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श्री नयनादेवी में उमड़ा आस्था का सैलाब, सुबह दो बजे खुलेंगे कपाट
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श्रावण अष्टमी के मेलों के लिए सजा मां नयना देवी जी का दरबार।
- फोटो : BILASPUR
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श्री नयनादेवी जी(बिलासपुर)। श्रावण अष्टमी मेले शुरू होने के एक दिन पहले ही विश्वविख्यात शक्तिपीठ श्री नयनादेवी जी में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। रविवार को मां नयनादेवी के दरबार में 32,580 श्रद्धालुओं ने माथा टेका। वहीं नो मास्क, नो दर्शन के आधार पर ही श्रद्धालुओं को मंदिर में प्रवेश मिला। इसके अलावा वैक्सीन प्रमाण पत्र और आरटीपीसीआर रिपोर्ट भी जांची जा रही है।
9 से 17 अगस्त तक अगस्त श्रावण अष्टमी मेले आयोजित होंगे। नयनादेवी नगर क्षेत्र को दुल्हन की तरह सजाया गया है। लगभग 1200 सुरक्षा कर्मचारियों को श्री नयनादेवी में चप्पे-चप्पे पर तैनात किया दिया गया है। शरारती तत्वों पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी कैमरों की सहायता ली जा रही है। सशस्त्र पुलिस के जवान तैनात हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए तलाशी ली जाएगी। तलाशी लेने के बाद ही श्रद्धालुओं को माता के दरबार में भेजा जाएगा।
मंदिर न्यास और जिला प्रशासन ने कोलांवाला टोबा के पैदल रास्तों में मात्र तीन लंगर समितियों को लंगर लगाने की अनुमति दी है। कोरोना के चलते इस बार शहरी क्षेत्र में लंगर नहीं लगेंगे।
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मंदिर अधिकारी विजय गौतम ने बताया कि मंदिर में 100 से ज्यादा अस्थायी कर्मचारियों का चयन किया गया है। हर कर्मचारी को यात्रियों को हर सुविधा प्रदान करने को कहा गया है। कोताही बरतने वाले कर्मचारी पर तुरंत कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि मंदिर के कपाट सुबह 2 बजे खुलेंगे और रात 12 बजे को बंद होंगे।
24 में से ढाई घंटे बंद रहेगा मंदिर
श्रावण अष्टमी मेला के दौरान 24 में से मात्र ढाई घंटे मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ बंद रहेंगे। रात्रि 12:00 से 2:00 तक मंदिर बंद रहेगा। जबकि दिन में 12:00 से 12:30 के बीच आरती के लिए मंदिर बंद रहेगा। रात्रि 12:00 से 2:00 के बीच चार आरतियां एक साथ की जाएंगी। सायं कालीन आरती, शयन आरती, मंगल आरती और प्रात: कालीन शृंगार आरती की जाएगी।
इनसेट
माता को ये लगेगा भोग
सायं कालीन आरती में मां नयनादेवी को चने और पूरी का भोग लगाया जाएगा। जबकि शयन आरती में दूध, फल, बर्फी का प्रसाद, मंगल आरती में ड्राई फ्रूट और प्रात: कालीन शृंगार आरती में हलवा, बर्फी का प्रसाद चढ़ाया जाएगा। दोपहर की मध्याह्न आरती जो कि 12:00 से 12:30 के बीच होगी उसमें राजसी भोग मां नयनादेवी को अर्पण किया जाएगा।
इनसेट
मेले शुरू होने से पहले ही सामाजिक दूरी की अवहेलना
मेले शुरू होने से पहले ही मंदिर परिसर में सामाजिक दूरी की अवहेलना हुई। रविवार को भारी संख्या में श्रद्धालु मां नयनादेवी के दरबार में पहुंचे। मंदिर परिसर में भीड़ के चलते सामाजिक दूरी की पालन नहीं हो रही थी।
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9 से 17 अगस्त तक अगस्त श्रावण अष्टमी मेले आयोजित होंगे। नयनादेवी नगर क्षेत्र को दुल्हन की तरह सजाया गया है। लगभग 1200 सुरक्षा कर्मचारियों को श्री नयनादेवी में चप्पे-चप्पे पर तैनात किया दिया गया है। शरारती तत्वों पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी कैमरों की सहायता ली जा रही है। सशस्त्र पुलिस के जवान तैनात हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए तलाशी ली जाएगी। तलाशी लेने के बाद ही श्रद्धालुओं को माता के दरबार में भेजा जाएगा।
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मंदिर न्यास और जिला प्रशासन ने कोलांवाला टोबा के पैदल रास्तों में मात्र तीन लंगर समितियों को लंगर लगाने की अनुमति दी है। कोरोना के चलते इस बार शहरी क्षेत्र में लंगर नहीं लगेंगे।
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मंदिर अधिकारी विजय गौतम ने बताया कि मंदिर में 100 से ज्यादा अस्थायी कर्मचारियों का चयन किया गया है। हर कर्मचारी को यात्रियों को हर सुविधा प्रदान करने को कहा गया है। कोताही बरतने वाले कर्मचारी पर तुरंत कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि मंदिर के कपाट सुबह 2 बजे खुलेंगे और रात 12 बजे को बंद होंगे।
24 में से ढाई घंटे बंद रहेगा मंदिर
श्रावण अष्टमी मेला के दौरान 24 में से मात्र ढाई घंटे मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ बंद रहेंगे। रात्रि 12:00 से 2:00 तक मंदिर बंद रहेगा। जबकि दिन में 12:00 से 12:30 के बीच आरती के लिए मंदिर बंद रहेगा। रात्रि 12:00 से 2:00 के बीच चार आरतियां एक साथ की जाएंगी। सायं कालीन आरती, शयन आरती, मंगल आरती और प्रात: कालीन शृंगार आरती की जाएगी।
इनसेट
माता को ये लगेगा भोग
सायं कालीन आरती में मां नयनादेवी को चने और पूरी का भोग लगाया जाएगा। जबकि शयन आरती में दूध, फल, बर्फी का प्रसाद, मंगल आरती में ड्राई फ्रूट और प्रात: कालीन शृंगार आरती में हलवा, बर्फी का प्रसाद चढ़ाया जाएगा। दोपहर की मध्याह्न आरती जो कि 12:00 से 12:30 के बीच होगी उसमें राजसी भोग मां नयनादेवी को अर्पण किया जाएगा।
इनसेट
मेले शुरू होने से पहले ही सामाजिक दूरी की अवहेलना
मेले शुरू होने से पहले ही मंदिर परिसर में सामाजिक दूरी की अवहेलना हुई। रविवार को भारी संख्या में श्रद्धालु मां नयनादेवी के दरबार में पहुंचे। मंदिर परिसर में भीड़ के चलते सामाजिक दूरी की पालन नहीं हो रही थी।

नयना देवी मंदिर में माथा टेकने के लिए पहुंचे श्रद्धालु। - फोटो : BILASPUR