{"_id":"5dc1ac088ebc3e5b322d7886","slug":"road-bilaspur-news-sml3131837146","type":"story","status":"publish","title_hn":"विनायकघाट-मार्कंडेय सड़क दो दशक में भी नहीं बनी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विनायकघाट-मार्कंडेय सड़क दो दशक में भी नहीं बनी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जुखाला(बिलासपुर)। विनायकघाट से मार्कंडेय के लिए निकलने वाली 5 किलोमीटर सड़क तकरीबन दो दशक से अधूरी पड़ी है। उक्त सड़क का निर्माण लोक निर्माण विभाग मंडल-1 के अंतर्गत 1998 में शुरू हुआ था लेकिन दो विधानसभा क्षेत्रों में बंटने के कारण अभी तक इसका निर्माण कार्य पूरा नहीं हो पाया है। इसके लिए क्षेत्र के लोगों में लोनिवि और जन प्रतिनिधियों के खिलाफ भारी रोष है।
उल्लेखनीय है कि विनायकघाट से ऋषि मार्कंडेय तक निकलने वाली उक्त सड़क न केवल स्थानीय लोगों को सुविधा प्रदान करेगी बल्कि इसके बनने से लाखों लोगों की श्रद्धा के प्रतीक ऋषि मार्कंडेय के मंदिर तक पहुंचने के लिए भी श्रद्धालुओं को आसानी होगी लेकिन 1998 में शुरू हुए इस सड़क का निर्माण कार्य अभी तक महज दो किलोमीटर तक ही हो पाया है। जबकि इस सड़क मार्ग की दूरी 5 किमी है। इसके पूरे न होने का एक कारण यह भी है कि यह दो विस क्षेत्रों में बंटा हुआ है। इसका एक हिस्सा श्रीनयना देवी विस क्षेत्र में आता है तो दूसरा हिस्सा सदर विस क्षेत्र में पड़ता है। इसलिए यह सड़क कहीं न कहीं राजनीति की भेंट चढ़ रही है।
स्थानीय वाशिंदों ने भाजपा-कांग्रेस दोनों ही जन प्रतिनिधियों से सड़क पूरी करने की मांग की लेकिन नेताओं ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया। यही कारण है कि इस सड़क का काम अभी तक पूरा नहीं हो पाया है। स्याहोला पंचायत के पूर्व उपप्रधान गोपाल शर्मा, बाबू राम शर्मा, डॉ. पीसी शर्मा, बलदेव शर्मा, प्यार सिंह ठाकुर, रामलाल आदि ने कहा कि कई बार मांग के बाद भी यहां से प्रतिनिधित्व करने वाले नेताओं ने भी इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया। इस कारण स्थानीय लोगों में नेताओं के प्रति भारी रोष है। कहा कि इस सड़क के बन जाने से ऋषि मार्कंडेय मंदिर सीधे एनएच से जुड़ जाना था। लोगों ने जिला प्रशासन, लोनिवि और सरकार से जल्द इस सड़क को पूरा करने की मांग की है।
विज्ञापन
लोक निर्माण विभाग के कनिष्ठ अभियंता विजय शर्मा ने कहा कि सड़क निर्माण के लिए उचित कार्यवाही की जाएगी ताकि स्थानीय लोगों को सड़क सुविधा मिल सके।
विज्ञापन
उल्लेखनीय है कि विनायकघाट से ऋषि मार्कंडेय तक निकलने वाली उक्त सड़क न केवल स्थानीय लोगों को सुविधा प्रदान करेगी बल्कि इसके बनने से लाखों लोगों की श्रद्धा के प्रतीक ऋषि मार्कंडेय के मंदिर तक पहुंचने के लिए भी श्रद्धालुओं को आसानी होगी लेकिन 1998 में शुरू हुए इस सड़क का निर्माण कार्य अभी तक महज दो किलोमीटर तक ही हो पाया है। जबकि इस सड़क मार्ग की दूरी 5 किमी है। इसके पूरे न होने का एक कारण यह भी है कि यह दो विस क्षेत्रों में बंटा हुआ है। इसका एक हिस्सा श्रीनयना देवी विस क्षेत्र में आता है तो दूसरा हिस्सा सदर विस क्षेत्र में पड़ता है। इसलिए यह सड़क कहीं न कहीं राजनीति की भेंट चढ़ रही है।
विज्ञापन
स्थानीय वाशिंदों ने भाजपा-कांग्रेस दोनों ही जन प्रतिनिधियों से सड़क पूरी करने की मांग की लेकिन नेताओं ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया। यही कारण है कि इस सड़क का काम अभी तक पूरा नहीं हो पाया है। स्याहोला पंचायत के पूर्व उपप्रधान गोपाल शर्मा, बाबू राम शर्मा, डॉ. पीसी शर्मा, बलदेव शर्मा, प्यार सिंह ठाकुर, रामलाल आदि ने कहा कि कई बार मांग के बाद भी यहां से प्रतिनिधित्व करने वाले नेताओं ने भी इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया। इस कारण स्थानीय लोगों में नेताओं के प्रति भारी रोष है। कहा कि इस सड़क के बन जाने से ऋषि मार्कंडेय मंदिर सीधे एनएच से जुड़ जाना था। लोगों ने जिला प्रशासन, लोनिवि और सरकार से जल्द इस सड़क को पूरा करने की मांग की है।
विज्ञापन
लोक निर्माण विभाग के कनिष्ठ अभियंता विजय शर्मा ने कहा कि सड़क निर्माण के लिए उचित कार्यवाही की जाएगी ताकि स्थानीय लोगों को सड़क सुविधा मिल सके।