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सड़क सुरक्षा माह: धरातल पर नियमों की उड़ रही धज्जियां
Wed, 14 Jan 2026 11:23 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Wed, 14 Jan 2026 11:23 PM IST
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भराड़ी क्षेत्र में बाइक पर पीछे सामान को पकड़े बिना हेलमेट के साथ बैठा बच्चा। संवाद
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अभियान के दौरान सिर्फ फोटो सेशन तक सिमटे जिम्मेदार
स्कूलों, चौराहों पर फोटो खिंचवाकर सुर्खियां बटोर रहे हैं अधिकारी
धरातल पर नजर दौड़ाई जाए, तो हकीकत तस्वीरों से कोसों दूर
नीरज महाजन
भराड़ी(बिलासपुर)। जिले में इन दिनों सड़क सुरक्षा माह पूरे ताम-झाम के साथ मनाया जा रहा है। सड़कों पर बड़े-बड़े बैनर लगे हैं, अधिकारी स्कूलों और चौराहों पर फोटो खिंचवाकर सुर्खियां बटोर रहे हैं, और करोड़ों रुपये जागरूकता के नाम पर खर्च किए जा रहे हैं। लेकिन यदि धरातल पर नजर दौड़ाई जाए, तो हकीकत इन तस्वीरों से कोसों दूर है। जिले की सड़कों पर यातायात नियमों की सरेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं, जिससे सुरक्षा अभियान महज एक औपचारिकता बनकर रह गया है।
अभियान के बावजूद दधोल, डंगार, भराड़ी, घुमारवीं, बरठीं, शाहतलाई, कुठेड़ा सहित अन्य सड़कों पर यातायात नियम तार-तार हो रहे हैं। कहीं दोपहिया वाहनों पर तीन-तीन सवारियां बिना हेलमेट के घूम रही हैं, तो कहीं कार चालक बिना सीट बेल्ट के वाहन दौड़ा रहे हैं। मालवाहक वाहनों में सामान की जगह लोगों को ढोया जा रहा है, जिससे किसी भी वक्त बड़ा हादसा होने का अंदेशा बना रहता है। सड़क सुरक्षा के दावों की सबसे ज्यादा पोल सरकारी और निजी बसों में खुल रही है। ताज्जुब की बात यह है कि यह सब विभागीय अधिकारियों की नाक के नीचे हो रहा है, फिर भी फोटो सेशन से आगे बढ़कर सख्त कार्रवाई नहीं की जा रही। शाम ढलते ही सड़कों पर शराब पीकर वाहन चलाने वालों की संख्या बढ़ जाती है। नियमों के अनुसार ऐसे चालकों के वाहन जब्त करने और जेल भेजने का प्रावधान है, लेकिन पुलिस महज चालान काटकर अपना पल्ला झाड़ देती है। हैरानी की बात है कि थानों में एल्कोसेंसर मशीनें धूल फांक रही हैं और सड़कों पर राहगीर नशेड़ी चालकों के डर के साये में चलने को मजबूर हैं। अगर विभाग वास्तव में दुर्घटनाएं रोकना चाहता है, तो सिर्फ पंफलेट बांटने और फोटो खिंचवाने से काम नहीं चलेगा। लोगों ने सवाल उठाया है कि जनता की गाढ़ी कमाई का करोड़ों रुपया जागरूकता के नाम पर क्यों बहाया जा रहा है, जब धरातल पर कोई बदलाव ही नहीं दिख रहा। संवाद
कोट
विभाग समय-समय पर जांच अभियान चलाता है। नियमों की अवहेलना करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। वीरवार से एक विशेष चेकिंग अभियान शुरू किया जा रहा है, जिसमें नियमों को तोड़ने वाले चालकों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। - राजेश कौशल, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी
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स्कूलों, चौराहों पर फोटो खिंचवाकर सुर्खियां बटोर रहे हैं अधिकारी
धरातल पर नजर दौड़ाई जाए, तो हकीकत तस्वीरों से कोसों दूर
नीरज महाजन
भराड़ी(बिलासपुर)। जिले में इन दिनों सड़क सुरक्षा माह पूरे ताम-झाम के साथ मनाया जा रहा है। सड़कों पर बड़े-बड़े बैनर लगे हैं, अधिकारी स्कूलों और चौराहों पर फोटो खिंचवाकर सुर्खियां बटोर रहे हैं, और करोड़ों रुपये जागरूकता के नाम पर खर्च किए जा रहे हैं। लेकिन यदि धरातल पर नजर दौड़ाई जाए, तो हकीकत इन तस्वीरों से कोसों दूर है। जिले की सड़कों पर यातायात नियमों की सरेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं, जिससे सुरक्षा अभियान महज एक औपचारिकता बनकर रह गया है।
अभियान के बावजूद दधोल, डंगार, भराड़ी, घुमारवीं, बरठीं, शाहतलाई, कुठेड़ा सहित अन्य सड़कों पर यातायात नियम तार-तार हो रहे हैं। कहीं दोपहिया वाहनों पर तीन-तीन सवारियां बिना हेलमेट के घूम रही हैं, तो कहीं कार चालक बिना सीट बेल्ट के वाहन दौड़ा रहे हैं। मालवाहक वाहनों में सामान की जगह लोगों को ढोया जा रहा है, जिससे किसी भी वक्त बड़ा हादसा होने का अंदेशा बना रहता है। सड़क सुरक्षा के दावों की सबसे ज्यादा पोल सरकारी और निजी बसों में खुल रही है। ताज्जुब की बात यह है कि यह सब विभागीय अधिकारियों की नाक के नीचे हो रहा है, फिर भी फोटो सेशन से आगे बढ़कर सख्त कार्रवाई नहीं की जा रही। शाम ढलते ही सड़कों पर शराब पीकर वाहन चलाने वालों की संख्या बढ़ जाती है। नियमों के अनुसार ऐसे चालकों के वाहन जब्त करने और जेल भेजने का प्रावधान है, लेकिन पुलिस महज चालान काटकर अपना पल्ला झाड़ देती है। हैरानी की बात है कि थानों में एल्कोसेंसर मशीनें धूल फांक रही हैं और सड़कों पर राहगीर नशेड़ी चालकों के डर के साये में चलने को मजबूर हैं। अगर विभाग वास्तव में दुर्घटनाएं रोकना चाहता है, तो सिर्फ पंफलेट बांटने और फोटो खिंचवाने से काम नहीं चलेगा। लोगों ने सवाल उठाया है कि जनता की गाढ़ी कमाई का करोड़ों रुपया जागरूकता के नाम पर क्यों बहाया जा रहा है, जब धरातल पर कोई बदलाव ही नहीं दिख रहा। संवाद
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विभाग समय-समय पर जांच अभियान चलाता है। नियमों की अवहेलना करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। वीरवार से एक विशेष चेकिंग अभियान शुरू किया जा रहा है, जिसमें नियमों को तोड़ने वाले चालकों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। - राजेश कौशल, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी
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