{"_id":"67efce66300b41b2d606d994","slug":"students-were-given-training-on-earthquake-and-firefighting-techniques-bilaspur-news-c-92-1-bls1002-134800-2025-04-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bilaspur News: विद्यार्थियों को भूकंप, अग्निशमन तकनीकों का दिया प्रशिक्षण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bilaspur News: विद्यार्थियों को भूकंप, अग्निशमन तकनीकों का दिया प्रशिक्षण
Fri, 04 Apr 2025 11:46 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Fri, 04 Apr 2025 11:46 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
-झंडूता महाविद्यालय में जागरुकता कार्यक्रम का हुआ आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
झंडूता (बिलासपुर)।
राजकीय महाविद्यालय झंडूता की आपदा प्रबंधन समिति के सदस्यों ने प्रदेश सरकार के दिशा-निर्देशानुसार शुक्रवार को भूकंप पर मॉक ड्रिल और जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
इस दौरान भूकंप, आपदा प्रबंधन, अग्निशमन तकनीकों, आपातकालीन प्रतिक्रिया पर बहुमूल्य ज्ञान और व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। इस दौरान दोपहर 12:20 पर भूकंप के आने का सायरन बजा। सायरन बजते ही कॉलेज में कार्यरत लोग अपने आप को बचाने के लिए ऑफिस में स्टूल/मेज के नीचे छिपते नजर आए। वहीं कुछ अपने सिर ढक कर इमारत से बाहर निकलते हुए दिखाई दिए। विद्यार्थियों ने कृत्रिम तरीके से इमारतों के अंदर फंसे हुए लोगों को सकुशल बाहर निकालकर प्राथमिक चिकित्सा भी प्रदान की। कार्यकारी प्राचार्य प्रो. सतीश चंदेल ने इस तरह के अभ्यासों को संभावित आपदाओं से निपटने के लिए जरूरी बताया। इस अवसर पर कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय कुमार सहित शिक्षक और गैर शिक्षक वर्ग उपस्थित रहा।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
झंडूता (बिलासपुर)।
राजकीय महाविद्यालय झंडूता की आपदा प्रबंधन समिति के सदस्यों ने प्रदेश सरकार के दिशा-निर्देशानुसार शुक्रवार को भूकंप पर मॉक ड्रिल और जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
इस दौरान भूकंप, आपदा प्रबंधन, अग्निशमन तकनीकों, आपातकालीन प्रतिक्रिया पर बहुमूल्य ज्ञान और व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। इस दौरान दोपहर 12:20 पर भूकंप के आने का सायरन बजा। सायरन बजते ही कॉलेज में कार्यरत लोग अपने आप को बचाने के लिए ऑफिस में स्टूल/मेज के नीचे छिपते नजर आए। वहीं कुछ अपने सिर ढक कर इमारत से बाहर निकलते हुए दिखाई दिए। विद्यार्थियों ने कृत्रिम तरीके से इमारतों के अंदर फंसे हुए लोगों को सकुशल बाहर निकालकर प्राथमिक चिकित्सा भी प्रदान की। कार्यकारी प्राचार्य प्रो. सतीश चंदेल ने इस तरह के अभ्यासों को संभावित आपदाओं से निपटने के लिए जरूरी बताया। इस अवसर पर कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय कुमार सहित शिक्षक और गैर शिक्षक वर्ग उपस्थित रहा।
विज्ञापन