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AIIMS Bilaspur: स्मार्ट मशीन देगी एनेस्थीसिया, उम्र-वजन के आधार पर खुद तय करेगी डोज, खरीद प्रक्रिया शुरू

Tue, 21 Apr 2026 07:16 AM IST
Ankesh Dogra संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर। Published by: Ankesh Dogra Updated Tue, 21 Apr 2026 07:16 AM IST
सार

एम्स बिलासपुर ने चार टारगेट कंट्रोल्ड इन्फ्यूजन पंप खरीदने के लिए टेंडर जारी किया है, जिससे मरीजों को बेहतर इलाज सुविधा मिल सकेगी। पढ़ें पूरी खबर...

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Procurement process for four high-tech Target Controlled Infusion pumps initiated at AIIMS Bilaspur
एम्स बिलासपुर (फाइल फोटो)। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

एम्स बिलासपुर में अब सर्जरी के दौरान एनेस्थीसिया देना पहले से कहीं ज्यादा सुरक्षित और आधुनिक होने जा रहा है। संस्थान ने चार टारगेट कंट्रोल्ड इन्फ्यूजन पंप खरीदने के लिए टेंडर जारी किया है, जिससे मरीजों को बेहतर इलाज सुविधा मिल सकेगी। अभी तक सर्जरी के दौरान डॉक्टर मरीज के वजन और स्थिति के आधार पर अनुमान लगाकर एनेस्थीसिया देते थे, लेकिन नई तकनीक आने के बाद यह प्रक्रिया पूरी तरह स्मार्ट हो जाएगी। यह मशीन मरीज के शरीर में दवा के स्तर को लगातार मॉनिटर करते हुए खुद ही तय करेगी कि कितनी मात्रा में दवा देनी है।

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इन मशीनों का उपयोग मुख्य रूप से ऑपरेशन थिएटर और आईसीयू में किया जाएगा, जहां मरीजों की स्थिति बेहद संवेदनशील होती है। ऐसे में यह तकनीक इलाज के दौरान होने वाली त्रुटियों को कम करने में मदद करेगी और मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी। टेंडर के तहत चार यूनिट उपकरण खरीदे जाएंगे। चयनित कंपनी को मशीनों की सप्लाई, इंस्टॉलेशन, टेस्टिंग और अस्पताल स्टाफ को प्रशिक्षण देने की जिम्मेदारी भी निभानी होगी।

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टारगेट कंट्रोल्ड इन्फ्यूजन पंप मरीज के खून में दवा के स्तर को लगातार मॉनिटर करेगा, जिससे दवा न कम होगी और न ज्यादा। सटीक मात्रा मिलने से मरीज को ऑपरेशन के बाद जल्दी होश आएगा और रिकवरी का समय कम होगा। एनेस्थीसिया की ओवरडोज से होने वाली उल्टी, जी मिचलाना और याददाश्त संबंधी समस्याएं कम होंगी। संवेदनशील मरीजों के लिए यह तकनीक अधिक भरोसेमंद और सुरक्षित साबित होगी। मशीन मरीज की उम्र, वजन और लिंग के आधार पर खुद दवा की डोज तय करती है। दवा का स्तर ऊपर-नीचे होने पर तुरंत डॉक्टरों को अलर्ट मिलेगा। सर्जरी के दौरान दी गई दवा का पूरा डाटा सुरक्षित रहता है, जिससे पारदर्शिता बढ़ती है। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार इन अत्याधुनिक मशीनों के आने से न केवल सर्जरी की गुणवत्ता बेहतर होगी, बल्कि मरीजों की सुरक्षा और आराम भी बढ़ेगा।

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