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Bilaspur News: राखिल काहलों ने खूंटा गाड़कर किया नलवाड़ी मेले का शुभारंभ
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- ढोल नगाड़ों और पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ मेला मैदान तक निकाली शोभायात्रा
-135वें साल में प्रवेश कर गया नलवाड़ी मेला
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। राज्य स्तरीय नलवाड़ी मेले का शुभारंभ रविवार को मंडलायुक्त मंडी राखिल काहलों ने विधिवत रूप से किया गया। लक्ष्मी नारायण मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना के बाद से शहर से होते हुए मेला मैदान तक शोभायात्रा निकाली गई। मेला मैदान में राखिल काहलो ने बैल पूजन और खूंटा गाड़कर मेले का शुभारंभ किया।
सुबह 11:30 बजे लक्ष्मी नारायण मंदिर में नंदी का पूजन किया गया और मेले के सफल आयोजन की कामना की गई। इसके बाद ढोल नगाड़ों और पारंपरिक वाद्य यंत्रों के मधुर संगीत के बीच मेला मैदान तक शोभायात्रा निकली गई। मेला मैदान में पहुंचने के बाद राखिल काहलो ने खूंटा गाड़कर और नलवाड़ी मेले का झंडा फहराकर मेले का विधिवत रूप से शुभारंभ किया। इसके बाद उन्होंने मेले में लगी प्रदर्शनियों का भी अवलोकन किया। उन्होंने मेले के शुभारंभ पर सभी जिला वासियों और प्रशासन को मेले के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि मेले, पर्व व त्योहार किसी भी समाज की जीवन परंपराओं व समृद्ध संस्कृति के परिचायक होते हैं। यह किसी न किसी सांस्कृतिक, ऐतिहासिक पृष्ठभूमि या प्राकृतिक परिवर्तनों के साथ जुड़े होते हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि मेले में परंपरा के अनुरूप पशु व्यवसाय, छिंज और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में सभी क्षेत्रवासी भरपूर आनंद का अनुभव करेंगे। उन्होंने कहा कि सांडू मैदान से लुहणू मैदान में परिवर्तित नलवाड़ी मेले में अनेक परिवर्तन हुए। आधुनिक चकाचौंध के कारण मेले के स्वरूप में बदलाव के बावजूद मेले की परंपरा व पौराणिकता को यथावत जीवंत बनाए रखने में मेला कमेटी और सभी जिला वासियों का प्रयास सराहनीय है। कहा कि आपसी भाईचारे और सांस्कृतिक धरोहर को जीवंत रखने के प्रतीक हमारे मेले और त्योहार जनमानस में परस्पर मधुर मिलन और सह अस्तित्व की भावना का संचार करते हैं। इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया।
उपायुक्त आबिद हुसैन सादिक ने बताया कि बिलासपुर जनपद के राजा विजय सेन के समय में शुरू हुआ यह मेला आज 135वें साल में प्रवेश कर गया है। उन्होंने कहा कि मूलत बैलों की खरीद फरोख्त से शुरू हुए इस मेले में समय-समय पर अमूल चूक परिवर्तन होते रहे हैं। उन्होंने कहा कि मेले को आकर्षक बनाने के लिए बिलासपुर रियासत के अंतिम राजा आनंद चंद ने इस मेले के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम, कुश्ती और अन्य खेलों को जोड़ा था, ताकि लोगों का मनोरंजन भी हो सके। उन्होंने बताया कि मेले के दौरान बिजली, पानी और सफाई की उचित व्यवस्था की गई है। साथ ही गर्मी और बारिश से लोगों को राहत देने के लिए जर्मन हैंगर लगाया गया है, ताकि लोग मेले का भरपूर आनंद ले सकें। इस मौके पर पुलिस अधीक्षक विवेक चहल, अतिरिक्त उपायुक्त डॉ. निधि पटेल, एसडीएम सदर अभिषेक कुमार गर्ग, सहायक आयुक्त नरेंद्र अहलूवालिया सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
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इनसेट
आज से शुरू होगा लोकोत्सव
नलवाड़ी मेले में सोमवार सुबह 11:00 बजे लोकोत्सव शुरू होगा। यह तीन दिन तक चलेगा। इसमें बिलासपुर की लोक संस्कृति को उजागर करने के लिए लोक कलाकारों को मंच दिया जाएगा। इसके अलावा पशुधन के महत्व को बरकरार रखने के लिए मेला कमेटी द्वारा आकर्षक इनामों के साथ पशुपालकों के बीच विभिन्न प्रतियोगिताएं करवाई जाएंगी। 20 मार्च से रात्रि के कार्यक्रमों में प्रदेश के समृद्ध संस्कृति के संवर्धन के लिए स्थानीय कलाकारों सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों के सांस्कृतिक दलों और स्थापित कलाकार इस मेले में अपनी प्रस्तुति देंगे। मेले की सांस्कृतिक संध्याओं में बिलासपुर के विकास को दर्शाती लेजर लाइट शो भी आयोजित होगा। नलवाड़ी मेले में इस बार पद्मश्री कैलाश खेर, प्रसिद्ध पंजाबी गायक गुरनाम सिंह भुल्लर और हार्मनी ऑफ पाइंस मुख्य आकर्षण होंगे।
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-135वें साल में प्रवेश कर गया नलवाड़ी मेला
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। राज्य स्तरीय नलवाड़ी मेले का शुभारंभ रविवार को मंडलायुक्त मंडी राखिल काहलों ने विधिवत रूप से किया गया। लक्ष्मी नारायण मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना के बाद से शहर से होते हुए मेला मैदान तक शोभायात्रा निकाली गई। मेला मैदान में राखिल काहलो ने बैल पूजन और खूंटा गाड़कर मेले का शुभारंभ किया।
सुबह 11:30 बजे लक्ष्मी नारायण मंदिर में नंदी का पूजन किया गया और मेले के सफल आयोजन की कामना की गई। इसके बाद ढोल नगाड़ों और पारंपरिक वाद्य यंत्रों के मधुर संगीत के बीच मेला मैदान तक शोभायात्रा निकली गई। मेला मैदान में पहुंचने के बाद राखिल काहलो ने खूंटा गाड़कर और नलवाड़ी मेले का झंडा फहराकर मेले का विधिवत रूप से शुभारंभ किया। इसके बाद उन्होंने मेले में लगी प्रदर्शनियों का भी अवलोकन किया। उन्होंने मेले के शुभारंभ पर सभी जिला वासियों और प्रशासन को मेले के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि मेले, पर्व व त्योहार किसी भी समाज की जीवन परंपराओं व समृद्ध संस्कृति के परिचायक होते हैं। यह किसी न किसी सांस्कृतिक, ऐतिहासिक पृष्ठभूमि या प्राकृतिक परिवर्तनों के साथ जुड़े होते हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि मेले में परंपरा के अनुरूप पशु व्यवसाय, छिंज और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में सभी क्षेत्रवासी भरपूर आनंद का अनुभव करेंगे। उन्होंने कहा कि सांडू मैदान से लुहणू मैदान में परिवर्तित नलवाड़ी मेले में अनेक परिवर्तन हुए। आधुनिक चकाचौंध के कारण मेले के स्वरूप में बदलाव के बावजूद मेले की परंपरा व पौराणिकता को यथावत जीवंत बनाए रखने में मेला कमेटी और सभी जिला वासियों का प्रयास सराहनीय है। कहा कि आपसी भाईचारे और सांस्कृतिक धरोहर को जीवंत रखने के प्रतीक हमारे मेले और त्योहार जनमानस में परस्पर मधुर मिलन और सह अस्तित्व की भावना का संचार करते हैं। इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया।
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उपायुक्त आबिद हुसैन सादिक ने बताया कि बिलासपुर जनपद के राजा विजय सेन के समय में शुरू हुआ यह मेला आज 135वें साल में प्रवेश कर गया है। उन्होंने कहा कि मूलत बैलों की खरीद फरोख्त से शुरू हुए इस मेले में समय-समय पर अमूल चूक परिवर्तन होते रहे हैं। उन्होंने कहा कि मेले को आकर्षक बनाने के लिए बिलासपुर रियासत के अंतिम राजा आनंद चंद ने इस मेले के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम, कुश्ती और अन्य खेलों को जोड़ा था, ताकि लोगों का मनोरंजन भी हो सके। उन्होंने बताया कि मेले के दौरान बिजली, पानी और सफाई की उचित व्यवस्था की गई है। साथ ही गर्मी और बारिश से लोगों को राहत देने के लिए जर्मन हैंगर लगाया गया है, ताकि लोग मेले का भरपूर आनंद ले सकें। इस मौके पर पुलिस अधीक्षक विवेक चहल, अतिरिक्त उपायुक्त डॉ. निधि पटेल, एसडीएम सदर अभिषेक कुमार गर्ग, सहायक आयुक्त नरेंद्र अहलूवालिया सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
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आज से शुरू होगा लोकोत्सव
नलवाड़ी मेले में सोमवार सुबह 11:00 बजे लोकोत्सव शुरू होगा। यह तीन दिन तक चलेगा। इसमें बिलासपुर की लोक संस्कृति को उजागर करने के लिए लोक कलाकारों को मंच दिया जाएगा। इसके अलावा पशुधन के महत्व को बरकरार रखने के लिए मेला कमेटी द्वारा आकर्षक इनामों के साथ पशुपालकों के बीच विभिन्न प्रतियोगिताएं करवाई जाएंगी। 20 मार्च से रात्रि के कार्यक्रमों में प्रदेश के समृद्ध संस्कृति के संवर्धन के लिए स्थानीय कलाकारों सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों के सांस्कृतिक दलों और स्थापित कलाकार इस मेले में अपनी प्रस्तुति देंगे। मेले की सांस्कृतिक संध्याओं में बिलासपुर के विकास को दर्शाती लेजर लाइट शो भी आयोजित होगा। नलवाड़ी मेले में इस बार पद्मश्री कैलाश खेर, प्रसिद्ध पंजाबी गायक गुरनाम सिंह भुल्लर और हार्मनी ऑफ पाइंस मुख्य आकर्षण होंगे।