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Bilaspur News: बिलासपुर में मिड-डे मील की गुणवत्ता जांचने पहुंची पंजाब टीम
Thu, 20 Nov 2025 11:22 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Thu, 20 Nov 2025 11:22 PM IST
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मिड-डे मील की जांच के लिए बिलासपुर पहुंची टीम। संवाद
10 सरकारी स्कूलों में मिड-डे मील का स्वाद और गुणवत्ता दोनों जांची
पंजाब बायोटेक्नोलॉजी इन्क्यूबेटर की टीम ने सैंपल लेकर मोहाली भेजे
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। मिड-डे मील योजना के तहत सरकारी स्कूलों में बच्चों को परोसे जा रहे भोजन की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए पंजाब की एक टीम ने वीरवार को बिलासपुर का दौरा किया। टीम ने जिले के 10 स्कूलों में जाकर पकाए गए भोजन का स्वाद लिया और गुणवत्ता जांचने के लिए सैंपल लिए।
टीम में अरविंद सिंह और गुरचरण सिंह शामिल थे। उन्होंने प्रारंभिक शिक्षा उप निदेशक बिलासपुर कार्यालय के अभिषेक शर्मा, रेजु कुमारी और रितु बाला के साथ मिलकर प्राइमरी स्कूल बध्यात, सेऊ नसवाल, दधोल, प्राइमरी सेंटर स्कूल कंदरौर, पेहड़वीं, कल्लरी, मिडिल स्कूल डियारा, हाई स्कूल बध्यात और सीनियर सेकेंडरी स्कूल कंदरौर व दधोल का दौरा किया। वीरवार को स्कूलों में निर्धारित शेड्यूल के अनुसार कढ़ी-चावल बनाए गए थे। टीम ने सभी स्कूलों से कढ़ी-चावल के सैंपल एकत्रित किए और भोजन का स्वाद भी लिया। अब एकत्रित सैंपल पंजाब के मोहाली स्थित लैब में भेजे जाएंगे, जहां उनकी जांच कर भोजन की गुणवत्ता का परीक्षण किया जाएगा। टीम ने बताया कि मिड-डे मील बच्चों के लिए पौष्टिक और सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराने की योजना है। इसके लिए भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता का नियमित परीक्षण बेहद जरूरी है। यह कदम बच्चों को ताजगी और पोषणयुक्त भोजन सुनिश्चित करने के साथ-साथ योजना की विश्वसनीयता को भी बढ़ाता है।
स्कूल प्रशासन ने भी टीम का स्वागत किया और बताया कि वे बच्चों को हमेशा समय पर पौष्टिक भोजन देने के लिए प्रयासरत हैं। भोजन के सैंपल लेने की प्रक्रिया से अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी कि बच्चों को हमेशा गुणवत्तापूर्ण भोजन मिले। मिड-डे मील योजना बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण के लिए महत्वपूर्ण है। नियमित जांच और सैंपल परीक्षण से यह सुनिश्चित होगा कि हर बच्चा सुरक्षित, स्वच्छ और पौष्टिक भोजन प्राप्त कर रहा है। इससे योजना की विश्वसनीयता और सरकारी स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति भी बढ़ेगी।
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पंजाब बायोटेक्नोलॉजी इन्क्यूबेटर की टीम ने सैंपल लेकर मोहाली भेजे
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। मिड-डे मील योजना के तहत सरकारी स्कूलों में बच्चों को परोसे जा रहे भोजन की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए पंजाब की एक टीम ने वीरवार को बिलासपुर का दौरा किया। टीम ने जिले के 10 स्कूलों में जाकर पकाए गए भोजन का स्वाद लिया और गुणवत्ता जांचने के लिए सैंपल लिए।
टीम में अरविंद सिंह और गुरचरण सिंह शामिल थे। उन्होंने प्रारंभिक शिक्षा उप निदेशक बिलासपुर कार्यालय के अभिषेक शर्मा, रेजु कुमारी और रितु बाला के साथ मिलकर प्राइमरी स्कूल बध्यात, सेऊ नसवाल, दधोल, प्राइमरी सेंटर स्कूल कंदरौर, पेहड़वीं, कल्लरी, मिडिल स्कूल डियारा, हाई स्कूल बध्यात और सीनियर सेकेंडरी स्कूल कंदरौर व दधोल का दौरा किया। वीरवार को स्कूलों में निर्धारित शेड्यूल के अनुसार कढ़ी-चावल बनाए गए थे। टीम ने सभी स्कूलों से कढ़ी-चावल के सैंपल एकत्रित किए और भोजन का स्वाद भी लिया। अब एकत्रित सैंपल पंजाब के मोहाली स्थित लैब में भेजे जाएंगे, जहां उनकी जांच कर भोजन की गुणवत्ता का परीक्षण किया जाएगा। टीम ने बताया कि मिड-डे मील बच्चों के लिए पौष्टिक और सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराने की योजना है। इसके लिए भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता का नियमित परीक्षण बेहद जरूरी है। यह कदम बच्चों को ताजगी और पोषणयुक्त भोजन सुनिश्चित करने के साथ-साथ योजना की विश्वसनीयता को भी बढ़ाता है।
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स्कूल प्रशासन ने भी टीम का स्वागत किया और बताया कि वे बच्चों को हमेशा समय पर पौष्टिक भोजन देने के लिए प्रयासरत हैं। भोजन के सैंपल लेने की प्रक्रिया से अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी कि बच्चों को हमेशा गुणवत्तापूर्ण भोजन मिले। मिड-डे मील योजना बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण के लिए महत्वपूर्ण है। नियमित जांच और सैंपल परीक्षण से यह सुनिश्चित होगा कि हर बच्चा सुरक्षित, स्वच्छ और पौष्टिक भोजन प्राप्त कर रहा है। इससे योजना की विश्वसनीयता और सरकारी स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति भी बढ़ेगी।
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