच्चों को पढ़ा रहा
-अतिरिक्त प्रवक्ता नहीं होने से एक ही सेक्शन में बैठ रहे 135 बच्चे
-इतिहास के प्रवक्ता का पद भी खाली, अन्य विषय के अध्यापक ले रहे क्लास
-बजट के अभाव से रुका विज्ञान भवन का भी काम
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। पीएम श्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला तलाई में अध्यापकों की कमी से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। इसके अलावा स्कूल में गैर शिक्षण स्टाफ की भी कमी है। स्कूल में कार्यरत अंग्रेजी विषय का एक प्रवक्ता 11वीं और 12वीं कक्षा के करीब 230 बच्चों को पढ़ाई करवा रहा हैं। हालत यह है कि अंग्रेजी विषय का अतिरिक्त प्रवक्ता नहीं होने से 11वीं के एक ही सेक्शन में करीब 135 बच्चे बैठ कर पढ़ाई कर रहे हैं।
तलाई पाठशाला को पिछले साल ही पीएम श्री विद्यालय का दर्जा मिला है और यह अपने क्षेत्र का सबसे बड़ा स्कूल है। यहां पर दूर-दराज के इलाकों से बच्चे पढ़ाई करने आते हैं। कई अभिभावकों ने अपने बच्चों का दाखिला निजी स्कूलों से हटाकर यहां दिलाया है, लेकिन अब उन्हें मायूसी का सामना करना पड़ रहा है। अंग्रेजी विषय का एक ही पद होने के कारण बच्चों की पढ़ाई बुरी तरह से प्रभावित हो रही है। इतने बड़े और सम्मानित स्कूल में इस विषय का अतिरिक्त पद न होना विभागीय उदासीनता को उजागर करता है। एसएमसी प्रधान अशोक कौशल सहित अन्य सदस्य कई बार स्कूल में अतिरिक्त प्रवक्ता पद सृजित करने का प्रस्ताव सरकार व विभाग को भेज चुके है और अन्य पाठशाला से प्रतिनियुक्ति पर अंग्रेजी प्रवक्ता नियुक्त करने की भी मांग कर चुके हैं, लेकिन उनकी तरफ से कोई कार्रवाई नहीं की गई। स्कूल में इतिहास प्रवक्ता का पद भी करीब डेढ़ माह से खाली चल रहा है। मजबूरी में अन्य विषय के अध्यापक बच्चों को इतिहास की पढ़ाई करा रहे हैं। इसके अलावा पाठशाला में सुपरिन्टेंडेंट और चपरासी का भी एक पद रिक्त हैं।
इनसेट
शौचालय की हालत खस्ता, भवन का निर्माण भी अधूरा
स्कूल के शौचालय की हालत अत्यंत दयनीय है। जर्जर अवस्था में मौजूद इन शौचालयों का उपयोग करना बच्चों के लिए खतरे से खाली नहीं है। उनकी छतों से सीमेंट निकल रहा है। मजबूरन स्कूल प्रशासन को उन शौचालयों को बंद करना पड़ा।
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वहीं दूसरी तरफ पाठशाला में पिछले करीब सात साल से बन रहे विज्ञान भवन का निर्माण कार्य बजट के अभाव में रुक गया है। यहां पर बच्चों के लिए कक्षा और प्रयोगशाला की व्यवस्था बनाई जा रही है, लेकिन निर्माण कार्य अधर में लटकने के कारण विद्यार्थियों को इन सुविधाओं से वंचित रहना पड़ रहा हैं। पाठशाला में वर्तमान समय में प्री प्राइमरी से लेकर 12वीं कक्षा तक करीब 750 बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं।
कोट
तलाई पाठशाला में रिक्त पड़े पदों और अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी मिली है। स्कूल प्रबंधन समिति और स्कूल प्रशासन इसके बारे में विभाग को प्रस्ताव भेजे। विभाग इसके लिए उचित कार्रवाई करके समस्याओं का निपटारा करेगा।
रेणु कौशल, उपनिदेशक, उच्च शिक्षा बिलासपुर
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-अंग्रेजी विषय का एक प्रवक्ता 230 बच्चों को पढ़ा रहा
-अतिरिक्त प्रवक्ता नहीं होने से एक ही सेक्शन में बैठ रहे 135 बच्चे
-इतिहास के प्रवक्ता का पद भी खाली, अन्य विषय के अध्यापक ले रहे क्लास
-बजट के अभाव से रुका विज्ञान भवन का भी काम
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। पीएम श्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला तलाई में अध्यापकों की कमी से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। इसके अलावा स्कूल में गैर शिक्षण स्टाफ की भी कमी है। स्कूल में कार्यरत अंग्रेजी विषय का एक प्रवक्ता 11वीं और 12वीं कक्षा के करीब 230 बच्चों को पढ़ाई करवा रहा हैं। हालत यह है कि अंग्रेजी विषय का अतिरिक्त प्रवक्ता नहीं होने से 11वीं के एक ही सेक्शन में करीब 135 बच्चे बैठ कर पढ़ाई कर रहे हैं।
तलाई पाठशाला को पिछले साल ही पीएम श्री विद्यालय का दर्जा मिला है और यह अपने क्षेत्र का सबसे बड़ा स्कूल है। यहां पर दूर-दराज के इलाकों से बच्चे पढ़ाई करने आते हैं। कई अभिभावकों ने अपने बच्चों का दाखिला निजी स्कूलों से हटाकर यहां दिलाया है, लेकिन अब उन्हें मायूसी का सामना करना पड़ रहा है। अंग्रेजी विषय का एक ही पद होने के कारण बच्चों की पढ़ाई बुरी तरह से प्रभावित हो रही है। इतने बड़े और सम्मानित स्कूल में इस विषय का अतिरिक्त पद न होना विभागीय उदासीनता को उजागर करता है। एसएमसी प्रधान अशोक कौशल सहित अन्य सदस्य कई बार स्कूल में अतिरिक्त प्रवक्ता पद सृजित करने का प्रस्ताव सरकार व विभाग को भेज चुके है और अन्य पाठशाला से प्रतिनियुक्ति पर अंग्रेजी प्रवक्ता नियुक्त करने की भी मांग कर चुके हैं, लेकिन उनकी तरफ से कोई कार्रवाई नहीं की गई। स्कूल में इतिहास प्रवक्ता का पद भी करीब डेढ़ माह से खाली चल रहा है। मजबूरी में अन्य विषय के अध्यापक बच्चों को इतिहास की पढ़ाई करा रहे हैं। इसके अलावा पाठशाला में सुपरिन्टेंडेंट और चपरासी का भी एक पद रिक्त हैं।
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इनसेट
शौचालय की हालत खस्ता, भवन का निर्माण भी अधूरा
स्कूल के शौचालय की हालत अत्यंत दयनीय है। जर्जर अवस्था में मौजूद इन शौचालयों का उपयोग करना बच्चों के लिए खतरे से खाली नहीं है। उनकी छतों से सीमेंट निकल रहा है। मजबूरन स्कूल प्रशासन को उन शौचालयों को बंद करना पड़ा।
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वहीं दूसरी तरफ पाठशाला में पिछले करीब सात साल से बन रहे विज्ञान भवन का निर्माण कार्य बजट के अभाव में रुक गया है। यहां पर बच्चों के लिए कक्षा और प्रयोगशाला की व्यवस्था बनाई जा रही है, लेकिन निर्माण कार्य अधर में लटकने के कारण विद्यार्थियों को इन सुविधाओं से वंचित रहना पड़ रहा हैं। पाठशाला में वर्तमान समय में प्री प्राइमरी से लेकर 12वीं कक्षा तक करीब 750 बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं।
कोट
तलाई पाठशाला में रिक्त पड़े पदों और अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी मिली है। स्कूल प्रबंधन समिति और स्कूल प्रशासन इसके बारे में विभाग को प्रस्ताव भेजे। विभाग इसके लिए उचित कार्रवाई करके समस्याओं का निपटारा करेगा।
रेणु कौशल, उपनिदेशक, उच्च शिक्षा बिलासपुर

तलाई स्कूल का गेट। संवाद