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Bilaspur News: घुमारवीं नप अध्यक्ष की कुर्सी पर फैसले में देरी से गरमाई सियासत

Wed, 17 Jun 2026 11:26 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर Updated Wed, 17 Jun 2026 11:26 PM IST
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Politics heats up over delay in decision regarding Ghumarwin Municipal Council President's post.
घुमारवीं नगर परिषद अध्यक्ष की कुर्सी पर सस्पेंस बरकरार, देरी से गरमाई सियासत-एक माह बाद भी नहीं हो सके अध्यक्ष-उपाध्यक्ष के चुनाव
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-जिले के तीन नगर निकायों में हो चुका है अध्यक्ष, उपाध्यक्ष का चुनाव

संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। घुमारवीं नगर परिषद में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव को लेकर सियासी हलचल लगातार तेज होती जा रही है। चुनाव परिणाम घोषित हुए एक माह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद अभी तक अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चुनाव नहीं हो पाया है। फैसले में देरी से राजनीतिक गलियारों में अलग-अलग कयास लगाए जा रहे हैं।
जिले की नगर परिषद बिलासपुर, श्री नयना देवी जी और नगर पंचायत तलाई में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव पहले ही संपन्न हो चुके हैं, लेकिन घुमारवीं नगर परिषद में मामला अब भी लंबित है। ऐसे में स्थानीय स्तर पर यह सवाल उठ रहा है कि आखिर फैसला लेने में देरी की वजह क्या है। भाजपा ने इस मुद्दे को लेकर प्रशासन पर सवाल उठाए हैं। पार्टी का आरोप है कि कांग्रेस के दबाव में चुनाव प्रक्रिया को जानबूझकर टाला जा रहा है। भाजपा नेताओं का कहना है कि चुनाव परिणाम आए काफी समय बीत चुका है, लेकिन अभी तक चुनाव की तारीख तय नहीं की गई, जिससे प्रशासन की निष्पक्षता पर भी प्रश्नचिह्न लग रहे हैं।
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नगर परिषद में भाजपा समर्थित छह पार्षद हैं, जबकि कांग्रेस समर्थित तीन पार्षद निर्वाचित हुए हैं। संख्या बल भाजपा के पक्ष में होने के बावजूद चुनाव में हो रही देरी ने राजनीतिक अटकलों को और हवा दे दी है। सियासी गलियारों में अब संभावित सेंधमारी की चर्चाएं भी जोर पकड़ने लगी हैं। भाजपा नेताओं का आरोप है कि उनके कुछ पार्षदों को प्रभावित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। हालांकि पार्टी ने दावा किया है कि उसके सभी पार्षद एकजुट हैं और किसी भी प्रकार के दबाव या प्रलोभन में आने वाले नहीं हैं। उधर, विधायक के वोट को लेकर लगी रोक हटने के बाद राजनीतिक समीकरणों पर भी चर्चा तेज हो गई है। हालांकि नियमों के अनुसार विधायक का मत तभी निर्णायक भूमिका निभाएगा, जब दोनों पक्षों की संख्या बराबर होगी। इसके बावजूद चुनाव में हो रही देरी ने सियासी गतिविधियों को और रहस्यमयी बना दिया है। भाजपा ने प्रशासन को दो दिन का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र चुनाव नहीं करवाए गए तो पार्टी आंदोलन का रास्ता अपनाएगी। ऐसे में घुमारवीं नगर परिषद की कुर्सी को लेकर जारी सियासी संग्राम अब और दिलचस्प हो गया है तथा सभी की नजरें आगामी घटनाक्रम पर टिकी हैं।
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