{"_id":"617ad71bb86c4279754ec3a6","slug":"revenue-record-not-readable-bilaspur-news-sml38867537","type":"story","status":"publish","title_hn":"साफ रिकॉर्ड के बिना संभव नहीं त्रुटियों की जांच : जयगोपाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
साफ रिकॉर्ड के बिना संभव नहीं त्रुटियों की जांच : जयगोपाल
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिलासपुर। कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन में भूमि अधिग्रहण में बरती गई अनियमितताओं पर कैबिनेट सब कमेटी के सदस्य सचिव ने मंडी और बिलासपुर के उपायुक्तों से रिपोर्ट मांगी है।
इस संबंध में नायब तहसीलदार घुमारवीं ने एसडीएम घुमारवीं को पत्र लिखा है कि फोरलेन के भू अर्जन अधिकारी की ओर से केंद्र सरकार के नाम दर्ज और तस्दीक किए इंतकाल पढ़ने योग्य नहीं है। कहा कि जब रिकॉर्ड ही पढ़ने योग्य नहीं है तो ऐसी स्थिति में त्रुटियों की जांच संभव नहीं है।
कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन पर कैबिनेट कमेटी की ओर से मांगी गई रिपोर्ट के बाद फोरलेन के भू अर्जन अधिकारी ने सभी उपमंडल अधिकारियों को पत्र लिखा था कि फोरलेन भूमि अधिग्रहण के सभी इंतकाल तहसीलों में जमा हो चुके हैं। अब भू अर्जन कार्यालय से इनकी दुरुस्ती होना संभव नहीं है। जिसके चलते अब जो भी त्रुटियां इसमें पाई जाएंगी, उनकी दरुस्ती संबंधित तहसीलों के तहसीलदार की ओर से ही की जानी संभव है, लेकिन अब भू अर्जन अधिकारी की ओर से केंद्र सरकार के नाम दर्ज और तस्दीक किए इंतकालों पर नायब तहसीलदार घुमारवीं ने प्रश्नचिह्न लगा दिया है। नायब तहसीलदार प्रेम सिंह ने एसडीएम घुमारवीं को पत्र संख्या जीएमआर-ओके-2021-1830-1832 में कहा कि साफ नक्शा उपलब्ध करवाने के बाद ही इस रिकॉर्ड की जांच हो पाएगी कि इसमें क्या त्रुटियां हैं। विभिन्न पटवार सर्कलों बकरोआ, अमरपुर, रोहिण, मलयावर समेत 13 मुहालों के रिकॉर्ड की छानबीन करने के बाद नायब तहसीलदार घुमारवीं ने स्पष्ट किया कि जब रिकॉर्ड ही पढ़ने योग्य नहीं है तो संबंधित राजस्व रिकॉर्ड में पाई जाने वाली त्रुटियों की जांच कैसे संभव होगी।
विज्ञापन
रिकॉर्ड पढ़ने योग्य नहीं था तो क्यों कार्यालय में जमा करवाया
फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावित समिति के महासचिव मदनलाल शर्मा ने नायब तहसीलदार घुमारवीं के इस बयान पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब रिकॉर्ड पढ़ने योग्य ही नहीं था तो संबंधित तहसील ने किस आधार पर रिकॉर्ड को अपने कार्यालय में जमा करवाया और उसके बाद किस आधार पर क्षेत्रिय अभिकरण रोहिण ने जमाबंदियों में अमल दरामद किया। अब जब मोमियों में तरमीम करने बारे जानकारी मांगी तो जवाब दिया जा रहा है कि रिकॉर्ड पढ़ने योग्य नहीं है। उन्होंने कहा कि यह आम जनता को गुमराह करने का काम किया जा रहा है। जिम्मेदार अधिकारी एक-दूसरे को पत्र लिखकर कागजों को काला करने में लगे हैं। किसी भी अधिकारी की कोई भी जिम्मेदारी निर्धारित नहीं है।
विज्ञापन
इस संबंध में नायब तहसीलदार घुमारवीं ने एसडीएम घुमारवीं को पत्र लिखा है कि फोरलेन के भू अर्जन अधिकारी की ओर से केंद्र सरकार के नाम दर्ज और तस्दीक किए इंतकाल पढ़ने योग्य नहीं है। कहा कि जब रिकॉर्ड ही पढ़ने योग्य नहीं है तो ऐसी स्थिति में त्रुटियों की जांच संभव नहीं है।
विज्ञापन
कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन पर कैबिनेट कमेटी की ओर से मांगी गई रिपोर्ट के बाद फोरलेन के भू अर्जन अधिकारी ने सभी उपमंडल अधिकारियों को पत्र लिखा था कि फोरलेन भूमि अधिग्रहण के सभी इंतकाल तहसीलों में जमा हो चुके हैं। अब भू अर्जन कार्यालय से इनकी दुरुस्ती होना संभव नहीं है। जिसके चलते अब जो भी त्रुटियां इसमें पाई जाएंगी, उनकी दरुस्ती संबंधित तहसीलों के तहसीलदार की ओर से ही की जानी संभव है, लेकिन अब भू अर्जन अधिकारी की ओर से केंद्र सरकार के नाम दर्ज और तस्दीक किए इंतकालों पर नायब तहसीलदार घुमारवीं ने प्रश्नचिह्न लगा दिया है। नायब तहसीलदार प्रेम सिंह ने एसडीएम घुमारवीं को पत्र संख्या जीएमआर-ओके-2021-1830-1832 में कहा कि साफ नक्शा उपलब्ध करवाने के बाद ही इस रिकॉर्ड की जांच हो पाएगी कि इसमें क्या त्रुटियां हैं। विभिन्न पटवार सर्कलों बकरोआ, अमरपुर, रोहिण, मलयावर समेत 13 मुहालों के रिकॉर्ड की छानबीन करने के बाद नायब तहसीलदार घुमारवीं ने स्पष्ट किया कि जब रिकॉर्ड ही पढ़ने योग्य नहीं है तो संबंधित राजस्व रिकॉर्ड में पाई जाने वाली त्रुटियों की जांच कैसे संभव होगी।
विज्ञापन
रिकॉर्ड पढ़ने योग्य नहीं था तो क्यों कार्यालय में जमा करवाया
फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावित समिति के महासचिव मदनलाल शर्मा ने नायब तहसीलदार घुमारवीं के इस बयान पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब रिकॉर्ड पढ़ने योग्य ही नहीं था तो संबंधित तहसील ने किस आधार पर रिकॉर्ड को अपने कार्यालय में जमा करवाया और उसके बाद किस आधार पर क्षेत्रिय अभिकरण रोहिण ने जमाबंदियों में अमल दरामद किया। अब जब मोमियों में तरमीम करने बारे जानकारी मांगी तो जवाब दिया जा रहा है कि रिकॉर्ड पढ़ने योग्य नहीं है। उन्होंने कहा कि यह आम जनता को गुमराह करने का काम किया जा रहा है। जिम्मेदार अधिकारी एक-दूसरे को पत्र लिखकर कागजों को काला करने में लगे हैं। किसी भी अधिकारी की कोई भी जिम्मेदारी निर्धारित नहीं है।