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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Bilaspur News ›   On the fourth day of Ramlila, the audience was moved by the dialogue between Kevat and Shri Ram.

Bilaspur News: रामलीला के चौथे दिन केवट और श्रीराम के संवाद से दर्शक भावुक

Fri, 16 Oct 2026 12:43 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Fri, 16 Oct 2026 12:43 AM IST
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On the fourth day of Ramlila, the audience was moved by the dialogue between Kevat and Shri Ram.
डियारा सेक्टर में चल रही रामलीला में नदी पार करने का दृश्य। स्रोत: समिति
संवाद न्यूज एजेंसी
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बिलासपुर। डियारा सेक्टर में चल रहे राम नाटक के चौथे दिन प्रभु श्रीराम और केवट के बीच मार्मिक संवाद ने उपस्थित दर्शकों को भावविभोर कर दिया।
कलाकारों ने अपने प्रभावशाली अभिनय के माध्यम से भगवान के प्रति एक भक्त की अटूट आस्था, प्रेम और समर्पण को जीवंत किया। इसके अलावा, भरत के चित्रकूट पहुंचने और रावण द्वारा माता सीता के हरण की योजना तैयार करने के प्रसंगों का भी मंचन किया गया।
नाटक के पहले दृश्य में 14 वर्ष के वनवास के दौरान प्रभु श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण के गंगा तट पर पहुंचने का प्रसंग दिखाया गया। जब प्रभु श्रीराम ने केवट से नाव के जरिए नदी पार करवाने का आग्रह किया, तो उसने यह कहकर मना कर दिया कि आपके चरणों के स्पर्श से पत्थर की शिला नारी बन गई थी; यदि आपकी चरण रज से मेरी नाव भी नारी बन गई, तो उसकी रोजी-रोटी का क्या होगा। केवट की इस बात पर प्रभु श्रीराम मंद-मंद मुस्कुराए और उसकी गहरी भक्ति को समझ गए।
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इसके बाद केवट ने अत्यंत श्रद्धा से प्रभु के चरण धोए और उन्हें गंगा पार कराया। जब माता सीता ने उतराई के रूप में कंगन देना चाहा, तो केवट ने विनम्रता से इन्कार करते हुए कहा कि दोनों का पेशा एक जैसा है, प्रभु श्रीराम लोगों को भवसागर पार कराते हैं, जबकि वह लोगों को गंगा पार करवाता है। इसलिए वह कोई उतराई नहीं लेगा। इस भावपूर्ण प्रसंग ने दर्शकों को गहरा संदेश दिया।
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दूसरे दृश्य में भरत के चित्रकूट पहुंचने का प्रसंग दिखाया गया, जहां उन्होंने प्रभु श्रीराम को महाराज दशरथ के देहावसान का समाचार दिया और उनसे अयोध्या लौटने का आग्रह किया। पिता की मृत्यु का समाचार सुनकर प्रभु श्रीराम दुखी हो गए, लेकिन उन्होंने वचन पालन की बात कहते हुए अयोध्या लौटने से असमर्थता जताई। इसके बाद रावण द्वारा सीता हरण की योजना के दृश्य को प्रस्तुत किया गया। इस अवसर पर राम शरणम की साधक और प्रमुख समाजसेवी मधुरिमा कश्यप ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की।
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