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मिट्टी के सैंपल की रिपोर्ट पर टिका 1,500 करोड़ का प्रोजेक्ट
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बिलासपुर के सांडू मैदान में मिट्टी के सैंपल लेने के लिए लगी मशीनें। संवाद
- फोटो : BILASPUR
बिलासपुर। बिलासपुर के सांढू मैदान में 1,500 करोड़ रुपये से प्रस्तावित पर्यटन स्थल को विकसित करने के लिए मिट्टी के सैंपल लिए जा रहे हैं। इन सैंपल की रिपोर्ट ही इस प्रोजेक्ट की दिशा तय करेगी। सैंपल को दिल्ली में आईजीसी कंपनी की लैब में जांच के लिए भेजा जाएगा।
मिट्टी के सैंपल की रिपोर्ट के आधार पर तय किया जाएगा कि यह जगह परियोजना के निर्माण के लिए उपयुक्त है या नहीं। अगर उपयुक्त है तो मैदान के किस हिस्से में निर्माण होगा और कितनी गहराई तक नींव के लिए खुदाई करनी होगी। सरकार की ओर से अधिकृत सॉयल टेस्टिंग कंपनी के कर्मचारियों ने सांढू मैदान में डेरा लगा लिया है।
ड्रिलिंग मशीन के माध्यम से मिट्टी के सैंपल लिए जा रहे हैं। मैदान में स्थित दो जगहों से सैंपल एकत्रित किए जाएंगे। अभी पुराने रंगनाथ मंदिर के पास 100 वर्ग मीटर के दायरे में सैंपल एकत्रित किए जा रहे हैं। इसके बाद रंग महल के पास 100 वर्ग मीटर के दायरे में सैंपल एकत्रित किए जाएंगे। कंपनी काम को करीब डेढ़ हफ्ते पूरा कर सैंपल जांच के लिए भेज देगी।
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बता दें कि पर्यटन स्थल को विकसित करने के लिए रंगनाथ मंदिर और रंग महल के पास ही कृत्रिम टापूओं को बनाया जाना प्रस्तावित है। इन दोनों टापूओं को केवल पुल के माध्यम से जोड़ा जाएगा। इन्हीं टापूओं पर जलमग्न हो चुके मंदिरों लिफ्ट कर ऊपर लाया जाएगा।
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तीन चरणों में होगा प्रोजेक्ट
इस प्रोजेक्ट को तीन चरणों में कार्यान्वित करने का प्रस्ताव है। पहले चरण में नाले के नौण के पास के जलमग्न तीन मुख्य मंदिरों को पुन: स्थापित करने का प्रस्ताव है। दूसरे चरण में सांढू के मैदान को पर्यटक स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। तीसरे चरण में मंडी भराड़ी के पास बैराज बनाकर मंदिरों के आसपास जलाशय बनाया जाएगा। इसमें रिवर फ्रंट और वॉकवेज विकसित किए जाएंगे।
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मिट्टी के सैंपल एकत्रित कर रही लार्सन एंड टबरो कंपनी के जियोलॉजिस्ट राहुल भागवत ने बताया कि मिट्टी के सैंपल दिल्ली स्थित लैब में जांच के लिए भेजे जाएंगे। जांच में यह पता लगाया जाना है कि नए आधारभूत ढांचे के निर्माण के लिए ठोस जगह कहां और कितनी गहराई में है।
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मिट्टी के सैंपल की रिपोर्ट के आधार पर तय किया जाएगा कि यह जगह परियोजना के निर्माण के लिए उपयुक्त है या नहीं। अगर उपयुक्त है तो मैदान के किस हिस्से में निर्माण होगा और कितनी गहराई तक नींव के लिए खुदाई करनी होगी। सरकार की ओर से अधिकृत सॉयल टेस्टिंग कंपनी के कर्मचारियों ने सांढू मैदान में डेरा लगा लिया है।
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ड्रिलिंग मशीन के माध्यम से मिट्टी के सैंपल लिए जा रहे हैं। मैदान में स्थित दो जगहों से सैंपल एकत्रित किए जाएंगे। अभी पुराने रंगनाथ मंदिर के पास 100 वर्ग मीटर के दायरे में सैंपल एकत्रित किए जा रहे हैं। इसके बाद रंग महल के पास 100 वर्ग मीटर के दायरे में सैंपल एकत्रित किए जाएंगे। कंपनी काम को करीब डेढ़ हफ्ते पूरा कर सैंपल जांच के लिए भेज देगी।
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बता दें कि पर्यटन स्थल को विकसित करने के लिए रंगनाथ मंदिर और रंग महल के पास ही कृत्रिम टापूओं को बनाया जाना प्रस्तावित है। इन दोनों टापूओं को केवल पुल के माध्यम से जोड़ा जाएगा। इन्हीं टापूओं पर जलमग्न हो चुके मंदिरों लिफ्ट कर ऊपर लाया जाएगा।
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तीन चरणों में होगा प्रोजेक्ट
इस प्रोजेक्ट को तीन चरणों में कार्यान्वित करने का प्रस्ताव है। पहले चरण में नाले के नौण के पास के जलमग्न तीन मुख्य मंदिरों को पुन: स्थापित करने का प्रस्ताव है। दूसरे चरण में सांढू के मैदान को पर्यटक स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। तीसरे चरण में मंडी भराड़ी के पास बैराज बनाकर मंदिरों के आसपास जलाशय बनाया जाएगा। इसमें रिवर फ्रंट और वॉकवेज विकसित किए जाएंगे।
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मिट्टी के सैंपल एकत्रित कर रही लार्सन एंड टबरो कंपनी के जियोलॉजिस्ट राहुल भागवत ने बताया कि मिट्टी के सैंपल दिल्ली स्थित लैब में जांच के लिए भेजे जाएंगे। जांच में यह पता लगाया जाना है कि नए आधारभूत ढांचे के निर्माण के लिए ठोस जगह कहां और कितनी गहराई में है।