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महिलाओं का आईपीएच कार्यालय के बाहर धरना, नारेबाजी की

Tue, 18 Apr 2017 11:53 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, नयना देवी (बिलासपुर)।
ब्यूरो/ अमर उजाला, नयना देवी (बिलासपुर)। Updated Tue, 18 Apr 2017 11:53 PM IST
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protest in front of iph office by women for water crisis
विरोध - फोटो : अमर उजाला

नकराना पंचायत के तहत आने वाले गांव नकराना और स्वाणा में पिछले तीन महीनों से ग्रामीण पानी की बूंद-बूंद के लिए तरस रहे हैं। इसके विरोध में गांव की महिलाओं ने मंगलवार को घवांडल के आईपीएच कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन किया। हैरानी इस बात की है कि 11.30 बजे धरने के लिए जब ग्रामीण महिलाएं कार्यालय पहुंची तो वहां पर न ही कोई कर्मचारी मौजूद था और न ही कोई अधिकारी।

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ऐसे में विभाग की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में आ गई है। विरोध में महिलाओं ने कार्यालय के बाहर जमकर नारेबाजी की। उन्होंने बताया कि हालत यह है कि आईपीएच विभाग की शिकायत के बावजूद आज तक गांव में समस्या का समाधान नहीं हुआ है। इस वजह से ग्रामीणों को 2 हजार रुपये खर्च कर पानी के टैंकर मंगवाकर और तीन किलोमीटर दूर चश्मे से पानी ढोकर लाना पड़ रहा है।
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ग्रामीणों का कहना है कि वह पिछले तीन महीने से विभाग को लगातार पेयजल संकट बारे में सूचित करते रहे हैं, परंतु विभाग के कानों में जूं तक नहीं रेंग रही है। इससे आज के समय में हालात इतने बदतर हो गए हैं कि लोगों को तीन किलोमीटर दूरी से पीने का पानी लाना पड़ रहा है।
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ग्रामीण राकेश कुमार, गोवर्धन सिंह, नरेश कुमार, सिकंदर लाल, बुद्धि सिंह, रणधीर सिंह, देवराज, सदाराम, राजेंद्र, सिंह, रामपाल, शंकर दास, बंसी लाल, बाल कृष्ण और मनोहर लाल ने बताया कि महिलाओं के साथ वह लगभग साढ़े ग्यारह बजे कार्यालय के बाहर पहुंच गए थे। मगर कार्यालय पूरी तरह से खाली था। यहां न ही कोई भी अधिकारी था और न ही कर्मचारी मौजूद था।

हैरानी इस बात की है कि आईपीएच विभाग के अधिकारी भी अपने कर्मचारियों की लापरवाही पर परदा डालने का काम कर रहे हैं। 11.30 बजे कार्यालय खोली होने पर विभागीय अधिकारियों का तर्क है कि उस समय लंच टाइम होगा। मगर वह यह बताने में असफल रहे कि साढे ग्यारह बजे सरकार के कौन से नियम के मुताबिक लंच टाइम होता है।


इस संदर्भ में आईपीएच के अधिशासी अभियंता सुरेंद्र कुमार पटियाल का कहना है कि जल्द प्रभावित लोगों को पेयजल मुहैया करवा दिया जाएगा। जहां तक कार्यालय में कोई भी स्टाफ ना होने की बात है तो उस समय लंच का समय होगा।

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