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Bilaspur News: एम्स विस्तार के लिए 21 बीघा जमीन का इंतकाल, 10 बीघा निजी भूमि का अधिग्रहण जारी
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एम्स बिलासपुर
राजस्व रिकॉर्ड में एम्स के नाम दर्ज जमीन की मौके पर निशानदेही बाकी
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। एम्स बिलासपुर के विस्तार के लिए अतिरिक्त जमीन जुटाने की प्रक्रिया आगे बढ़ी है। 21 बीघा भूमि का इंतकाल एम्स बिलासपुर के नाम हो चुका है। हालांकि, राजस्व रिकॉर्ड में जमीन एम्स के नाम दर्ज होने के बाद भी मौके पर इसकी भौतिक निशानदेही होना बाकी है। वहीं, एम्स के लिए जरूरी 10 बीघा निजी भूमि के अनिवार्य अधिग्रहण की प्रक्रिया जिला प्रशासन की ओर से जारी है। बिलासपुर में हाल ही में हुई दिशा की बैठक में राजस्व विभाग ने सांसद अनुराग ठाकुर को एम्स से जुड़ी जमीन की स्थिति की जानकारी दी।
राजस्व विभाग की कार्रवाई रिपोर्ट के अनुसार 21 बीघा अतिरिक्त भूमि का इंतकाल 27 अक्तूबर 2025 को एम्स के नाम दर्ज किया गया था। अब जमीन की मौके पर पैमाइश और सीमाएं तय करने के लिए भौतिक निशानदेही की कार्रवाई शेष है। निशानदेही पूरी होने के बाद जमीन की वास्तविक सीमाएं स्पष्ट हो सकेंगी।
एम्स विस्तार के लिए अतिरिक्त जमीन की जरूरत का मामला अगस्त में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के एम्स दौरे के दौरान भी सामने आया था। एम्स प्रबंधन ने भविष्य में प्रस्तावित अधोसंरचनात्मक और विकासात्मक कार्यों के लिए 50 बीघा अतिरिक्त भूमि एम्स के नाम हस्तांतरित करने का प्रस्ताव मुख्यमंत्री के समक्ष रखा था। प्रबंधन ने बताया था कि संस्थान में भविष्य की जरूरतों के अनुसार निर्माण और अन्य विकास कार्यों के लिए अतिरिक्त जमीन आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने मामले को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने का आश्वासन दिया था। इसके बाद दिशा बैठक में 21 बीघा भूमि का इंतकाल पूरा होने और 10 बीघा निजी भूमि के अधिग्रहण की प्रक्रिया जारी होने की जानकारी सामने आई है। जिला प्रशासन की ओर से निजी भूमि के अनिवार्य अधिग्रहण के लिए राजस्व स्तर पर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। एम्स प्रबंधन के अनुसार भविष्य में संस्थान में नई सुविधाओं और अधोसंरचनात्मक कार्यों के विस्तार के लिए अतिरिक्त भूमि की आवश्यकता होगी। ऐसे में 21 बीघा भूमि की मौके पर निशानदेही और 10 बीघा निजी भूमि के अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी होना महत्वपूर्ण है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। एम्स बिलासपुर के विस्तार के लिए अतिरिक्त जमीन जुटाने की प्रक्रिया आगे बढ़ी है। 21 बीघा भूमि का इंतकाल एम्स बिलासपुर के नाम हो चुका है। हालांकि, राजस्व रिकॉर्ड में जमीन एम्स के नाम दर्ज होने के बाद भी मौके पर इसकी भौतिक निशानदेही होना बाकी है। वहीं, एम्स के लिए जरूरी 10 बीघा निजी भूमि के अनिवार्य अधिग्रहण की प्रक्रिया जिला प्रशासन की ओर से जारी है। बिलासपुर में हाल ही में हुई दिशा की बैठक में राजस्व विभाग ने सांसद अनुराग ठाकुर को एम्स से जुड़ी जमीन की स्थिति की जानकारी दी।
राजस्व विभाग की कार्रवाई रिपोर्ट के अनुसार 21 बीघा अतिरिक्त भूमि का इंतकाल 27 अक्तूबर 2025 को एम्स के नाम दर्ज किया गया था। अब जमीन की मौके पर पैमाइश और सीमाएं तय करने के लिए भौतिक निशानदेही की कार्रवाई शेष है। निशानदेही पूरी होने के बाद जमीन की वास्तविक सीमाएं स्पष्ट हो सकेंगी।
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एम्स विस्तार के लिए अतिरिक्त जमीन की जरूरत का मामला अगस्त में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के एम्स दौरे के दौरान भी सामने आया था। एम्स प्रबंधन ने भविष्य में प्रस्तावित अधोसंरचनात्मक और विकासात्मक कार्यों के लिए 50 बीघा अतिरिक्त भूमि एम्स के नाम हस्तांतरित करने का प्रस्ताव मुख्यमंत्री के समक्ष रखा था। प्रबंधन ने बताया था कि संस्थान में भविष्य की जरूरतों के अनुसार निर्माण और अन्य विकास कार्यों के लिए अतिरिक्त जमीन आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने मामले को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने का आश्वासन दिया था। इसके बाद दिशा बैठक में 21 बीघा भूमि का इंतकाल पूरा होने और 10 बीघा निजी भूमि के अधिग्रहण की प्रक्रिया जारी होने की जानकारी सामने आई है। जिला प्रशासन की ओर से निजी भूमि के अनिवार्य अधिग्रहण के लिए राजस्व स्तर पर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। एम्स प्रबंधन के अनुसार भविष्य में संस्थान में नई सुविधाओं और अधोसंरचनात्मक कार्यों के विस्तार के लिए अतिरिक्त भूमि की आवश्यकता होगी। ऐसे में 21 बीघा भूमि की मौके पर निशानदेही और 10 बीघा निजी भूमि के अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी होना महत्वपूर्ण है।
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