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पकलिस ने बरामद किया प्रीति का मोबाइल
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बिलासपुर (रामपुर)। सराफ प्रदीप रस्तोगी ने अपनी पत्नी और बेटे की हत्या करने के बाद जिस मोबाइल फोन से अपने भाई को फोन किया था पुलिस ने उसे बरामद कर लिया है। पुलिस मोबाइल फोन का कॉल रिकॉर्ड खंगाल रही है। इसके अलावा पुलिस ने प्रदीप रस्तोगी के खिलाफ पत्नी और बेटे की हत्या, खुदकुशी और गैर लाइसेंसी हथियार रखने के मामले में दर्ज मुकदमे में फाइनल रिपोर्ट (एफआर) इस वजह से लगा दी है कि आरोपी की मौत हो चुकी है।
खजुरिया थाना क्षेत्र के गांव महतोष निवासी प्रदीप रस्तोगी अपनी पत्नी प्रीति रस्तोगी और तीन माह के पुत्र सचिन के साथ कोतवाली क्षेत्र के गांव डिबडिबा का सुभाषनगर कालोनी में रहता था। उसके साथ ही उसका छोटा भाई राजीव रस्तोगी और चचेरा भाई अमन भी रहते थे। प्रदीप ने गुरुवार को अपनी पत्नी और बेटे को गोली मारने के बाद खुद को गोली मारकर जान दे दी थी। पुलिस के मुताबिक उसने पत्नी और बेटे को गोली मारने के बाद अपने भाई को फोन करके इसकी जानकारी दी। इसके बाद उसने खुद को भी गोली मार ली थी। पुलिस का कहना है कि प्रदीप ने अपने मोबाइल फोन का इस्तेमाल करना बंद कर दिया था। जरूरी होने पर वह अपनी पत्नी प्रीति की मोबाइल से बात करता था। घटना वाले दिन जिस मोबाइल से उसने अपने भाई को फोन किया था वह भी प्रीति का था। घटना के बाद पुलिस प्रीति का मोबाइल फोन बरामद नहीं कर पाई थी। पुलिस का कहना है कि भाई को सूचना देने के बाद उसनेे फोन को स्वीच ऑफ कर दिया था। पुलिस ने प्रीति का मोबाइल फोन घर के अंदर से बरामद कर लिया है। पुलिस अब मोबाइल फोन का कॉल रिकॉर्ड खंगाल रही है। कोतवाली प्रभारी माधो सिंह बिष्ट ने बताया कि जांच के दौरान प्रीति का गायब मोबाइल फोन घर से ही मिल गया है। फोन की कॉल डिटेल मंगाई जा रही है, इसके बाद जांच और आगे बढ़ाई जाएगी। उन्होंने बताया प्रदीप के खिलाफ जो मुकदमा दर्ज किया था, उसमें इस वजह से एफआर लगा दी गई है कि आरोपी की मौत हो चुकी है। कोतवाल ने बताया कि प्रदीप पर कितना कर्ज था इसका ब्योरा जुटाया जा रहा है।
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खजुरिया थाना क्षेत्र के गांव महतोष निवासी प्रदीप रस्तोगी अपनी पत्नी प्रीति रस्तोगी और तीन माह के पुत्र सचिन के साथ कोतवाली क्षेत्र के गांव डिबडिबा का सुभाषनगर कालोनी में रहता था। उसके साथ ही उसका छोटा भाई राजीव रस्तोगी और चचेरा भाई अमन भी रहते थे। प्रदीप ने गुरुवार को अपनी पत्नी और बेटे को गोली मारने के बाद खुद को गोली मारकर जान दे दी थी। पुलिस के मुताबिक उसने पत्नी और बेटे को गोली मारने के बाद अपने भाई को फोन करके इसकी जानकारी दी। इसके बाद उसने खुद को भी गोली मार ली थी। पुलिस का कहना है कि प्रदीप ने अपने मोबाइल फोन का इस्तेमाल करना बंद कर दिया था। जरूरी होने पर वह अपनी पत्नी प्रीति की मोबाइल से बात करता था। घटना वाले दिन जिस मोबाइल से उसने अपने भाई को फोन किया था वह भी प्रीति का था। घटना के बाद पुलिस प्रीति का मोबाइल फोन बरामद नहीं कर पाई थी। पुलिस का कहना है कि भाई को सूचना देने के बाद उसनेे फोन को स्वीच ऑफ कर दिया था। पुलिस ने प्रीति का मोबाइल फोन घर के अंदर से बरामद कर लिया है। पुलिस अब मोबाइल फोन का कॉल रिकॉर्ड खंगाल रही है। कोतवाली प्रभारी माधो सिंह बिष्ट ने बताया कि जांच के दौरान प्रीति का गायब मोबाइल फोन घर से ही मिल गया है। फोन की कॉल डिटेल मंगाई जा रही है, इसके बाद जांच और आगे बढ़ाई जाएगी। उन्होंने बताया प्रदीप के खिलाफ जो मुकदमा दर्ज किया था, उसमें इस वजह से एफआर लगा दी गई है कि आरोपी की मौत हो चुकी है। कोतवाल ने बताया कि प्रदीप पर कितना कर्ज था इसका ब्योरा जुटाया जा रहा है।
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