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1 जुलाई से जिला में निजी बस ऑपरेटर नहीं चलाएंगे बसें
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बिलासपुर। जिला के निजी बस ऑपरेटर फिलहाल बसें नहीं दौड़ाएंगे। बीती 25 जून को हुई कैबिनेट की बैठक में निजी बस ऑपरेटरों की मांगें न मानने पर जिला निजी बस ऑपरेटर संघ ने यह निर्णय लिया है। दी बाबा नाहर सिंह बस ऑपरेटर यूनियन बिलासपुर के पदाधिकारियों ने दो टूक कहा है कि जब तक सरकार उनकी टैक्स 31 मार्च 2021 तक माफ करने के साथ लोकल किराया न्यूनतम 10 रुपये करने की मांग को पूरी नहीं करती है तब तक निजी बसें सड़कों पर नहीं चलेंगी।
बस ऑपरेटर यूनियन के जिला प्रधान रमेश ठाकुर ने कहा कि यदि 30 जून तक सरकार उनकी मुख्य मांगों को मान लेती है तो एक जुलाई से निजी बसें जिला में शुरू हो जाएंगी। कहा कि यूनियन की मुख्य मांगों में बस स्टाफ का बीमा, बस किराया में बढ़ोतरी और बस मालिकों को आर्थिक पैकेज शामिल है। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के चलते निजी बस ऑपरेटरों को भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ा है। वहीं सरकार की तरफ से कोई आर्थिक सहायता न मिलने के कारण निजी बस ऑपरेटर इस परिस्थिति में नहीं है कि वो बिना किराया बढ़ाए बसें सड़कों पर उतारे। कहा कि अगर बस ऑपरेटर बसें चलाने के लिए हामी भी भर देंगे तो भी बसों के तेल और स्टाफ का खर्च निकालना मुश्किल हो जाएगा। वहीं बस मालिकों ने बैंकों से जो लाखों रुपये का कर्जा लिया है।
कोरोना काल में उसे चुकाना उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार 30 जुलाई तक उनकी मुख्य मांगों को मान लेती है तो एक जुलाई से बसें सड़कों पर दौड़ेंगी। अन्यथा 4 महीने से बेरोजगार बैठे निजी बस ऑपरेटर और चालक कोरोना काल में मांगे पूरी होने तक का इंतजार करेंगे।
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बिलासपुर निजी बस संघर्ष समिति के प्रधान अमरजीत सेन ने कहा है कि सरकार को निजी बस ऑपरेटरों को आर्थिक सहायता प्रदान करनी चाहिए। कहा कि तेल की कीमतें आसमान छू रही है। ऐसे में अगर निजी बस मालिक बसें चलाने के लिए राजी भी हो जाते हैं तो बसों के तेल का भी खर्च भी उन्हें अपनी जेब से भरना पड़ेगा। जिससे वो और ज्यादा कर्ज में डूब जाएंगे।
जिला में 55 रूटों पर सरकारी और 6 रुट पर निजी बसें चल रही है। अभी तक जिला में कोई और नया रुट शुरू नहीं किया गया है। सोमवार को भी इन्हीं रुट पर बसें चलेगी।
किशोरी लाल वैद्य, आरएम बिलासपुर
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बस ऑपरेटर यूनियन के जिला प्रधान रमेश ठाकुर ने कहा कि यदि 30 जून तक सरकार उनकी मुख्य मांगों को मान लेती है तो एक जुलाई से निजी बसें जिला में शुरू हो जाएंगी। कहा कि यूनियन की मुख्य मांगों में बस स्टाफ का बीमा, बस किराया में बढ़ोतरी और बस मालिकों को आर्थिक पैकेज शामिल है। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के चलते निजी बस ऑपरेटरों को भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ा है। वहीं सरकार की तरफ से कोई आर्थिक सहायता न मिलने के कारण निजी बस ऑपरेटर इस परिस्थिति में नहीं है कि वो बिना किराया बढ़ाए बसें सड़कों पर उतारे। कहा कि अगर बस ऑपरेटर बसें चलाने के लिए हामी भी भर देंगे तो भी बसों के तेल और स्टाफ का खर्च निकालना मुश्किल हो जाएगा। वहीं बस मालिकों ने बैंकों से जो लाखों रुपये का कर्जा लिया है।
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कोरोना काल में उसे चुकाना उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार 30 जुलाई तक उनकी मुख्य मांगों को मान लेती है तो एक जुलाई से बसें सड़कों पर दौड़ेंगी। अन्यथा 4 महीने से बेरोजगार बैठे निजी बस ऑपरेटर और चालक कोरोना काल में मांगे पूरी होने तक का इंतजार करेंगे।
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बिलासपुर निजी बस संघर्ष समिति के प्रधान अमरजीत सेन ने कहा है कि सरकार को निजी बस ऑपरेटरों को आर्थिक सहायता प्रदान करनी चाहिए। कहा कि तेल की कीमतें आसमान छू रही है। ऐसे में अगर निजी बस मालिक बसें चलाने के लिए राजी भी हो जाते हैं तो बसों के तेल का भी खर्च भी उन्हें अपनी जेब से भरना पड़ेगा। जिससे वो और ज्यादा कर्ज में डूब जाएंगे।
जिला में 55 रूटों पर सरकारी और 6 रुट पर निजी बसें चल रही है। अभी तक जिला में कोई और नया रुट शुरू नहीं किया गया है। सोमवार को भी इन्हीं रुट पर बसें चलेगी।
किशोरी लाल वैद्य, आरएम बिलासपुर