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Bilaspur News: घंडालवीं स्कूल के विलय प्रस्ताव पर भड़के लोग, ग्रामीणों ने किया जोरदार विरोध

Thu, 11 Jun 2026 11:08 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर Updated Thu, 11 Jun 2026 11:08 PM IST
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Locals outraged over Ghandalvi school merger proposal; villagers stage strong protest.
पूर्व मंत्री की मौजूदगी में हुई बैठक, कहा- बच्चों के भविष्य से समझौता नहीं
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विद्यालय बचाने को प्रशासन को सौंपेंगे ज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
भराड़ी(बिलासपुर)। राजकीय माध्यमिक पाठशाला घंडालवीं को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला मरहाणा में विलय किए जाने के प्रस्ताव के खिलाफ क्षेत्र के ग्रामीण, अभिभावक और जनप्रतिनिधि एकजुट हो गए हैं। पूर्व मंत्री राजेंद्र गर्ग की उपस्थिति में हुई बैठक में विद्यालय के प्रस्तावित विलय का कड़ा विरोध करते हुए स्कूल को यथावत संचालित रखने की मांग उठाई गई।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यालय केवल शिक्षा के केंद्र नहीं हैं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक विकास की महत्वपूर्ण कड़ी भी हैं। उनका कहना था कि स्कूल के विलय से बच्चों, विशेषकर छात्राओं, को लंबी दूरी तय करनी पड़ेगी, जिससे उनकी शिक्षा और सुरक्षा दोनों प्रभावित होंगी। कहा कि बच्चों के भविष्य से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि घंडालवीं विद्यालय क्षेत्र की आवश्यकता है और इस मुद्दे को सरकार तथा शिक्षा विभाग के समक्ष मजबूती से उठाया जाएगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि क्षेत्रवासियों की मांग को उचित मंच पर रखा जाएगा ताकि विद्यालय को बंद होने से बचाया जा सके। भराड़ी मंडल भाजपा अध्यक्ष जोरावर सिंह ने कहा कि विद्यालयों के युक्तिकरण की प्रक्रिया में ग्रामीण क्षेत्रों की भौगोलिक परिस्थितियों, छात्राओं की सुरक्षा और विद्यार्थियों की सुविधा को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि घंडालवीं विद्यालय का विलय स्थानीय लोगों की भावनाओं के विपरीत है और भाजपा संगठन ग्रामीणों की मांग के साथ खड़ा है।
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भाजयुमो घुमारवीं के सह-मीडिया प्रभारी डॉ. ऋतिक शर्मा ने कहा कि शिक्षा किसी भी समाज की सबसे बड़ी पूंजी है। विद्यालय का विलय विद्यार्थियों के शिक्षा के अधिकार को प्रभावित कर सकता है। उन्होंने प्रशासन से जनभावनाओं का सम्मान करते हुए विद्यालय को यथावत रखने की अपील की। बैठक में मौजूद ग्रामीणों और अभिभावकों ने कहा कि यदि विद्यालय का विलय किया गया तो क्षेत्र के कई बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्कूल को बचाने के लिए लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखा जाएगा और जल्द ही प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांग रखी जाएगी। बैठक में वार्ड सदस्य राकेश राणा, उपप्रधान अजय कुमार, बीडीसी सदस्य ऊषा चौहान, बलदेव सिंह, ज्ञान सिंह, कुलदीप सिंह, मंडल भाजपा महामंत्री ब्रह्म दास गौतम, जिला परिषद सदस्य जमुना देवी, महिला मोर्चा अध्यक्ष बबीता शर्मा तथा लंझता पंचायत के प्रधान शशि पाल ठाकुर सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और अभिभावक उपस्थित रहे।
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