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लोगों को नहीं मिल रहा एससी, एसटी उप योजना का लाभ : केएस
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-बिलासपुर में हुई एससी-एसटी सब प्लान इकाई की बैठक
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। स्टेट कॉलेशन फॉर लेजिस्लेशन ऑफ एससी-एसटी सब प्लान बिलासपुर इकाई की बैठक रविवार को शहर के रविदास मंदिर में हुई। बैठक में अनुसूचित जाति जनजाति के उत्थान और सरकार की कार्रवाई को लेकर मंथन किया गया।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रो. केएस धीर ने कहा कि प्रदेश में एससी, एसटी उप योजना को औपचारिकता के तौर पर लागू किया गया है। इसका वंचित शोषित एवं पीड़ित समाज को लाभ नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि चार प्रतिशत आवंटित बजट भी एससी, एसटी समुदाय पर पूरी तरह खर्च नहीं हो रहा है, जबकि इसे अन्य मदों में व्यय किया जा रहा है। यह इस वर्ग के साथ सरासर अन्याय है। कहा कि प्रदेश में एससी, एसटी की जनसंख्या 33 प्रतिशत के करीब है। ऐसे में उप योजना के तहत कुल बजट का तकरीबन 33 प्रतिशत आवंटित किया जाना अनिवार्य है। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति समाज के लिए विशेष सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रम, गुणात्मक नागरिक सुविधाओं के साथ ढांचागत विकास के प्रावधान हैं। मांगों का जिक्र करते हुए हिमाचल प्रदेश में एससी, एसटी उप योजना के लिए विशेष एक्ट बनाया जाए, ताकि संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार बजट का आवंटन हो। उन्होंने कहा कि आवंटित बजट की शतप्रतिशत धनराशि एससी एसटी वर्ग के विकास के लिए खर्च की जाए। बैठक में संगठनात्मक गतिविधियों पर भी चर्चा की गई। इस मौके पर प्रेम लाल बांगे, विजय राम कालिया, राज कुमार, राजेंद्र पाल और मस्त राम दड़ोच सहित अन्य मौजूद रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। स्टेट कॉलेशन फॉर लेजिस्लेशन ऑफ एससी-एसटी सब प्लान बिलासपुर इकाई की बैठक रविवार को शहर के रविदास मंदिर में हुई। बैठक में अनुसूचित जाति जनजाति के उत्थान और सरकार की कार्रवाई को लेकर मंथन किया गया।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रो. केएस धीर ने कहा कि प्रदेश में एससी, एसटी उप योजना को औपचारिकता के तौर पर लागू किया गया है। इसका वंचित शोषित एवं पीड़ित समाज को लाभ नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि चार प्रतिशत आवंटित बजट भी एससी, एसटी समुदाय पर पूरी तरह खर्च नहीं हो रहा है, जबकि इसे अन्य मदों में व्यय किया जा रहा है। यह इस वर्ग के साथ सरासर अन्याय है। कहा कि प्रदेश में एससी, एसटी की जनसंख्या 33 प्रतिशत के करीब है। ऐसे में उप योजना के तहत कुल बजट का तकरीबन 33 प्रतिशत आवंटित किया जाना अनिवार्य है। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति समाज के लिए विशेष सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रम, गुणात्मक नागरिक सुविधाओं के साथ ढांचागत विकास के प्रावधान हैं। मांगों का जिक्र करते हुए हिमाचल प्रदेश में एससी, एसटी उप योजना के लिए विशेष एक्ट बनाया जाए, ताकि संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार बजट का आवंटन हो। उन्होंने कहा कि आवंटित बजट की शतप्रतिशत धनराशि एससी एसटी वर्ग के विकास के लिए खर्च की जाए। बैठक में संगठनात्मक गतिविधियों पर भी चर्चा की गई। इस मौके पर प्रेम लाल बांगे, विजय राम कालिया, राज कुमार, राजेंद्र पाल और मस्त राम दड़ोच सहित अन्य मौजूद रहे।
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