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Bilaspur News: बंदला धार में शुरू हुआ पैराग्लाइडिंग एसआईवी तीसरे बैच का प्रशिक्षण
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बंदला धार में उड़ान भरता पायलट और नीचे गोबिंद सागर झील का दृश्य। संवाद
राष्ट्रपति के एम्स दौरे के चलते चार से छह अक्तूबर तक बंद रहीं उड़ानें
देश-विदेश के पायलट ले रहे प्रशिक्षण
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के एम्स बिलासपुर दौरे के चलते चार से छह अक्तूबर तक बंदला धार में पैराग्लाइडिंग गतिविधियों पर लगी रोक हटने के बाद बुधवार से उड़ानें फिर शुरू हो गईं। इसके साथ ही बंदला धार में पैराग्लाइडिंग के एसआईवी (सिमुलेटेड इंसिडेंट इन फ्लाइट) प्रशिक्षण के तीसरे बैच का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी शुरू हो गया है।
टेंपल पायलट पैराग्लाइडिंग स्कूल एंड क्लब की ओर से आयोजित इस प्रशिक्षण में देश के विभिन्न हिस्सों से 20 से अधिक प्रशिक्षु पायलट पहुंचे हैं। इसके अलावा जर्मनी, फ्रांस और वियतनाम से भी पायलट प्रशिक्षण के लिए बंदला धार पहुंचे हैं। प्रशिक्षण का उद्देश्य उड़ान के दौरान पैराग्लाइडर के असामान्य व्यवहार और आपात परिस्थितियों में सुरक्षित नियंत्रण तथा रिकवरी की तकनीकों में पायलटों को दक्ष बनाना है। एसीआई से संबद्ध टेंपल पायलट स्कूल की अनुभवी टीम प्रशिक्षण दे रही है। इसमें मास्टर इंस्ट्रक्टर और पूर्व वायुसेना फाइटर पायलट अवि मलिक के साथ अल्बानिया के मास्टर इंस्ट्रक्टर रोलांद दोरोझानी शामिल हैं। महाराष्ट्र के सागर राय, संतोष पवार और मिहिर जोइशर भी प्रशिक्षक की भूमिका निभा रहे हैं।
प्रशिक्षण के दौरान पायलटों को पैराग्लाइडर के असामान्य व्यवहार की स्थिति में नियंत्रण बनाए रखने, विभिन्न मैन्युवर्स का अभ्यास करने और आपात स्थिति में सुरक्षित रिकवरी की तकनीकें सिखाई जा रही हैं। गोबिंद सागर झील के ऊपर होने वाले इस प्रशिक्षण में सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है। चार से छह अक्तूबर तक उड़ानों पर रोक के बाद बुधवार को बंदला धार में फिर पैराग्लाइडिंग गतिविधियां शुरू होने से प्रशिक्षण में शामिल पायलटों में भी उत्साह देखा गया।
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देश-विदेश के पायलट ले रहे प्रशिक्षण
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के एम्स बिलासपुर दौरे के चलते चार से छह अक्तूबर तक बंदला धार में पैराग्लाइडिंग गतिविधियों पर लगी रोक हटने के बाद बुधवार से उड़ानें फिर शुरू हो गईं। इसके साथ ही बंदला धार में पैराग्लाइडिंग के एसआईवी (सिमुलेटेड इंसिडेंट इन फ्लाइट) प्रशिक्षण के तीसरे बैच का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी शुरू हो गया है।
टेंपल पायलट पैराग्लाइडिंग स्कूल एंड क्लब की ओर से आयोजित इस प्रशिक्षण में देश के विभिन्न हिस्सों से 20 से अधिक प्रशिक्षु पायलट पहुंचे हैं। इसके अलावा जर्मनी, फ्रांस और वियतनाम से भी पायलट प्रशिक्षण के लिए बंदला धार पहुंचे हैं। प्रशिक्षण का उद्देश्य उड़ान के दौरान पैराग्लाइडर के असामान्य व्यवहार और आपात परिस्थितियों में सुरक्षित नियंत्रण तथा रिकवरी की तकनीकों में पायलटों को दक्ष बनाना है। एसीआई से संबद्ध टेंपल पायलट स्कूल की अनुभवी टीम प्रशिक्षण दे रही है। इसमें मास्टर इंस्ट्रक्टर और पूर्व वायुसेना फाइटर पायलट अवि मलिक के साथ अल्बानिया के मास्टर इंस्ट्रक्टर रोलांद दोरोझानी शामिल हैं। महाराष्ट्र के सागर राय, संतोष पवार और मिहिर जोइशर भी प्रशिक्षक की भूमिका निभा रहे हैं।
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प्रशिक्षण के दौरान पायलटों को पैराग्लाइडर के असामान्य व्यवहार की स्थिति में नियंत्रण बनाए रखने, विभिन्न मैन्युवर्स का अभ्यास करने और आपात स्थिति में सुरक्षित रिकवरी की तकनीकें सिखाई जा रही हैं। गोबिंद सागर झील के ऊपर होने वाले इस प्रशिक्षण में सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है। चार से छह अक्तूबर तक उड़ानों पर रोक के बाद बुधवार को बंदला धार में फिर पैराग्लाइडिंग गतिविधियां शुरू होने से प्रशिक्षण में शामिल पायलटों में भी उत्साह देखा गया।
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