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Bilaspur News: स्वयंसेवियों, युवाओं को दिया जा रहा आपदा प्रबंधन का विशेष प्रशिक्षण
Wed, 27 Aug 2025 11:38 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Wed, 27 Aug 2025 11:38 PM IST
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भराड़ी की ग्राम पंचायत गाहर में आयोजित आपदा प्रबंधन कार्यशाला में मौजूद स्वयंसेवी। संवाद
आपदा प्रबंधन बिलासपुर की ओर से गाहर पंचायत में हुई कार्यशाला
स्थानीय स्तर पर आपदा से निपटने का दिया जा रहा प्रशिक्षण
संवाद न्यूज एजेंसी
भराड़ी (बिलासपुर)। आपदा प्रबंधन कार्यालय बिलासपुर की ओर से उपतहसील भराड़ी की गाहर पंचायत में तीन दिवसीय आपदा प्रबंधन कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। इसमें ग्रामीण स्तर पर युवाओं और स्वयंसेवियों को आपदा प्रबंधन और आगजनी से बचाव संबंधित विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। आपदा प्रबंधन की ओर से करीब 50 स्वयंसेवियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
कार्यशाला में प्रशिक्षक उदय शर्मा ने स्वयंसेवियों को आपदाओं से निपटने की मूलभूत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य ग्राम स्तर पर एक ऐसी टीम तैयार करना है जो आपातकालीन परिस्थितियों में तुरंत राहत और बचाव कार्य कर सके। अक्सर प्राकृतिक आपदाओं या आगजनी की घटनाओं में मदद पहुंचने में समय लग जाता है। ऐसे में प्रशिक्षित स्वयंसेवी प्रारंभिक बचाव कार्य कर सकें तो नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है। कार्यशाला में स्वयंसेवियों को तीन मुख्य विषयों पर प्रशिक्षित किया जा रहा है, जिसमें आग से बचाव, प्राकृतिक आपदाओं से निपटने की तकनीक और स्वास्थ्य संबंधी प्राथमिक उपचार शामिल है। प्रशिक्षक ने युवाओं को बताया कि किसी भी आपदा के दौरान घबराना नहीं चाहिए, बल्कि शांत मन से परिस्थिति का आकलन कर उचित कदम उठाने चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने प्राथमिक उपचार किट और आवश्यक सुरक्षा उपकरणों के महत्व पर भी प्रकाश डाला।
फायर एंड सेफ्टी विभाग से विवेंद्र ठाकुर ने आग लगने की स्थिति में सबसे पहले क्या कदम उठाने चाहिए, इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गैस सिलिंडर में आग लगने, घर में शॉर्ट सर्किट होने या खेतों में आग फैलने की स्थिति में किस तरह पानी, मिट्टी, रेत या अग्निशामक यंत्र का सही प्रयोग किया जा सकता है। कार्यशाला के अंतिम दिन 29 अगस्त को फायर विभाग द्वारा प्रायोगिक प्रदर्शन किया जाएगा, जिसमें आग बुझाने की विधि, भूकंप से बचाव की तकनीक और लोगों को सुरक्षित स्थान पर ले जाने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस अवसर पर गाहर पंचायत प्रधान तारा चंद धीमान ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम बेहद आवश्यक हैं, क्योंकि पहाड़ी इलाकों में आपदा आने पर राहत व बचाव दलों को पहुंचने में समय लग जाता है। अगर स्थानीय युवाओं को प्रशिक्षित कर तैयार किया जाए तो नुकसान को कम किया जा सकता है। इस मौके पर पंचायत के उप प्रधान अजय शर्मा, पंचायत सचिव रमेश कुमार, वार्ड सदस्य अमीचंद सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
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स्थानीय स्तर पर आपदा से निपटने का दिया जा रहा प्रशिक्षण
संवाद न्यूज एजेंसी
भराड़ी (बिलासपुर)। आपदा प्रबंधन कार्यालय बिलासपुर की ओर से उपतहसील भराड़ी की गाहर पंचायत में तीन दिवसीय आपदा प्रबंधन कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। इसमें ग्रामीण स्तर पर युवाओं और स्वयंसेवियों को आपदा प्रबंधन और आगजनी से बचाव संबंधित विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। आपदा प्रबंधन की ओर से करीब 50 स्वयंसेवियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
कार्यशाला में प्रशिक्षक उदय शर्मा ने स्वयंसेवियों को आपदाओं से निपटने की मूलभूत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य ग्राम स्तर पर एक ऐसी टीम तैयार करना है जो आपातकालीन परिस्थितियों में तुरंत राहत और बचाव कार्य कर सके। अक्सर प्राकृतिक आपदाओं या आगजनी की घटनाओं में मदद पहुंचने में समय लग जाता है। ऐसे में प्रशिक्षित स्वयंसेवी प्रारंभिक बचाव कार्य कर सकें तो नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है। कार्यशाला में स्वयंसेवियों को तीन मुख्य विषयों पर प्रशिक्षित किया जा रहा है, जिसमें आग से बचाव, प्राकृतिक आपदाओं से निपटने की तकनीक और स्वास्थ्य संबंधी प्राथमिक उपचार शामिल है। प्रशिक्षक ने युवाओं को बताया कि किसी भी आपदा के दौरान घबराना नहीं चाहिए, बल्कि शांत मन से परिस्थिति का आकलन कर उचित कदम उठाने चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने प्राथमिक उपचार किट और आवश्यक सुरक्षा उपकरणों के महत्व पर भी प्रकाश डाला।
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फायर एंड सेफ्टी विभाग से विवेंद्र ठाकुर ने आग लगने की स्थिति में सबसे पहले क्या कदम उठाने चाहिए, इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गैस सिलिंडर में आग लगने, घर में शॉर्ट सर्किट होने या खेतों में आग फैलने की स्थिति में किस तरह पानी, मिट्टी, रेत या अग्निशामक यंत्र का सही प्रयोग किया जा सकता है। कार्यशाला के अंतिम दिन 29 अगस्त को फायर विभाग द्वारा प्रायोगिक प्रदर्शन किया जाएगा, जिसमें आग बुझाने की विधि, भूकंप से बचाव की तकनीक और लोगों को सुरक्षित स्थान पर ले जाने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस अवसर पर गाहर पंचायत प्रधान तारा चंद धीमान ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम बेहद आवश्यक हैं, क्योंकि पहाड़ी इलाकों में आपदा आने पर राहत व बचाव दलों को पहुंचने में समय लग जाता है। अगर स्थानीय युवाओं को प्रशिक्षित कर तैयार किया जाए तो नुकसान को कम किया जा सकता है। इस मौके पर पंचायत के उप प्रधान अजय शर्मा, पंचायत सचिव रमेश कुमार, वार्ड सदस्य अमीचंद सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
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