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Bilaspur News: भूमि अधिग्रहण के लिए एसडीएम ने की बैठक
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- घुमारवीं बस अड्डे के लिए बनना है निकास मार्ग
जमीन मालिकों से बात कर उनके दावों पर आपत्तियां की दर्ज, दूर करने के दिए आदेश
-कैबिनेट मंत्री राजेश धर्माणी के आदेशों पर शुरू की गई है प्रक्रिया शुरू
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। घुमारवीं बस अड्डा निकास मार्ग के लिए बनाई गई कमेटी की बैठक उपमंडलीय अधिकारी गौरव चौधरी की अध्यक्षता में हुई। बैठक में सड़क निर्माण में आने वाली जमीन के मालिकों के साथ जमीन अधिग्रहण मामले पर बातचीत की गई।
कैबिनेट मंत्री राजेश धर्माणी ने बस अड्डा घुमारवीं से होकर प्रस्तावित निकास मार्ग के निर्माण की संभावनाएं तलाशने के आदेश दिए हैं। इसके बाद उप मंडल अधिकारी गौरव चौधरी की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया गया था। कमेटी ने इस प्रस्तावित निकास मार्ग में आने वाली जमीन के मालिकों के साथ जमीन अधिग्रहण पर बातचीत करने के लिए एक बैठक आयोजित की। बैठक में उन सभी जमीन मालिकों को बुलाया गया था। जिसकी जमीन इसके तहत आने वाली है। पहले दौर की इस बातचीत में जमीन मालिकों से जमीन संबंधी कागज कमेटी के सामने पेश करने के आदेश दिए गए थे। साथ ही इस बात को भी जांचा गया कि प्रस्तावित निकास मार्ग में आने वाली जमीन में किसी प्रकार का कोई भी मामला न्यायालय के अधीन तो नहीं है। बैठक में कुछ एक जमीन मालिकों के दावों पर कुछ आपत्तियां दर्ज की गई हैं। उन्हें जल्द से जल्द दूर करने के आदेश जमीन मालिकों को दे दिए गए हैं। ताकि अगली बैठक में जमीन अधिग्रहण के लिए जमीन मालिकों के साथ मोलभाव किया जा सके। बताते चलें कि कैबिनेट मंत्री राजेश धर्माणी ने अपने पिछले कार्यकाल में ही इसके लिए प्रयास किए गए थे। इससे संबंधित सभी अड़चनों को भी दूर कर लिया गया था, लेकिन सरकार बदलते ही इस निकास मार्ग का मामला ठंडा बस्ते में चला गया। इसके बाद तत्कालीन कैबिनेट मंत्री राजेंद्र गर्ग ने मेला ग्राउंड से होकर शहर के लिए एक अलग रोड का निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया था, लेकिन इस बार के चुनाव में जीत दर्ज करने के साथ ही कैबिनेट मंत्री ने दोबारा इस प्रक्रिया को शुरू किया गया। इसके लिए एक कमेटी भी गठित की गई है।
इस प्रस्तावित निकास मार्ग के लिए कुछ समय पहले उपायुक्त बिलासपुर द्वारा भी निरीक्षण किया जा चुका है। इस योजना को अंतिम रूप देने की बात कही गई थी। इसके बाद इस प्रस्तावित मार्ग के बनने की संभावनाएं तेज हो गई थीं। बस अड्डा से बसों के अंदर और बाहर जाने के लिए एक ही रास्ता होने की वजह से परेशानी उठानी पड़ती है। इस कारण शहर में जाम की स्थिति बनी रहती है। उप मंडलीय अधिकारी गौरव चौधरी ने कहा कि घुमारवीं बस अड्डा से निकलने वाले निकास मार्ग के निर्माण में आने वाली जमीन मालिकों के साथ एक बैठक रखी गई थी। ताकि जमीन मालिकों से जमीन अधिग्रहण पर बातचीत हो सके। अभी कुछ आपत्तियां दर्ज की गई हैं जिन्हें दूर करने के आदेश जमीन मालिकों को दिए गए हैं।
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जमीन मालिकों से बात कर उनके दावों पर आपत्तियां की दर्ज, दूर करने के दिए आदेश
-कैबिनेट मंत्री राजेश धर्माणी के आदेशों पर शुरू की गई है प्रक्रिया शुरू
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। घुमारवीं बस अड्डा निकास मार्ग के लिए बनाई गई कमेटी की बैठक उपमंडलीय अधिकारी गौरव चौधरी की अध्यक्षता में हुई। बैठक में सड़क निर्माण में आने वाली जमीन के मालिकों के साथ जमीन अधिग्रहण मामले पर बातचीत की गई।
कैबिनेट मंत्री राजेश धर्माणी ने बस अड्डा घुमारवीं से होकर प्रस्तावित निकास मार्ग के निर्माण की संभावनाएं तलाशने के आदेश दिए हैं। इसके बाद उप मंडल अधिकारी गौरव चौधरी की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया गया था। कमेटी ने इस प्रस्तावित निकास मार्ग में आने वाली जमीन के मालिकों के साथ जमीन अधिग्रहण पर बातचीत करने के लिए एक बैठक आयोजित की। बैठक में उन सभी जमीन मालिकों को बुलाया गया था। जिसकी जमीन इसके तहत आने वाली है। पहले दौर की इस बातचीत में जमीन मालिकों से जमीन संबंधी कागज कमेटी के सामने पेश करने के आदेश दिए गए थे। साथ ही इस बात को भी जांचा गया कि प्रस्तावित निकास मार्ग में आने वाली जमीन में किसी प्रकार का कोई भी मामला न्यायालय के अधीन तो नहीं है। बैठक में कुछ एक जमीन मालिकों के दावों पर कुछ आपत्तियां दर्ज की गई हैं। उन्हें जल्द से जल्द दूर करने के आदेश जमीन मालिकों को दे दिए गए हैं। ताकि अगली बैठक में जमीन अधिग्रहण के लिए जमीन मालिकों के साथ मोलभाव किया जा सके। बताते चलें कि कैबिनेट मंत्री राजेश धर्माणी ने अपने पिछले कार्यकाल में ही इसके लिए प्रयास किए गए थे। इससे संबंधित सभी अड़चनों को भी दूर कर लिया गया था, लेकिन सरकार बदलते ही इस निकास मार्ग का मामला ठंडा बस्ते में चला गया। इसके बाद तत्कालीन कैबिनेट मंत्री राजेंद्र गर्ग ने मेला ग्राउंड से होकर शहर के लिए एक अलग रोड का निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया था, लेकिन इस बार के चुनाव में जीत दर्ज करने के साथ ही कैबिनेट मंत्री ने दोबारा इस प्रक्रिया को शुरू किया गया। इसके लिए एक कमेटी भी गठित की गई है।
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इस प्रस्तावित निकास मार्ग के लिए कुछ समय पहले उपायुक्त बिलासपुर द्वारा भी निरीक्षण किया जा चुका है। इस योजना को अंतिम रूप देने की बात कही गई थी। इसके बाद इस प्रस्तावित मार्ग के बनने की संभावनाएं तेज हो गई थीं। बस अड्डा से बसों के अंदर और बाहर जाने के लिए एक ही रास्ता होने की वजह से परेशानी उठानी पड़ती है। इस कारण शहर में जाम की स्थिति बनी रहती है। उप मंडलीय अधिकारी गौरव चौधरी ने कहा कि घुमारवीं बस अड्डा से निकलने वाले निकास मार्ग के निर्माण में आने वाली जमीन मालिकों के साथ एक बैठक रखी गई थी। ताकि जमीन मालिकों से जमीन अधिग्रहण पर बातचीत हो सके। अभी कुछ आपत्तियां दर्ज की गई हैं जिन्हें दूर करने के आदेश जमीन मालिकों को दिए गए हैं।
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