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Bilaspur News: लढयाणी में कांवड़ लेकर लौटे शिव भक्तों का हुआ स्वागत
Wed, 23 Jul 2025 11:08 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Wed, 23 Jul 2025 11:08 PM IST
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कांवड़ लेकर लढयाणी गांव पहुंचे शिवभक्त। संवाद
हरिद्वार से गंगाजल लेकर प्राचीन शिव मंदिर पहुंचे भक्त
संवाद न्यूज एजेंसी
भराड़ी(बिलासपुर)। उप तहसील भराड़ी के लढयाणी गांव स्थित प्राचीन शिव मंदिर में कांवड़ लेकर लौटे शिवभक्तों का श्रद्धाभाव से स्वागत किया गया। हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौटे इन श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए ग्रामीणों ने भव्य आयोजन किया।
जैसे ही कांवड़ यात्रा शिवभक्त लढयाणी पहुंचे, पूरे मंदिर परिसर में बम-बम भोले और हर-हर महादेव के जयकारों से वातावरण गूंजायमान हो उठा। ग्रामीणों ने पुष्प वर्षा कर कांवड़ियों का गर्मजोशी से अभिनंदन किया। स्वागत के लिए शिव मंदिर के संतउमेशांनद जी महाराज विशेष रूप से उपस्थित रहे। इस वर्ष लदरौर, मिहाड़ा और आसपास के गांवों से कई शिवभक्तों का जत्था हरिद्वार गया था। कांवड़ियों ने लगभग 20 दिनों की कठिन पैदल यात्रा कर पवित्र गंगाजल एकत्र किया और अब उसी जल से अलग-अलग शिवालयों में जलाभिषेक कर रहे हैं। इस संकल्प यात्रा के दौरान भक्तों ने उपवास, भजन-कीर्तन और सामूहिक प्रार्थनाओं के माध्यम से अपनी श्रद्धा प्रकट की। ग्रामीणों ने इस अवसर पर मंदिर प्रांगण को फूलों और रोशनी से सजाया था। विशेष भंडारे का आयोजन भी किया गया। कार्यक्रम में स्थानीय युवाओं की भागीदारी विशेष रूप से सराहनीय रही, जिन्होंने आयोजन को सफल बनाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
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संवाद न्यूज एजेंसी
भराड़ी(बिलासपुर)। उप तहसील भराड़ी के लढयाणी गांव स्थित प्राचीन शिव मंदिर में कांवड़ लेकर लौटे शिवभक्तों का श्रद्धाभाव से स्वागत किया गया। हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौटे इन श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए ग्रामीणों ने भव्य आयोजन किया।
जैसे ही कांवड़ यात्रा शिवभक्त लढयाणी पहुंचे, पूरे मंदिर परिसर में बम-बम भोले और हर-हर महादेव के जयकारों से वातावरण गूंजायमान हो उठा। ग्रामीणों ने पुष्प वर्षा कर कांवड़ियों का गर्मजोशी से अभिनंदन किया। स्वागत के लिए शिव मंदिर के संतउमेशांनद जी महाराज विशेष रूप से उपस्थित रहे। इस वर्ष लदरौर, मिहाड़ा और आसपास के गांवों से कई शिवभक्तों का जत्था हरिद्वार गया था। कांवड़ियों ने लगभग 20 दिनों की कठिन पैदल यात्रा कर पवित्र गंगाजल एकत्र किया और अब उसी जल से अलग-अलग शिवालयों में जलाभिषेक कर रहे हैं। इस संकल्प यात्रा के दौरान भक्तों ने उपवास, भजन-कीर्तन और सामूहिक प्रार्थनाओं के माध्यम से अपनी श्रद्धा प्रकट की। ग्रामीणों ने इस अवसर पर मंदिर प्रांगण को फूलों और रोशनी से सजाया था। विशेष भंडारे का आयोजन भी किया गया। कार्यक्रम में स्थानीय युवाओं की भागीदारी विशेष रूप से सराहनीय रही, जिन्होंने आयोजन को सफल बनाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
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