{"_id":"5f0a03d48ebc3e635c7718d9","slug":"school-children-minimum-marge-bilaspur-news-sml3380944130","type":"story","status":"publish","title_hn":"कम संख्या वाले स्कूलों को अन्य स्कूलों में मर्ज करने की तैयारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कम संख्या वाले स्कूलों को अन्य स्कूलों में मर्ज करने की तैयारी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिलासपुर। कम छात्र संख्या वाले स्कूलों को मर्ज करने की तैयारी चल रही है। सरकार ने सभी जिलों के उपनिदेशकों को आदेश जारी कर स्कूलों की सूची मांगी है। रिपोर्ट निदेशालय पहुंचने के बाद ही इस बाबत आगामी निर्णय होगा। इसके अलावा 50 से ज्यादा संख्या वाले स्कूलों को विशेष सुविधाएं देने का निर्णय लिया गया है जिसके लिए ऐसे स्कूलों को भी सूचीबद्ध कर रिपोर्ट निदेशालय को प्रेषित की जाएगी।
बिलासपुर के उपनिदेशक (प्रारंभिक शिक्षा) सुदर्शन कुमार ने बताया कि सरकार ने कम संख्या वाले स्कूलों की सूची मांगी है। ऐसे स्कूलों को सूचीबद्ध करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जल्द ही पांच से दस तक छात्र संख्या वाले स्कूलों की सूची तैयार कर निदेशालय को प्रेषित की जाएगी। इस पर अगला निर्णय सरकार ही लेगी। वहीं, 50 से ज्यादा संख्या वाले स्कूलों को भी चिह्नित किया जाएगा, जिसके लिए डिटेल जुटाई जा रही है। ऐसे स्कूलों को विशेष सुविधाएं उपलब्ध करवाने की योजना है।
उपनिदेशक के अनुसार प्राइमरी स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या कम होने के कारण विभाग को नुकसान हो रहा है। साथ ही यहां पर पर्याप्त अध्यापक एवं अन्य सुविधाएं न मिलने के कारण इसका सीधा असर बच्चों की शिक्षा पर पड़ता है। जिसके चलते अब शिक्षा विभाग ने बिलासपुर में कम संख्या वाले स्कूलों की सूची तैयार कर शिमला निदेशालय को भेजी जाएगी।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि जिला के जिन स्कूलों में 50 से ज्यादा संख्या है। उन स्कूलों को आधुनिक बनाया जाएगा। इस स्कूलों में आधुनिक सुविधाएं, पर्याप्त स्टाफ व अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। निदेशालय की ओर से आदेश जारी होते ही इन स्कूलों में सुविधाएं उपलब्ध करवाने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। ताकि कोरोना काल के बाद स्कूल खुलने पर बच्चों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
विज्ञापन
बिलासपुर के उपनिदेशक (प्रारंभिक शिक्षा) सुदर्शन कुमार ने बताया कि सरकार ने कम संख्या वाले स्कूलों की सूची मांगी है। ऐसे स्कूलों को सूचीबद्ध करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जल्द ही पांच से दस तक छात्र संख्या वाले स्कूलों की सूची तैयार कर निदेशालय को प्रेषित की जाएगी। इस पर अगला निर्णय सरकार ही लेगी। वहीं, 50 से ज्यादा संख्या वाले स्कूलों को भी चिह्नित किया जाएगा, जिसके लिए डिटेल जुटाई जा रही है। ऐसे स्कूलों को विशेष सुविधाएं उपलब्ध करवाने की योजना है।
विज्ञापन
उपनिदेशक के अनुसार प्राइमरी स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या कम होने के कारण विभाग को नुकसान हो रहा है। साथ ही यहां पर पर्याप्त अध्यापक एवं अन्य सुविधाएं न मिलने के कारण इसका सीधा असर बच्चों की शिक्षा पर पड़ता है। जिसके चलते अब शिक्षा विभाग ने बिलासपुर में कम संख्या वाले स्कूलों की सूची तैयार कर शिमला निदेशालय को भेजी जाएगी।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि जिला के जिन स्कूलों में 50 से ज्यादा संख्या है। उन स्कूलों को आधुनिक बनाया जाएगा। इस स्कूलों में आधुनिक सुविधाएं, पर्याप्त स्टाफ व अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। निदेशालय की ओर से आदेश जारी होते ही इन स्कूलों में सुविधाएं उपलब्ध करवाने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। ताकि कोरोना काल के बाद स्कूल खुलने पर बच्चों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।