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Bilaspur News: ढाई साल पहले आई आपदा से टूटी सड़क से लोग परेशान

Fri, 21 Feb 2025 11:29 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Fri, 21 Feb 2025 11:29 PM IST
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People are troubled by the road broken due to the disaster that occurred two and a half years ago.
झंडूता की ग्राम पंचायत बड़गांव के री गांव की क्षतिग्रस्त सड़क । संवाद
आपदा के बाद बड़गांव पंचायत के री गांव में नहीं पहुंची सरकारी बस
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-विद्यार्थियों और नौकरीपेशा लोगों को उठानी पड़ती हैं भारी दिक्कत
-बस गांव तक न पहुंचने के कारण बच्चों को कई किलोमीटर चलना पड़ता है पैदल

संवाद न्यूज एजेंसी
बरठीं (बिलासपुर)। विकासखंड झंडूता की ग्राम पंचायत बड़गांव के गांव री के लोगों को ढाई साल से बस सुविधा से वंचित रहना पड़ रहा है। जुलाई 2022 की भारी बारिश और बाढ़ के कारण गांव की सड़क बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थी। लेकिन करीब तीन साल बीत जाने के बावजूद लोक निर्माण विभाग सड़क की मरम्मत नहीं कर सका।
खासकर सीर खड्ड के किनारे 20 मीटर डंगा न लगने की वजह से हिमाचल पथ परिवहन निगम की बस गांव तक नहीं पहुंच पा रही है, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण शमशेर सिंह, बिशन सिंह, रणजीत सिंह, ओंकार सिंह, बलवीर सिंह, जंग बहादुर, सुखदेव, बलदेव, अनिल कुमार, विजय कुमार और चंदन सहित अन्य लोगों ने बताया कि सड़क टूटने के एक साल बाद तक विभाग ने कोई कार्यवाही नहीं की। मजबूर होकर ग्रामीणों ने खुद सड़क को अस्थायी तौर पर ठीक करने का प्रयास किया, लेकिन डंगे के अभाव में बस सेवा आज भी बाधित है।
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गांव री के 42 परिवारों के बच्चे राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बड़गांव और बरठीं में पढ़ने के लिए जाते हैं। लेकिन बस गांव तक न पहुंचने के कारण उन्हें रोजाना डेढ़ से दो घंटे पैदल चलना पड़ता है। इसके अलावा, नौकरीपेशा लोगों को भी लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है, जिससे उनका समय और श्रम दोनों बर्बाद हो रहे हैं।
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गांव के लोगों का कहना है कि उन्होंने कई बार लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से संपर्क किया, लेकिन उन्हें कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला। ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग की लापरवाही के चलते उन्हें तीन साल से परेशान होना पड़ रहा है। सरकार और विभाग को चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही सड़क के किनारे डंगा नहीं लगाया गया तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। ग्रामीणों ने कहा कि वे धरना-प्रदर्शन करने से भी पीछे नहीं हटेंगे और अगर जरूरत पड़ी तो प्रशासनिक अधिकारियों के दफ्तर के बाहर भी प्रदर्शन किया जाएगा।

कोट
लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता सुरजीत कैथ ने कहा कि डंगे का एस्टीमेट तैयार कर सरकार को भेज दिया गया है। अब इसकी स्वीकृति सरकार पर निर्भर है। जैसे ही स्वीकृति मिलेगी इस डंगे का काम शुरू कर दिया जाएगा।
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