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Bilaspur News: हर पंचायत में बारिश का हिसाब रखेगा रेन गेज
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जिले की सभी पंचायतों में लगेंगे ऑटोमेटिक रेन गेज, ब्लॉक स्तर पर वेदर स्टेशन
फसल खराब होने पर नुकसान के आकलन में काम आएगा आंकड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। अब जिले में बारिश का आंकड़ा सिर्फ तहसील या जिला स्तर पर ही नहीं, बल्कि हर ग्राम पंचायत स्तर पर दर्ज होगा। सरकार के निर्णय के तहत बिलासपुर की प्रत्येक पंचायत में ऑटोमेटिक रेन गेज लगाए जाएंगे, जबकि हर विकास खंड में ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। इससे किसी क्षेत्र में कितनी बारिश हुई, इसका वास्तविक और स्थानीय आंकड़ा उपलब्ध रहेगा। खासकर फसल खराब होने की स्थिति में किसानों के नुकसान का आकलन और फसल बीमा के दावों के सत्यापन में इन आंकड़ों को आधार बनाया जाएगा।
इस संबंध में बुधवार को बचत भवन में कृषि विभाग की बैठक हुई। उपायुक्त राहुल कुमार ने अधिकारियों को योजना को धरातल पर उतारने के लिए पंचायत स्तर पर स्थान चिह्नित करने और जरूरी सुविधाएं जुटाने के निर्देश दिए। उन्होंने कृषि विभाग, बीडीओ और पंचायत प्रतिनिधियों को आपसी समन्वय से काम करने को कहा। अभी किसी क्षेत्र में बारिश या मौसम से फसल को नुकसान होने पर स्थानीय स्तर पर सटीक मौसम आंकड़ा उपलब्ध होना कई बार चुनौती रहता है। ऑटोमेटिक रेन गेज लगने के बाद प्रत्येक पंचायत का बारिश संबंधी आधिकारिक रिकॉर्ड तैयार होगा। फसल नुकसान होने पर यही आंकड़े नुकसान के आकलन और बीमा दावों के सत्यापन में महत्वपूर्ण आधार बनेंगे। इससे किसानों के फसल बीमा दावों में पारदर्शिता आने की उम्मीद है। स्थानीय स्तर पर उपलब्ध आंकड़ों से पात्र किसानों के दावों के निपटारे में भी सुविधा मिलेगी। ब्लॉक स्तर पर ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन स्थापित होने से बारिश के साथ मौसम के अन्य मानकों की भी जानकारी मिलेगी। अधिकारियों के अनुसार इस डेटा का इस्तेमाल किसानों को स्थानीय मौसम की स्थिति के अनुरूप कृषि संबंधी सलाह देने में किया जा सकेगा। विंड्स के तहत मौसम निगरानी नेटवर्क मजबूत होने से मौसम संबंधी आंकड़ों के संग्रहण और विश्लेषण की व्यवस्था भी बेहतर होगी। बैठक में डिजिटल कृषि अभियान की प्रगति की भी समीक्षा की गई। डीसी ने किसानों का पंजीकरण, किसान पहचान पत्र बनाने और डिजिटल फसल सर्वेक्षण से जुड़े काम जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित विभागों को आपसी तालमेल से काम करने और अभियान के दौरान आ रही दिक्कतों का समयबद्ध समाधान करने को कहा। उपायुक्त ने जिला राजस्व अधिकारियों को पटवारियों के माध्यम से योजना से संबंधित लंबित आंकड़े जल्द अपडेट करवाने के निर्देश दिए। वहीं लोक मित्र केंद्रों को सरकार की ओर से निर्धारित दरों पर किसानों के किसान पहचान पत्र बनाने के निर्देश देने को कहा गया।
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फसल खराब होने पर नुकसान के आकलन में काम आएगा आंकड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। अब जिले में बारिश का आंकड़ा सिर्फ तहसील या जिला स्तर पर ही नहीं, बल्कि हर ग्राम पंचायत स्तर पर दर्ज होगा। सरकार के निर्णय के तहत बिलासपुर की प्रत्येक पंचायत में ऑटोमेटिक रेन गेज लगाए जाएंगे, जबकि हर विकास खंड में ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। इससे किसी क्षेत्र में कितनी बारिश हुई, इसका वास्तविक और स्थानीय आंकड़ा उपलब्ध रहेगा। खासकर फसल खराब होने की स्थिति में किसानों के नुकसान का आकलन और फसल बीमा के दावों के सत्यापन में इन आंकड़ों को आधार बनाया जाएगा।
इस संबंध में बुधवार को बचत भवन में कृषि विभाग की बैठक हुई। उपायुक्त राहुल कुमार ने अधिकारियों को योजना को धरातल पर उतारने के लिए पंचायत स्तर पर स्थान चिह्नित करने और जरूरी सुविधाएं जुटाने के निर्देश दिए। उन्होंने कृषि विभाग, बीडीओ और पंचायत प्रतिनिधियों को आपसी समन्वय से काम करने को कहा। अभी किसी क्षेत्र में बारिश या मौसम से फसल को नुकसान होने पर स्थानीय स्तर पर सटीक मौसम आंकड़ा उपलब्ध होना कई बार चुनौती रहता है। ऑटोमेटिक रेन गेज लगने के बाद प्रत्येक पंचायत का बारिश संबंधी आधिकारिक रिकॉर्ड तैयार होगा। फसल नुकसान होने पर यही आंकड़े नुकसान के आकलन और बीमा दावों के सत्यापन में महत्वपूर्ण आधार बनेंगे। इससे किसानों के फसल बीमा दावों में पारदर्शिता आने की उम्मीद है। स्थानीय स्तर पर उपलब्ध आंकड़ों से पात्र किसानों के दावों के निपटारे में भी सुविधा मिलेगी। ब्लॉक स्तर पर ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन स्थापित होने से बारिश के साथ मौसम के अन्य मानकों की भी जानकारी मिलेगी। अधिकारियों के अनुसार इस डेटा का इस्तेमाल किसानों को स्थानीय मौसम की स्थिति के अनुरूप कृषि संबंधी सलाह देने में किया जा सकेगा। विंड्स के तहत मौसम निगरानी नेटवर्क मजबूत होने से मौसम संबंधी आंकड़ों के संग्रहण और विश्लेषण की व्यवस्था भी बेहतर होगी। बैठक में डिजिटल कृषि अभियान की प्रगति की भी समीक्षा की गई। डीसी ने किसानों का पंजीकरण, किसान पहचान पत्र बनाने और डिजिटल फसल सर्वेक्षण से जुड़े काम जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित विभागों को आपसी तालमेल से काम करने और अभियान के दौरान आ रही दिक्कतों का समयबद्ध समाधान करने को कहा। उपायुक्त ने जिला राजस्व अधिकारियों को पटवारियों के माध्यम से योजना से संबंधित लंबित आंकड़े जल्द अपडेट करवाने के निर्देश दिए। वहीं लोक मित्र केंद्रों को सरकार की ओर से निर्धारित दरों पर किसानों के किसान पहचान पत्र बनाने के निर्देश देने को कहा गया।
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