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किरतपुर-नेरचौक फोरलेन : अधिग्रहीत मकानों पर सरकार ने मांगी एक्शन टेकन रिपोर्ट
Mon, 03 Mar 2025 11:29 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Mon, 03 Mar 2025 11:29 PM IST
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-मुआवजा आवंटन के बाद भी मौके पर खड़े हैं कई मकान
-विस्थापित समिति की शिकायत पर सरकार ने दिए कार्रवाई के निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। किरतपुर-नेरचौक फोरलेन में अधिग्रहीत मुआवजा देने के बावजूद मौके पर कई मकान अब भी मौजूद हैं। इस मामले में हिमाचल प्रदेश सरकार ने लोक निर्माण विभाग के विशेष सचिव के माध्यम से क्षेत्रीय कार्यालय एनएचएआई शिमला, परियोजना निदेशक मंडी और डीसी बिलासपुर को पत्र जारी कर जल्द से जल्द उचित कार्रवाई करने और एक्शन टेकन रिपोर्ट (एटीआर) प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
इस फोरलेन परियोजना को जनता को समर्पित हुए एक वर्ष हो चुका है। 2015-16 में तत्कालीन उपायुक्त बिलासपुर ने सड़क निर्माण में आए मकानों का बलपूर्वक कब्जा भू-अर्जन अधिकारी और परियोजना निदेशक के आग्रह पर दिलाया था। जहां प्रशासन कब्जा दिलाने में असफल रहा, वहां एनएचएआई ने उच्च न्यायालय का रुख किया और पुलिस व प्रशासन की मौजूदगी में कब्जा लिया गया। इसके बावजूद, आज भी कई मकान मौके पर मौजूद हैं, जिससे प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावित समिति ने इस मामले को लेकर सरकार से शिकायत की थी, जिसके बाद विशेष सचिव ने इस पर कार्रवाई करते हुए सभी संबंधित अधिकारियों को स्थिति स्पष्ट करने के आदेश दिए हैं। अब एनएचएआई, परियोजना निदेशक और बिलासपुर प्रशासन को बताना होगा कि जब मुआवजा वितरित हो चुका है, तो कई अधिग्रहित मकान अभी तक मौके पर क्यों खड़े हैं। विस्थापित समिति ने शिकायत में लिखा है कि इस मामले को लेकर झूठी रिपोर्ट तैयार कर प्रशासन को गुमराह किया जा रहा है। स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों से प्रमाण पत्र लिए जा रहे हैं कि मुआवजा वितरण के बाद मकान या तो ध्वस्त कर दिए गए हैं या हटा दिए गए हैं, जबकि हकीकत इसके विपरीत है। आरोप हैं कि कुछ जनप्रतिनिधि निजी रुचि लेकर मिलीभगत कर झूठी रिपोर्ट तैयार करवा रहे हैं। मामले की पुष्टि पत्र का संख्या पीबीडब्ल्यू (बी एफ(2)3/2020-111 में लोक निर्माण विभाग के विशेष सचिव हरबंस सिंह ब्रास्कॉन ने की है।
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-विस्थापित समिति की शिकायत पर सरकार ने दिए कार्रवाई के निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। किरतपुर-नेरचौक फोरलेन में अधिग्रहीत मुआवजा देने के बावजूद मौके पर कई मकान अब भी मौजूद हैं। इस मामले में हिमाचल प्रदेश सरकार ने लोक निर्माण विभाग के विशेष सचिव के माध्यम से क्षेत्रीय कार्यालय एनएचएआई शिमला, परियोजना निदेशक मंडी और डीसी बिलासपुर को पत्र जारी कर जल्द से जल्द उचित कार्रवाई करने और एक्शन टेकन रिपोर्ट (एटीआर) प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
इस फोरलेन परियोजना को जनता को समर्पित हुए एक वर्ष हो चुका है। 2015-16 में तत्कालीन उपायुक्त बिलासपुर ने सड़क निर्माण में आए मकानों का बलपूर्वक कब्जा भू-अर्जन अधिकारी और परियोजना निदेशक के आग्रह पर दिलाया था। जहां प्रशासन कब्जा दिलाने में असफल रहा, वहां एनएचएआई ने उच्च न्यायालय का रुख किया और पुलिस व प्रशासन की मौजूदगी में कब्जा लिया गया। इसके बावजूद, आज भी कई मकान मौके पर मौजूद हैं, जिससे प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावित समिति ने इस मामले को लेकर सरकार से शिकायत की थी, जिसके बाद विशेष सचिव ने इस पर कार्रवाई करते हुए सभी संबंधित अधिकारियों को स्थिति स्पष्ट करने के आदेश दिए हैं। अब एनएचएआई, परियोजना निदेशक और बिलासपुर प्रशासन को बताना होगा कि जब मुआवजा वितरित हो चुका है, तो कई अधिग्रहित मकान अभी तक मौके पर क्यों खड़े हैं। विस्थापित समिति ने शिकायत में लिखा है कि इस मामले को लेकर झूठी रिपोर्ट तैयार कर प्रशासन को गुमराह किया जा रहा है। स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों से प्रमाण पत्र लिए जा रहे हैं कि मुआवजा वितरण के बाद मकान या तो ध्वस्त कर दिए गए हैं या हटा दिए गए हैं, जबकि हकीकत इसके विपरीत है। आरोप हैं कि कुछ जनप्रतिनिधि निजी रुचि लेकर मिलीभगत कर झूठी रिपोर्ट तैयार करवा रहे हैं। मामले की पुष्टि पत्र का संख्या पीबीडब्ल्यू (बी एफ(2)3/2020-111 में लोक निर्माण विभाग के विशेष सचिव हरबंस सिंह ब्रास्कॉन ने की है।
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