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Bilaspur News: अब तेरे बिन हम चल नहीं सकते... से लूटी वाहवाही

Mon, 28 Oct 2024 11:45 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Mon, 28 Oct 2024 11:45 PM IST
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Now we can't go on without you... received applause
-घुमारवीं में हुई महर्षि स्वामी दयानंद सरस्वती के जीवन पर काव्य गोष्ठी
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। अखिल भारतीय साहित्य परिषद बिलासपुर इकाई की ओर से महर्षि स्वामी दयानंद सरस्वती के जीवन पर साहित्यिक काव्य गोष्ठी घुमारवीं में हुई। इसकी अध्यक्षता इकाई के अध्यक्ष डॉ. अनेक राम सांख्यान ने की।


कार्यक्रम के मुख्यातिथि प्रो. लेखराम शर्मा और विशिष्ट अतिथि बीएल लखनपाल रहे। गोष्ठी दो सत्रों में आयोजित की गई। प्रथम सत्र में महर्षि स्वामी दयानंद सरस्वती के चरित्र पर चर्चा की गई। मुख्यातिथि ने कहा कि महर्षि स्वामी दयानंद सरस्वती की समाज को दी गई शिक्षाएं अतुलनीय हैं। उन्होंने महर्षि स्वामी दयानंद सरस्वती के जीवन पर विस्तृत जानकारी दी। डॉ. अनेक राम सांख्यान ने कहा कि महर्षि स्वामी दयानंद ने वेदों की ओर लोटो और सनातन धर्म का आचरण करने की सीख दी। विशिष्ट अतिथि ने महर्षि स्वामी दयानंद के जीवन पर पर पत्र वाचन किया। कार्यक्रम के द्वितीय सत्र की अध्यक्षता कैप्टन डॉ. जय चंद महलवाल ने की और मंच संचालन युवा कवयित्री प्रीति मधु ने किया। काव्य गोष्ठी में डॉ. अनेक राम सांख्यान ने अब तेरे बिन हम चल नहीं सकते क्योंकि तुम ही हो अब मेरी पथ गामिनी, बीएल लखनपाल ने पहाड़ी गीत दो नारा बे लोको लश्क दिया तलवारा दो नारा, कैप्टन डॉ. जयचंद महलवाल ने कृष्ण लाल तिवारी के घर नन्हा सा बालक आया जो जन्म के साथ मूल शंकर बाद में दयानंद सरस्वती कहलाया रचना प्रस्तुत की। वीना वर्धन ने मोबाइला ने हंसणा मोबाइल ने सोणा, रेखा चंदेल ने उड़ी उड़ी जाया तारा मैं भेजा उड़ी उड़ी करा टेलीफोन, रचना चंदेल ने तीन रंग का लिए तिरंगा भारत मां की जय बोलो वंदे मातरम वंदे मातरम होकर के निर्भय बोलो, मास्टर यशु ने तू कितनी अच्छी है तू कितनी भोली है हो मां हो मां, अजय ने नाम राम का लेकर तू रावण सा काम न कर रचना प्रस्तुत की। रविंद्र चंदेल कमल ने सबसे बड़ा संगीत वाद्य मनुष्य की आवाज है, प्रीति मधु ने ईक गल्ल जो मैं दस्सू तूहां जो म्हारे म्हाचलां च लगुरा बड़ा होणे बुरा हाल पता नी कित्ती ते आईं ऐ बमारी तिहा रा नांव आ फुक्कू रा माल प्रस्तुत की। इस अवसर पर निशा सांख्यान, परिषद की सदस्य रचना चंदेल आदि उपस्थित रहे।
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