{"_id":"651aaded0876bfde210f162c","slug":"message-of-water-conservation-given-through-seer-utsav-bilaspur-news-c-92-1-ssml1001-6538-2023-10-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bilaspur News: सीर उत्सव से दिया जल संरक्षण का संदेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bilaspur News: सीर उत्सव से दिया जल संरक्षण का संदेश
विज्ञापन
- जल, जीवन और जंगल एक दूसरे के ही पर्यायवाची, सभी एक दूसरे से जुड़े : धर्माणी
-जिले भर के तीर्थ स्थलों के जल से किया गया सीर खड्ड का जलाभिषेक
-150 महिलाओं ने एक साथ गिद्दा डालकर दिया एकजुटता का संदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं(बिलासपुर)। जल संरक्षण और उसे सहेजने का संदेश देते हुए सोमवार को घुमारवीं में पहले एकदिवसीय सीर उत्सव का आगाज हुआ। सुबह 7:00 बजे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती पर नगर परिषद के प्रांगण में उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। स्थानीय विधायक राजेश धर्माणी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
इसके बाद सीर उत्सव के आगाज के लिए नगर परिषद कार्यालय से लेकर सीर खड्ड पुल तक भव्य शोभायात्रा निकाली गई। इसमें सीर मिलन कार्यक्रम के तहत जिले के प्रसिद्ध तीर्थ स्थलों मार्कंडेय, रुक्मिणी कुंड, बच्छरेटू, रिवालसर के नाम से प्रसिद्ध स्थल रिवालताल से जल को कलश में भरकर शोभायात्रा में शामिल किया गया। इसके साथ ही 50 अन्य महिला मंडलों की महिलाओं ने भी अपने क्षेत्र के प्राकृतिक जल स्रोतों का जल भरकर कलश में लाया गया। शोभायात्रा के दौरान सबसे पहले स्थानीय विधायक राजेश धर्माणी ने पुराने पुल के पास जीवनदायिनी कही जाने वाली सीर गंगा का पूजन किया और उसके साथ ही कन्या का पूजन किया। बाद में इस जल को वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ सीर गंगा में डाल कर जल संरक्षण का संदेश दिया गया। इसके बाद सीर उत्सव के अन्य कार्यक्रमों की शुरुआत की गई। विधायक ने विभागों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनियों का भी अवलोकन किया।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरुआत दोपहर 12:00 बजे बिलासपुरी गिद्दे के साथ की गई। इसमें करीब 150 महिलाओं ने एक साथ गिद्दा डालकर एकजुटता का संदेश दिया। उत्सव में विभिन्न प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए जल तथा पर्यावरण बचाने का भी संदेश दिया। दोपहर बाद शुरू हुए कवि सम्मेलन में स्थानीय कवियों ने अपनी कविताओं से भावविभोर किया। रामलाल पाठक द्वारा प्रस्तुत की गई कविता तीसते सेओ खरे को श्रोताओं ने खूब सराहा। उत्सव के दौरान विधायक राजेश धर्माणी द्वारा पिछले दिनों आयी आपदा से प्रभावित 123 परिवारों को सोलर लाइटों का वितरण किया। इसके साथ ही अलग-अलग क्षेत्रों में कीर्तिमान स्थापित कर प्रदेश तथा जिले में नाम रोशन करने वाले नौ होनहारों को सीर सम्मान देकर सम्मानित किया। धर्माणी ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि इस उत्सव को मनाने का मकसद लोगों को पर्यावरण बचाने, जल सहेजने के साथ वनों की रक्षा करने के प्रति प्रेरित करना है। क्योंकि जल, जीवन और जंगल एक दूसरे के ही पर्यायवाची हैं। सभी एक दूसरे से जुड़े हुए हैं। धरा पर अगर जल और जंगल रहेंगे तभी जीवन बच सकेगा। सीर उत्सव कार्यक्रम की अध्यक्षता उप मंडल अधिकारी गौरव चौधरी ने की। इस मौके पर अंतरराष्ट्रीय मोटीवेटर अरुण भारद्वाज भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम में क्षेत्र के विभिन्न महिला मंडलों सहित सभी विभागीय अधिकारियों ने अपनी भागीदारी सुनिश्चित की।
विज्ञापन
विज्ञापन
-जिले भर के तीर्थ स्थलों के जल से किया गया सीर खड्ड का जलाभिषेक
-150 महिलाओं ने एक साथ गिद्दा डालकर दिया एकजुटता का संदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं(बिलासपुर)। जल संरक्षण और उसे सहेजने का संदेश देते हुए सोमवार को घुमारवीं में पहले एकदिवसीय सीर उत्सव का आगाज हुआ। सुबह 7:00 बजे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती पर नगर परिषद के प्रांगण में उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। स्थानीय विधायक राजेश धर्माणी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
इसके बाद सीर उत्सव के आगाज के लिए नगर परिषद कार्यालय से लेकर सीर खड्ड पुल तक भव्य शोभायात्रा निकाली गई। इसमें सीर मिलन कार्यक्रम के तहत जिले के प्रसिद्ध तीर्थ स्थलों मार्कंडेय, रुक्मिणी कुंड, बच्छरेटू, रिवालसर के नाम से प्रसिद्ध स्थल रिवालताल से जल को कलश में भरकर शोभायात्रा में शामिल किया गया। इसके साथ ही 50 अन्य महिला मंडलों की महिलाओं ने भी अपने क्षेत्र के प्राकृतिक जल स्रोतों का जल भरकर कलश में लाया गया। शोभायात्रा के दौरान सबसे पहले स्थानीय विधायक राजेश धर्माणी ने पुराने पुल के पास जीवनदायिनी कही जाने वाली सीर गंगा का पूजन किया और उसके साथ ही कन्या का पूजन किया। बाद में इस जल को वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ सीर गंगा में डाल कर जल संरक्षण का संदेश दिया गया। इसके बाद सीर उत्सव के अन्य कार्यक्रमों की शुरुआत की गई। विधायक ने विभागों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनियों का भी अवलोकन किया।
विज्ञापन
सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरुआत दोपहर 12:00 बजे बिलासपुरी गिद्दे के साथ की गई। इसमें करीब 150 महिलाओं ने एक साथ गिद्दा डालकर एकजुटता का संदेश दिया। उत्सव में विभिन्न प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए जल तथा पर्यावरण बचाने का भी संदेश दिया। दोपहर बाद शुरू हुए कवि सम्मेलन में स्थानीय कवियों ने अपनी कविताओं से भावविभोर किया। रामलाल पाठक द्वारा प्रस्तुत की गई कविता तीसते सेओ खरे को श्रोताओं ने खूब सराहा। उत्सव के दौरान विधायक राजेश धर्माणी द्वारा पिछले दिनों आयी आपदा से प्रभावित 123 परिवारों को सोलर लाइटों का वितरण किया। इसके साथ ही अलग-अलग क्षेत्रों में कीर्तिमान स्थापित कर प्रदेश तथा जिले में नाम रोशन करने वाले नौ होनहारों को सीर सम्मान देकर सम्मानित किया। धर्माणी ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि इस उत्सव को मनाने का मकसद लोगों को पर्यावरण बचाने, जल सहेजने के साथ वनों की रक्षा करने के प्रति प्रेरित करना है। क्योंकि जल, जीवन और जंगल एक दूसरे के ही पर्यायवाची हैं। सभी एक दूसरे से जुड़े हुए हैं। धरा पर अगर जल और जंगल रहेंगे तभी जीवन बच सकेगा। सीर उत्सव कार्यक्रम की अध्यक्षता उप मंडल अधिकारी गौरव चौधरी ने की। इस मौके पर अंतरराष्ट्रीय मोटीवेटर अरुण भारद्वाज भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम में क्षेत्र के विभिन्न महिला मंडलों सहित सभी विभागीय अधिकारियों ने अपनी भागीदारी सुनिश्चित की।
विज्ञापन