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Bilaspur News: नशे के दुष्प्रभावों से विद्यार्थियों को किया जागरूक
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शिवा इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी में आयोजित गेस्ट लेक्चर में शपथ लेते विद्यार्थी व स्टाफ। स्रोत: प्
शिवा इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी में ड्रग्स ऑफ एब्यूज पर गेस्ट लेक्चर, फॉरेंसिक जांच की भूमिका भी समझाई
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। युवाओं को नशे के बढ़ते खतरे से जागरूक करने के लिए शिवा इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी में मंगलवार को ‘ड्रग्स ऑफ एब्यूज’ विषय पर गेस्ट लेक्चर आयोजित किया गया। जिला फॉरेंसिक यूनिट बिलासपुर के सहायक निदेशक डॉ. विजय कुमार ने विद्यार्थियों को विभिन्न प्रकार के नशीले और मादक पदार्थों, उनके सेवन से होने वाले नुकसान और नशे से जुड़े मामलों में फॉरेंसिक जांच की भूमिका के बारे में जानकारी दी।डॉ. विजय कुमार ने कहा कि नशीले पदार्थों का सेवन शरीर के साथ मानसिक स्वास्थ्य को भी प्रभावित करता है। लंबे समय तक नशे का सेवन गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों को नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों की जानकारी देते हुए नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित किया। संस्थान की प्रधानाचार्या डॉ. ईशा रानी और प्रबंध निदेशक इंजीनियर पुरुषोत्तम शर्मा ने कार्यक्रम की सराहना की। उन्होंने विद्यार्थियों से नशे से दूर रहने के साथ अपने आसपास के लोगों को भी इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया। कार्यक्रम का मुख्य संदेश टुगेदर फॉर ए ड्रग-फ्री जेनरेशन रहा।
फॉरेंसिक जांच से संदिग्ध पदार्थों की होती है पहचान
लेक्चर के दौरान नशे से जुड़े मामलों की जांच में फॉरेंसिक विज्ञान के महत्व पर भी चर्चा की गई। डॉ. विजय कुमार ने बताया कि फॉरेंसिक जांच के माध्यम से संदिग्ध पदार्थों की पहचान और उनका वैज्ञानिक परीक्षण किया जाता है। इससे जांच एजेंसियों को मामलों की जांच में वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने में मदद मिलती है। विद्यार्थियों ने विषय से संबंधित सवाल पूछे। विशेषज्ञ ने उनके सवालों के जवाब देकर जिज्ञासाओं को शांत किया और नशे के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। युवाओं को नशे के बढ़ते खतरे से जागरूक करने के लिए शिवा इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी में मंगलवार को ‘ड्रग्स ऑफ एब्यूज’ विषय पर गेस्ट लेक्चर आयोजित किया गया। जिला फॉरेंसिक यूनिट बिलासपुर के सहायक निदेशक डॉ. विजय कुमार ने विद्यार्थियों को विभिन्न प्रकार के नशीले और मादक पदार्थों, उनके सेवन से होने वाले नुकसान और नशे से जुड़े मामलों में फॉरेंसिक जांच की भूमिका के बारे में जानकारी दी।डॉ. विजय कुमार ने कहा कि नशीले पदार्थों का सेवन शरीर के साथ मानसिक स्वास्थ्य को भी प्रभावित करता है। लंबे समय तक नशे का सेवन गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों को नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों की जानकारी देते हुए नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित किया। संस्थान की प्रधानाचार्या डॉ. ईशा रानी और प्रबंध निदेशक इंजीनियर पुरुषोत्तम शर्मा ने कार्यक्रम की सराहना की। उन्होंने विद्यार्थियों से नशे से दूर रहने के साथ अपने आसपास के लोगों को भी इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया। कार्यक्रम का मुख्य संदेश टुगेदर फॉर ए ड्रग-फ्री जेनरेशन रहा।
फॉरेंसिक जांच से संदिग्ध पदार्थों की होती है पहचान
लेक्चर के दौरान नशे से जुड़े मामलों की जांच में फॉरेंसिक विज्ञान के महत्व पर भी चर्चा की गई। डॉ. विजय कुमार ने बताया कि फॉरेंसिक जांच के माध्यम से संदिग्ध पदार्थों की पहचान और उनका वैज्ञानिक परीक्षण किया जाता है। इससे जांच एजेंसियों को मामलों की जांच में वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने में मदद मिलती है। विद्यार्थियों ने विषय से संबंधित सवाल पूछे। विशेषज्ञ ने उनके सवालों के जवाब देकर जिज्ञासाओं को शांत किया और नशे के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया।
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