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भाखड़ा विस्थापित परिवारों के लिए बने व्यापक नीति: राम लाल
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भाखड़ा विस्थापितों की समस्याओं को लेकर सब कमेटी की बैठक की अध्यक्षता करते हुए श्री नयना देवी जी क
- फोटो : BILASPUR
बिलासपुर। भाखड़ा विस्थापितों की समस्याओं को लेकर बनी सब कमेटी की बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता पूर्व मंत्री और विधायक श्री नयना देवी जी रामलाल ठाकुर ने की। इस बैठक में बिलासपुर के शहरी और ग्रामीण भाखड़ा विस्थापितों को लेकर उनके मकानों और जमीनों को सेटलमेंट करने का भी सुझाव रखा गया। वहीं, भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड के साथ आधिकारिक तौर पर बिलासपुर वासियों की बची हुई जमीनों और उनके मालिकाना हकों को लेकर भी विस्तृत रूप से चर्चा की गई।
बैठक में भाखड़ा विस्थापितों के मकानों और जमीनों को सेटलमेंट करने का भी सुझाव रखा गया और भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड के साथ आधिकारिक तौर पर बिलासपुर वासियों की बची हुई जमीनों और उनके मालिकाना हकों को लेकर भी विस्तृत रूप से चर्चा की गई। रामलाल ने कहा कि कुछ ऐसे तथ्य सामने आए हैं, जिनमें विस्थापितों को न जमीनें मिल पाई और न ही शहर में प्लॉट मिल पाए हैं। बैठक की अध्यक्षता करते हुए रामलाल ठाकुर ने कहा कि जब भाखड़ा प्रबंधन बोर्ड ने बिलासपुर वासियों की जमीनों का अधिग्रहण किया था। तब बोर्ड की ओर से जरूरत से ज्यादा जमीनों का अधिग्रहण कर लिया था। तत्कालीन समय में न तो बिलासपुर का नेतृत्व सशक्त था और न ही लोग जागरूक थे। और तो और अभी तक इस प्रबंधन बोर्ड से जो पैसा बिलासपुर की विकासात्मक गतिविधियों के लिए मिलना था वह भी नहीं मिल पाया है।
इस कमेटी में जो सुझाव भाखड़ा विस्थापितों की समस्याओं को लेकर रखे गए। उनमें जिन विस्थापितों को भूमि के बदले भूमि नहीं मिल पाई है उनको या तो भूमि दी जाए या यदि जिले में भूमि की उपलब्धता कम हो तो उन विस्थापितों को वर्तमान भूमि के मार्केट रेट के अनुसार चार गुना मुआवजा दिया जाए। राम लाल ठाकुर ने कहा कि बैठक में रखे गए सुझाव और समीक्षा प्रदेश के राजस्व मंत्री और तदुपरांत प्रदेश के मुख्यमंत्री के साथ चर्चा में लाकर एक विस्तृत योजना इन भाखड़ा विस्थापित परिवारों के बारे में बनाई जाएगी। बैठक में भारतीय प्रशासनिक सेवा से सेवानिवृत्त अधिकारी आईएस चंदेल बतौर सदस्य, सहायक भू सेटलमेंट अधिकारी अर्की कविता ठाकुर बतौर सरकारी सदस्य, हिमाचल प्रशासनिक सेवाओं से मेंबर सचिव रजनीश कुमार, अधिवक्ता पवन कपरेट सदस्य, इंदर सिंह भारद्वाज सेवानिवृत्त हिमाचल प्रशासनिक सेवाओं से बतौर सदस्य और अन्य अधिकारी हिमाचल प्रदेश सरकार राजस्व विभाग के मौजूद रहे।
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बैठक में भाखड़ा विस्थापितों के मकानों और जमीनों को सेटलमेंट करने का भी सुझाव रखा गया और भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड के साथ आधिकारिक तौर पर बिलासपुर वासियों की बची हुई जमीनों और उनके मालिकाना हकों को लेकर भी विस्तृत रूप से चर्चा की गई। रामलाल ने कहा कि कुछ ऐसे तथ्य सामने आए हैं, जिनमें विस्थापितों को न जमीनें मिल पाई और न ही शहर में प्लॉट मिल पाए हैं। बैठक की अध्यक्षता करते हुए रामलाल ठाकुर ने कहा कि जब भाखड़ा प्रबंधन बोर्ड ने बिलासपुर वासियों की जमीनों का अधिग्रहण किया था। तब बोर्ड की ओर से जरूरत से ज्यादा जमीनों का अधिग्रहण कर लिया था। तत्कालीन समय में न तो बिलासपुर का नेतृत्व सशक्त था और न ही लोग जागरूक थे। और तो और अभी तक इस प्रबंधन बोर्ड से जो पैसा बिलासपुर की विकासात्मक गतिविधियों के लिए मिलना था वह भी नहीं मिल पाया है।
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इस कमेटी में जो सुझाव भाखड़ा विस्थापितों की समस्याओं को लेकर रखे गए। उनमें जिन विस्थापितों को भूमि के बदले भूमि नहीं मिल पाई है उनको या तो भूमि दी जाए या यदि जिले में भूमि की उपलब्धता कम हो तो उन विस्थापितों को वर्तमान भूमि के मार्केट रेट के अनुसार चार गुना मुआवजा दिया जाए। राम लाल ठाकुर ने कहा कि बैठक में रखे गए सुझाव और समीक्षा प्रदेश के राजस्व मंत्री और तदुपरांत प्रदेश के मुख्यमंत्री के साथ चर्चा में लाकर एक विस्तृत योजना इन भाखड़ा विस्थापित परिवारों के बारे में बनाई जाएगी। बैठक में भारतीय प्रशासनिक सेवा से सेवानिवृत्त अधिकारी आईएस चंदेल बतौर सदस्य, सहायक भू सेटलमेंट अधिकारी अर्की कविता ठाकुर बतौर सरकारी सदस्य, हिमाचल प्रशासनिक सेवाओं से मेंबर सचिव रजनीश कुमार, अधिवक्ता पवन कपरेट सदस्य, इंदर सिंह भारद्वाज सेवानिवृत्त हिमाचल प्रशासनिक सेवाओं से बतौर सदस्य और अन्य अधिकारी हिमाचल प्रदेश सरकार राजस्व विभाग के मौजूद रहे।
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