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Bilaspur News: राज्य स्तरीय नलवाड़ी मेला 17 मार्च से, तैयारियां शुरू
Fri, 16 Jan 2026 11:42 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Fri, 16 Jan 2026 11:42 PM IST
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राज्य स्तरीय मेले के आयोजन की तैयारियों को लेकर आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपायुक्त राहु
उपायुक्त राहुल कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक, समितियों के गठन के निर्देश
लोगो प्रतियोगिता, खेलकूद और सांस्कृतिक कार्यक्रम व स्मारिका प्रकाशन पर बनी सहमति
नलवाड़ी मेला जिले का सबसे प्रतिष्ठित आयोजन, किसी भी स्तर पर नहीं होगी कमी
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिले की ऐतिहासिक,सांस्कृतिक और पारंपरिक पहचान माने जाने वाले राज्य स्तरीय नलवाड़ी मेला 2026 का आयोजन इस वर्ष 17 मार्च से 23 मार्च तक किया जाएगा। मेले के सुव्यवस्थित, सफल और भव्य आयोजन को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसी क्रम में उपायुक्त राहुल कुमार की अध्यक्षता में मेले की पहली प्रारंभिक बैठक हुई, जिसमें विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया।
बैठक के दौरान उपायुक्त राहुल कुमार ने कहा कि नलवाड़ी मेला जिला बिलासपुर का सबसे बड़ा और प्रतिष्ठित मेला है, जिसकी पहचान प्रदेश ही नहीं बल्कि राष्ट्रीय स्तर तक है। ऐसे में इसके आयोजन में किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रशासन इस वर्ष मेले को पिछले वर्षों की तुलना में अधिक आकर्षक, भव्य और जनोपयोगी बनाने के लिए पूरी गंभीरता के साथ कार्य कर रहा है। उपायुक्त ने मेले के आयोजन को सफल बनाने के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रमों, खेलकूद प्रतियोगिताओं, पशु मेले, प्रदर्शनी, यातायात व्यवस्था, स्वच्छता, सुरक्षा, विद्युत एवं जल आपूर्ति सहित सभी व्यवस्थाओं के लिए अलग-अलग समितियों के गठन के निर्देश दिए। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को 15 दिनों के भीतर समितियों का गठन सुनिश्चित करने को कहा। इसके बाद शीघ्र ही एक समीक्षा बैठक आयोजित कर तैयारियों की प्रगति की समीक्षा की जाएगी।बैठक में मेले को और अधिक आकर्षक एवं जनसरोकार से जोड़ने के लिए अधिकारियों से सुझाव आमंत्रित किए गए। उपायुक्त ने निर्देश दिए कि सभी अधिकारी आगामी बैठक में ठोस, व्यावहारिक और नवाचारपूर्ण सुझावों के साथ उपस्थित हों, ताकि नलवाड़ी मेले को नई पहचान दी जा सके। उपायुक्त राहुल कुमार ने बताया कि मेले के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ-साथ कुश्ती प्रतियोगिता, राज्य स्तरीय एवं जिला स्तरीय खेल प्रतियोगिताएं विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगी।
इसके अलावा वरिष्ठ नागरिक दौड़, बेबी शो, डॉग शो, मेंहदी प्रतियोगिता तथा रंगोली प्रतियोगिताओं के आयोजन पर भी विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में मेले के दौरान स्मारिका प्रकाशित करने पर भी विचार किया गया। स्मारिका में जिले के साहित्यकारों, लेखकों एवं कवियों की रचनाओं के साथ-साथ बिलासपुर के गौरवशाली इतिहास, सांस्कृतिक विरासत और नलवाड़ी मेले की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि से संबंधित लेख शामिल किए जाएंगे। निर्देश दिए कि सांस्कृतिक कार्यक्रमों का चयन इस प्रकार किया जाए कि हर आयु वर्ग के लोगों का मनोरंजन हो सके। साथ ही बिलासपुर की लोक संस्कृति, लोकनृत्य, लोकगीत, परंपराएं और सांस्कृतिक विरासत को विशेष रूप से मंच प्रदान किया जाए। कहा कि मेले, पर्व और त्योहार हमारी समृद्ध लोक सांस्कृतिक विरासत के अभिन्न अंग हैं। नलवाड़ी मेला परंपरागत रूप से पशु मेले के रूप में प्रसिद्ध रहा है, लेकिन समय के साथ इसमें विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक और खेल गतिविधियों को जोड़कर इसका स्वरूप और व्यापक बनाया गया है। मेले के मौलिक स्वरूप को बनाए रखते हुए इसे आधुनिक दृष्टिकोण के साथ और अधिक भव्य बनाया जाएगा, ताकि यह मेला राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सके। बैठक में पुलिस अधीक्षक संदीप धवल, अतिरिक्त उपायुक्त ओम कांत ठाकुर, सहायक आयुक्त राजकुमार सहित सभी विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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इनसेट
राज्य स्तरीय नलवाड़ी मेले के लिए एक विशेष लोगो होगा तैयार
इस वर्ष राज्य स्तरीय नलवाड़ी मेले के लिए एक विशेष लोगो तैयार किया जाएगा। इसके लिए लोगो डिजाइन प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी, जिसमें सबसे आकर्षक और उपयुक्त लोगो तैयार करने वाले प्रतिभागी को जिला प्रशासन की ओर से पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य नलवाड़ी मेले को एक विशिष्ट पहचान देना तथा युवाओं और रचनात्मक प्रतिभाओं को अपनी कला प्रदर्शित करने का अवसर देना है। उन्होंने आम जनता से भी अपील की कि राज्य स्तरीय नलवाड़ी मेला 2026 को सफल और यादगार बनाने के लिए अपने रचनात्मक और सकारात्मक सुझाव सहायक आयुक्त कार्यालय में प्रस्तुत करें।
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लोगो प्रतियोगिता, खेलकूद और सांस्कृतिक कार्यक्रम व स्मारिका प्रकाशन पर बनी सहमति
नलवाड़ी मेला जिले का सबसे प्रतिष्ठित आयोजन, किसी भी स्तर पर नहीं होगी कमी
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिले की ऐतिहासिक,सांस्कृतिक और पारंपरिक पहचान माने जाने वाले राज्य स्तरीय नलवाड़ी मेला 2026 का आयोजन इस वर्ष 17 मार्च से 23 मार्च तक किया जाएगा। मेले के सुव्यवस्थित, सफल और भव्य आयोजन को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसी क्रम में उपायुक्त राहुल कुमार की अध्यक्षता में मेले की पहली प्रारंभिक बैठक हुई, जिसमें विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया।
बैठक के दौरान उपायुक्त राहुल कुमार ने कहा कि नलवाड़ी मेला जिला बिलासपुर का सबसे बड़ा और प्रतिष्ठित मेला है, जिसकी पहचान प्रदेश ही नहीं बल्कि राष्ट्रीय स्तर तक है। ऐसे में इसके आयोजन में किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रशासन इस वर्ष मेले को पिछले वर्षों की तुलना में अधिक आकर्षक, भव्य और जनोपयोगी बनाने के लिए पूरी गंभीरता के साथ कार्य कर रहा है। उपायुक्त ने मेले के आयोजन को सफल बनाने के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रमों, खेलकूद प्रतियोगिताओं, पशु मेले, प्रदर्शनी, यातायात व्यवस्था, स्वच्छता, सुरक्षा, विद्युत एवं जल आपूर्ति सहित सभी व्यवस्थाओं के लिए अलग-अलग समितियों के गठन के निर्देश दिए। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को 15 दिनों के भीतर समितियों का गठन सुनिश्चित करने को कहा। इसके बाद शीघ्र ही एक समीक्षा बैठक आयोजित कर तैयारियों की प्रगति की समीक्षा की जाएगी।बैठक में मेले को और अधिक आकर्षक एवं जनसरोकार से जोड़ने के लिए अधिकारियों से सुझाव आमंत्रित किए गए। उपायुक्त ने निर्देश दिए कि सभी अधिकारी आगामी बैठक में ठोस, व्यावहारिक और नवाचारपूर्ण सुझावों के साथ उपस्थित हों, ताकि नलवाड़ी मेले को नई पहचान दी जा सके। उपायुक्त राहुल कुमार ने बताया कि मेले के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ-साथ कुश्ती प्रतियोगिता, राज्य स्तरीय एवं जिला स्तरीय खेल प्रतियोगिताएं विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगी।
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इसके अलावा वरिष्ठ नागरिक दौड़, बेबी शो, डॉग शो, मेंहदी प्रतियोगिता तथा रंगोली प्रतियोगिताओं के आयोजन पर भी विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में मेले के दौरान स्मारिका प्रकाशित करने पर भी विचार किया गया। स्मारिका में जिले के साहित्यकारों, लेखकों एवं कवियों की रचनाओं के साथ-साथ बिलासपुर के गौरवशाली इतिहास, सांस्कृतिक विरासत और नलवाड़ी मेले की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि से संबंधित लेख शामिल किए जाएंगे। निर्देश दिए कि सांस्कृतिक कार्यक्रमों का चयन इस प्रकार किया जाए कि हर आयु वर्ग के लोगों का मनोरंजन हो सके। साथ ही बिलासपुर की लोक संस्कृति, लोकनृत्य, लोकगीत, परंपराएं और सांस्कृतिक विरासत को विशेष रूप से मंच प्रदान किया जाए। कहा कि मेले, पर्व और त्योहार हमारी समृद्ध लोक सांस्कृतिक विरासत के अभिन्न अंग हैं। नलवाड़ी मेला परंपरागत रूप से पशु मेले के रूप में प्रसिद्ध रहा है, लेकिन समय के साथ इसमें विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक और खेल गतिविधियों को जोड़कर इसका स्वरूप और व्यापक बनाया गया है। मेले के मौलिक स्वरूप को बनाए रखते हुए इसे आधुनिक दृष्टिकोण के साथ और अधिक भव्य बनाया जाएगा, ताकि यह मेला राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सके। बैठक में पुलिस अधीक्षक संदीप धवल, अतिरिक्त उपायुक्त ओम कांत ठाकुर, सहायक आयुक्त राजकुमार सहित सभी विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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राज्य स्तरीय नलवाड़ी मेले के लिए एक विशेष लोगो होगा तैयार
इस वर्ष राज्य स्तरीय नलवाड़ी मेले के लिए एक विशेष लोगो तैयार किया जाएगा। इसके लिए लोगो डिजाइन प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी, जिसमें सबसे आकर्षक और उपयुक्त लोगो तैयार करने वाले प्रतिभागी को जिला प्रशासन की ओर से पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य नलवाड़ी मेले को एक विशिष्ट पहचान देना तथा युवाओं और रचनात्मक प्रतिभाओं को अपनी कला प्रदर्शित करने का अवसर देना है। उन्होंने आम जनता से भी अपील की कि राज्य स्तरीय नलवाड़ी मेला 2026 को सफल और यादगार बनाने के लिए अपने रचनात्मक और सकारात्मक सुझाव सहायक आयुक्त कार्यालय में प्रस्तुत करें।