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निर्माण कार्य पर रोक के लिए दिए नोटिस वापस लिए जाएं : देशराज
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-फोरलेन पर धराड़सानी से लेकर पलथी तक लोगों को भेजे जा रहे नोटिस
संवाद न्यूज एजेंसी
भगेड़ (बिलासपुर)। किरतपुर-नेरचौक फोरलेन पर धराड़सानी से लेकर पलथी तक हो रहे निर्माण पर प्रशासन द्वारा दिए जा रहे नोटिसों पर जिला ग्रामीण भाखड़ा सुधार समिति ने कड़ा विरोध जताया है। समिति ने प्रशासन से इस पर रोक लगाने की मांग की है।
जिला ग्रामीण भाखड़ा सुधार समिति के प्रधान देशराज शर्मा ने कहा कि संबंधित क्षेत्रों में अधिकांश लोग भाखड़ा विस्थापित रहते हैं। यह लोग पहले भाखड़ा बांध के कारण अस्तित्व में आई गोबिंद सागर झील के कारण विस्थापित हुए हैं और दूसरी बार फोरलेन के कारण विस्थापित हुए हैं। इस कारण इन लोगों के पास थोड़ी जमीन रह गई है। ऐसे में संबंधित लोगों पर निर्माण करने से पहले पंचायत और एनएचएआई की एनओसी लेने की शर्त थोपना तर्कसंगत नहीं है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि प्रशासन ने नोटिस वापस नहीं लिए और पंचायतों के साथ ही एनएचएआई की एनओसी लेने की थोपी गई शर्त वापस न ली गई तो समिति लोकहित में सड़कों पर उतरने पर विवश होगी। इसकी सारी जिम्मेवारी जिला प्रशासन की होगी। उन्होंने बताया कि संबंधित क्षेत्र के लोगों को उनके निर्माण कार्य बंद करने के लिए ग्रामीण राजस्व अधिकारियों के माध्यम से निर्माण कार्य बंद करने के नोटिस दिए जा रहे हैं, जबकि लोग अपनी जमीन में निर्माण कार्य कर रहे हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
भगेड़ (बिलासपुर)। किरतपुर-नेरचौक फोरलेन पर धराड़सानी से लेकर पलथी तक हो रहे निर्माण पर प्रशासन द्वारा दिए जा रहे नोटिसों पर जिला ग्रामीण भाखड़ा सुधार समिति ने कड़ा विरोध जताया है। समिति ने प्रशासन से इस पर रोक लगाने की मांग की है।
जिला ग्रामीण भाखड़ा सुधार समिति के प्रधान देशराज शर्मा ने कहा कि संबंधित क्षेत्रों में अधिकांश लोग भाखड़ा विस्थापित रहते हैं। यह लोग पहले भाखड़ा बांध के कारण अस्तित्व में आई गोबिंद सागर झील के कारण विस्थापित हुए हैं और दूसरी बार फोरलेन के कारण विस्थापित हुए हैं। इस कारण इन लोगों के पास थोड़ी जमीन रह गई है। ऐसे में संबंधित लोगों पर निर्माण करने से पहले पंचायत और एनएचएआई की एनओसी लेने की शर्त थोपना तर्कसंगत नहीं है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि प्रशासन ने नोटिस वापस नहीं लिए और पंचायतों के साथ ही एनएचएआई की एनओसी लेने की थोपी गई शर्त वापस न ली गई तो समिति लोकहित में सड़कों पर उतरने पर विवश होगी। इसकी सारी जिम्मेवारी जिला प्रशासन की होगी। उन्होंने बताया कि संबंधित क्षेत्र के लोगों को उनके निर्माण कार्य बंद करने के लिए ग्रामीण राजस्व अधिकारियों के माध्यम से निर्माण कार्य बंद करने के नोटिस दिए जा रहे हैं, जबकि लोग अपनी जमीन में निर्माण कार्य कर रहे हैं।
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