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Bilaspur News: गोबिंद सागर जलाशय में अवैध मत्स्य गतिविधियों पर बड़ा शिकंजा
Fri, 15 May 2026 11:40 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Fri, 15 May 2026 11:40 PM IST
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गोबिंद सागर झील से जब्त किए प्रतिबंधित जाल। स्रोत: डीपीआरओ
मत्स्य विभाग ने तड़के दबिश दी, 27 किलो अंडर साइज जाल जब्त
दो मामले दर्ज, कहा-मत्स्य संपदा को नुकसान पहुंचाने पर होगी कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। गोबिंद सागर जलाशय में अवैध मत्स्य शिकार और प्रतिबंधित जालों के इस्तेमाल के खिलाफ मत्स्य विभाग ने बड़ा अभियान चलाया। शुक्रवार सुबह विशेष गश्त के दौरान विभागीय टीम ने जलाशय के कई क्षेत्रों में औचक निरीक्षण कर 27 किलोग्राम अंडर साइज गिल नेट बरामद किए। विभाग ने मौके पर दो मामले भी दर्ज किए हैं। अधिकारियों ने साफ किया है कि गोबिंद सागर में मत्स्य संपदा को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ लगातार कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।
बिलासपुर में गोबिंद सागर जलाशय की मत्स्य संपदा को सुरक्षित रखने और अवैध मछली शिकार पर प्रभावी रोक लगाने के लिए मत्स्य विभाग ने शुक्रवार को तड़के विशेष गश्त अभियान चलाया। अभियान सुबह करीब छह बजे मत्स्य अधिकारी लठियाणी सुरेंद्र पटियाल के नेतृत्व में शुरू किया गया। विभागीय टीम ने जलाशय के संवेदनशील क्षेत्रों में पहुंचकर किश्तियों, जालों और संचालित मत्स्य गतिविधियों की गहन जांच की। गश्त के दौरान विभाग की टीम ने गोबिंद सागर जलाशय के बीट नंबर-1 क्षेत्र में औचक निरीक्षण किया। यह क्षेत्र जलाशय के उद्गम स्थल कुनखर खड्ड से लेकर दाहिने तट पर ग्राम रायपुर और बाएं तट पर ग्राम शरत तक फैला हुआ है। निरीक्षण के दौरान टीम को कई स्थानों पर प्रतिबंधित और अंडर साइज गिल नेट इस्तेमाल किए जाने की सूचना मिली, जिसके बाद तलाशी अभियान तेज किया गया। कार्रवाई के दौरान विभागीय टीम ने करीब 27 किलोग्राम अंडर साइज गिल नेट जब्त किए। विभाग के अनुसार इस प्रकार के जालों का उपयोग मत्स्य नियमों के खिलाफ है, क्योंकि इनसे छोटी मछलियां भी फंस जाती हैं, जिससे जलाशय की प्राकृतिक मत्स्य संपदा को गंभीर नुकसान पहुंचता है। विभाग ने बरामद जालों को कब्जे में लेकर नियमानुसार कार्रवाई शुरू कर दी है। अभियान के दौरान अवैध मत्स्य गतिविधियों से जुड़े दो अलग-अलग मामले भी दर्ज किए गए हैं। विभागीय अधिकारियों ने दोनों मामलों में जांच प्रक्रिया आरंभ कर दी है और संबंधित लोगों की पहचान की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में भी ऐसे औचक निरीक्षण लगातार जारी रहेंगे ताकि जलाशय में अवैध गतिविधियों पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सके। गश्त अभियान में विभागीय कर्मचारियों ने जलाशय में संचालित किश्तियों और मछली पकड़ने के उपकरणों का भी निरीक्षण किया।
टीम ने मछुआरों को मत्स्य नियमों की जानकारी देते हुए चेतावनी दी कि प्रतिबंधित जालों और अवैध शिकार में शामिल पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सहायक निदेशक मत्स्य, मंडल बिलासपुर पंकज ठाकुर ने कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि गोबिंद सागर जलाशय में अवैध मत्स्य गतिविधियों की रोकथाम के लिए विभाग लगातार निगरानी अभियान चला रहा है। उन्होंने कहा कि मत्स्य संपदा के संरक्षण को लेकर विभाग पूरी गंभीरता से कार्य कर रहा है और नियमों का उल्लंघन करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने मछुआरों और स्थानीय लोगों से अपील की कि वे हिमाचल प्रदेश मत्स्य नियमों का पालन करें तथा गोबिंद सागर जलाशय की मत्स्य संपदा और जैव विविधता के संरक्षण में सहयोग दें। विभाग का उद्देश्य जलाशय में संतुलित मत्स्य उत्पादन बनाए रखना और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्राकृतिक संसाधनों को सुरक्षित रखना है।
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दो मामले दर्ज, कहा-मत्स्य संपदा को नुकसान पहुंचाने पर होगी कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। गोबिंद सागर जलाशय में अवैध मत्स्य शिकार और प्रतिबंधित जालों के इस्तेमाल के खिलाफ मत्स्य विभाग ने बड़ा अभियान चलाया। शुक्रवार सुबह विशेष गश्त के दौरान विभागीय टीम ने जलाशय के कई क्षेत्रों में औचक निरीक्षण कर 27 किलोग्राम अंडर साइज गिल नेट बरामद किए। विभाग ने मौके पर दो मामले भी दर्ज किए हैं। अधिकारियों ने साफ किया है कि गोबिंद सागर में मत्स्य संपदा को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ लगातार कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।
बिलासपुर में गोबिंद सागर जलाशय की मत्स्य संपदा को सुरक्षित रखने और अवैध मछली शिकार पर प्रभावी रोक लगाने के लिए मत्स्य विभाग ने शुक्रवार को तड़के विशेष गश्त अभियान चलाया। अभियान सुबह करीब छह बजे मत्स्य अधिकारी लठियाणी सुरेंद्र पटियाल के नेतृत्व में शुरू किया गया। विभागीय टीम ने जलाशय के संवेदनशील क्षेत्रों में पहुंचकर किश्तियों, जालों और संचालित मत्स्य गतिविधियों की गहन जांच की। गश्त के दौरान विभाग की टीम ने गोबिंद सागर जलाशय के बीट नंबर-1 क्षेत्र में औचक निरीक्षण किया। यह क्षेत्र जलाशय के उद्गम स्थल कुनखर खड्ड से लेकर दाहिने तट पर ग्राम रायपुर और बाएं तट पर ग्राम शरत तक फैला हुआ है। निरीक्षण के दौरान टीम को कई स्थानों पर प्रतिबंधित और अंडर साइज गिल नेट इस्तेमाल किए जाने की सूचना मिली, जिसके बाद तलाशी अभियान तेज किया गया। कार्रवाई के दौरान विभागीय टीम ने करीब 27 किलोग्राम अंडर साइज गिल नेट जब्त किए। विभाग के अनुसार इस प्रकार के जालों का उपयोग मत्स्य नियमों के खिलाफ है, क्योंकि इनसे छोटी मछलियां भी फंस जाती हैं, जिससे जलाशय की प्राकृतिक मत्स्य संपदा को गंभीर नुकसान पहुंचता है। विभाग ने बरामद जालों को कब्जे में लेकर नियमानुसार कार्रवाई शुरू कर दी है। अभियान के दौरान अवैध मत्स्य गतिविधियों से जुड़े दो अलग-अलग मामले भी दर्ज किए गए हैं। विभागीय अधिकारियों ने दोनों मामलों में जांच प्रक्रिया आरंभ कर दी है और संबंधित लोगों की पहचान की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में भी ऐसे औचक निरीक्षण लगातार जारी रहेंगे ताकि जलाशय में अवैध गतिविधियों पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सके। गश्त अभियान में विभागीय कर्मचारियों ने जलाशय में संचालित किश्तियों और मछली पकड़ने के उपकरणों का भी निरीक्षण किया।
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टीम ने मछुआरों को मत्स्य नियमों की जानकारी देते हुए चेतावनी दी कि प्रतिबंधित जालों और अवैध शिकार में शामिल पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सहायक निदेशक मत्स्य, मंडल बिलासपुर पंकज ठाकुर ने कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि गोबिंद सागर जलाशय में अवैध मत्स्य गतिविधियों की रोकथाम के लिए विभाग लगातार निगरानी अभियान चला रहा है। उन्होंने कहा कि मत्स्य संपदा के संरक्षण को लेकर विभाग पूरी गंभीरता से कार्य कर रहा है और नियमों का उल्लंघन करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने मछुआरों और स्थानीय लोगों से अपील की कि वे हिमाचल प्रदेश मत्स्य नियमों का पालन करें तथा गोबिंद सागर जलाशय की मत्स्य संपदा और जैव विविधता के संरक्षण में सहयोग दें। विभाग का उद्देश्य जलाशय में संतुलित मत्स्य उत्पादन बनाए रखना और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्राकृतिक संसाधनों को सुरक्षित रखना है।
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