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घुमारवीं के दकड़ी चौक में बने स्पीड ब्रेकर लोगों के लिए बने परेशानी का सबब
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घुमारवीं के दकड़ी चौक पर लगाए गए स्पीड ब्रेकर।
- फोटो : BILASPUR
घुमारवीं (बिलासपुर)। राष्ट्रीय राजमार्ग 103 शिमला-धर्मशाला पर घुमारवीं के दकड़ी चौक के पास स्पीड ब्रेकर लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गए हैं। नेशनल हाईवे पर तारकोल के स्पीड ब्रेकर लगाने का प्रावधान नहीं है। नियमों को ताक पर रखकर विभाग ने जगह-जगह स्पीड ब्रेकर लगाए हैं। उस स्थान पर स्पीड ब्रेकर का कोई साइन बोर्ड भी नहीं है। इसके कारण हादसे का खतरा बना रहता है।
बता दें कि स्पीड ब्रेकर की वजह से दकड़ी चौक के साथ लगती आबादी के लिए सिरदर्द शुरू हो गया है। जब कोई भी भारी भरकम गाड़ी स्पीड ब्रेकर के ऊपर से गुजरते हैं तो 100 मीटर दायरे में आने वाले मकानों में गाड़ियों की कंपन के कारण भूकंप का एहसास होता है। इसके कारण अब उनके घर में दरारें पड़ना भी शुरू हो गई हैं। साइन बोर्ड भी न होने के कारण चालकों को जोर का झटका लगता है। लोगों का कहना है कि उन्होंने प्रशासन और खाद्य आपूर्ति मंत्री को इस समस्या के लिए शिकायत पत्र दिया था। अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
स्थानीय निवासी पंकज शर्मा ने कहा की जब भी स्पीड ब्रेकर के ऊपर से गाड़ी गुजरती है तो उनका 3 मंजिला मकान हिलता है। इसके कारण पूरे मकान में जगह-जगह पर दरारें पड़नी शुरू हो गई हैं। जो पानी तथा सीवरेज की पाइप मकान में लगी हैं उनके ज्वाइंट भी हिलना शुरू हो गए हैं।
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रजनीश मेहता ने कहा कि जब भी कोई गाड़ी रात को स्पीड ब्रेकर से गुजरती है तो छोटे-छोटे बच्चे डर कर उठ जाते हैं। ऐसा लगता है जैसे भूकंप आ गया हो।
संजय महाजन ने कहा कि जिस दिन से स्पीड ब्रेकर लगाए गए हैं। उस दिन से प्रतिदिन कोई न कोई दो पहिया वाहन वाला स्पीड ब्रेकर्स की वजह से गिर रहा है। भगवान की कृपा से किसी के साथ अनहोनी नहीं घटी है। प्रशासन और विभाग इसको नजरअंदाज कर रहा है। इस कारण कभी भी अनहोनी हो सकती है।
दलजीत ठाकुर ने कहा कि स्पीड ब्रेकर के पास कोई भी साइन बोर्ड नहीं है। इससे की पता लग सके कि आगे स्पीड ब्रेकर है। इससे चालक समय पर गाड़ी की रफ्ततार धीमी न कर पा रहे हैं। इससे हमेशा हादसा होने का अंदेशा रहता है।
राष्ट्रीय राजमार्ग के एसडीओ धर्म सिंह ने कहा कि सड़क मंत्रालय की तरफ से जो दिशानिर्देश जारी हुए हैं। उनके मानकों के अनुसार ही रमबंल सट्रीटस लगाए गए हैं। यह चालकों की सुरक्षा दृष्टिकोण से लगाएं जाते हैं।
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बता दें कि स्पीड ब्रेकर की वजह से दकड़ी चौक के साथ लगती आबादी के लिए सिरदर्द शुरू हो गया है। जब कोई भी भारी भरकम गाड़ी स्पीड ब्रेकर के ऊपर से गुजरते हैं तो 100 मीटर दायरे में आने वाले मकानों में गाड़ियों की कंपन के कारण भूकंप का एहसास होता है। इसके कारण अब उनके घर में दरारें पड़ना भी शुरू हो गई हैं। साइन बोर्ड भी न होने के कारण चालकों को जोर का झटका लगता है। लोगों का कहना है कि उन्होंने प्रशासन और खाद्य आपूर्ति मंत्री को इस समस्या के लिए शिकायत पत्र दिया था। अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
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स्थानीय निवासी पंकज शर्मा ने कहा की जब भी स्पीड ब्रेकर के ऊपर से गाड़ी गुजरती है तो उनका 3 मंजिला मकान हिलता है। इसके कारण पूरे मकान में जगह-जगह पर दरारें पड़नी शुरू हो गई हैं। जो पानी तथा सीवरेज की पाइप मकान में लगी हैं उनके ज्वाइंट भी हिलना शुरू हो गए हैं।
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रजनीश मेहता ने कहा कि जब भी कोई गाड़ी रात को स्पीड ब्रेकर से गुजरती है तो छोटे-छोटे बच्चे डर कर उठ जाते हैं। ऐसा लगता है जैसे भूकंप आ गया हो।
संजय महाजन ने कहा कि जिस दिन से स्पीड ब्रेकर लगाए गए हैं। उस दिन से प्रतिदिन कोई न कोई दो पहिया वाहन वाला स्पीड ब्रेकर्स की वजह से गिर रहा है। भगवान की कृपा से किसी के साथ अनहोनी नहीं घटी है। प्रशासन और विभाग इसको नजरअंदाज कर रहा है। इस कारण कभी भी अनहोनी हो सकती है।
दलजीत ठाकुर ने कहा कि स्पीड ब्रेकर के पास कोई भी साइन बोर्ड नहीं है। इससे की पता लग सके कि आगे स्पीड ब्रेकर है। इससे चालक समय पर गाड़ी की रफ्ततार धीमी न कर पा रहे हैं। इससे हमेशा हादसा होने का अंदेशा रहता है।
राष्ट्रीय राजमार्ग के एसडीओ धर्म सिंह ने कहा कि सड़क मंत्रालय की तरफ से जो दिशानिर्देश जारी हुए हैं। उनके मानकों के अनुसार ही रमबंल सट्रीटस लगाए गए हैं। यह चालकों की सुरक्षा दृष्टिकोण से लगाएं जाते हैं।