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फोरलेन : 217 मुहालों में भू-मालिकों को सूचित किए बिना ही कर दिए 226 इंतकाल
Tue, 07 Mar 2023 08:13 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Tue, 07 Mar 2023 08:13 AM IST
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बिलासपुर। किरतपुर-मनाली फोरलेन/टूलेन सड़क निर्माण में तीन जिलों की 10 तहसीलों और तीन उपतहसीलों के 217 मुहालों में लगभग 226 इंतकाल करते समय किसी भी भूमि मालिक को सूचित नहीं किया गया था। इसका खुलासा आरटीआई से ली गई सूचना में हुआ है। भू-मालिकों को सूचित किए बिना इंतकाल करना सीधे तौर पर हिमाचल प्रदेश भू-अधिनियम 1954 की धारा 35 (3)7 का उल्लंघन है।
फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावित समिति के महासचिव मदन लाल शर्मा ने कहा कि राजस्व विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) और संबंधित तहसीलों के राजस्व अधिकारियों ने कई संयुक्त संपत्तियों के भू-मालिकों को न तो कोई इत्तला दी और न ही उनकी पहचान की। बिना उनकी अनुपस्थिति के उपरोक्त परियोजना में अधिग्रहित की गई जमीन को केंद्र सरकार के नाम दर्ज और तस्दीक कर दिया।
जिला कुल्लू के समस्त मुहालों, मंडी के कुछ मुहालों के इंतकाल को संबंधित तहसीलों के तहसीलदारों द्वारा तस्दीक किया गया, जबकि बिलासपुर के समस्त तहसीलों के सभी मुहालों के इंतकाल को एनएचएआई के राजस्व कर्मियों ने दर्ज किया है। उन्हीं को तहसीलदार ने तस्दीक किया। तीनों जिलों में जमीन के इंतकालों को दर्ज और तस्दीक करते समय भू-मालिकों को अवगत करवाया जाना था। उनके हस्ताक्षर/अंगूठा और संबंधित गांवों के किसी जनप्रतिनिधि आदि द्वारा उनकी पहचान कराई जानी थी। आपत्ति दर्ज और तस्दीक करने से पहले आपत्तियों के बारे में पूछकर उसके बाद ही इंतकाल दर्ज करने का प्रावधान है।
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मदन लाल शर्मा ने कहा कि भू मालिकों को बिना सूचित किए इंतकाल कर दिए, जो कि संयुक्त संपत्ति के भू-मालिकों के अधिकारों का हनन है। बड़ी बात यह है कि एनएचएआई कह रहा है कि इंतकाल राजस्व विभाग ने किया है और राजस्व विभाग कह रहा है कि इंतकाल एनएचएआई की भूमि अधिग्रहण इकाई ने किए हैं। अब इसमें किसी एक की जिम्मेदारी तय करना मुश्किल होगा। समिति ने राज्य सरकार से आग्रह किया है कि उपरोक्त गंभीर विषय पर निजी दखल देकर नियमानुसार उचित कार्रवाई करें।
इन पत्रों से हुआ अनियमितता का खुलासा
मदन लाल शर्मा ने कहा कि भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया के बाद इस तरह की कोई भी कार्रवाई नहीं की गई। इंतकाल को केंद्र सरकार के नाम दर्ज व तस्दीक होने की पुष्टि जनसूचना अधिकारी तहसीलदार कुल्लू ने अपने कार्यालय के पत्र संख्या 04, तहसीलदार मनाली ने अपने कार्यालय के पत्र संख्या 289-90, उपतहसील भुंतर के तहसीलदार ने अपने कार्यालय के पत्र क्रमांक 2977, भू अर्जन अधिकारी बिलासपुर ने अपने कार्यालय के पत्र संख्या 495, भू अर्जन अधिकारी पंडोह ने अपने कार्यालय के पत्र संख्या 7179-81 आदि में की है।
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फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावित समिति के महासचिव मदन लाल शर्मा ने कहा कि राजस्व विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) और संबंधित तहसीलों के राजस्व अधिकारियों ने कई संयुक्त संपत्तियों के भू-मालिकों को न तो कोई इत्तला दी और न ही उनकी पहचान की। बिना उनकी अनुपस्थिति के उपरोक्त परियोजना में अधिग्रहित की गई जमीन को केंद्र सरकार के नाम दर्ज और तस्दीक कर दिया।
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जिला कुल्लू के समस्त मुहालों, मंडी के कुछ मुहालों के इंतकाल को संबंधित तहसीलों के तहसीलदारों द्वारा तस्दीक किया गया, जबकि बिलासपुर के समस्त तहसीलों के सभी मुहालों के इंतकाल को एनएचएआई के राजस्व कर्मियों ने दर्ज किया है। उन्हीं को तहसीलदार ने तस्दीक किया। तीनों जिलों में जमीन के इंतकालों को दर्ज और तस्दीक करते समय भू-मालिकों को अवगत करवाया जाना था। उनके हस्ताक्षर/अंगूठा और संबंधित गांवों के किसी जनप्रतिनिधि आदि द्वारा उनकी पहचान कराई जानी थी। आपत्ति दर्ज और तस्दीक करने से पहले आपत्तियों के बारे में पूछकर उसके बाद ही इंतकाल दर्ज करने का प्रावधान है।
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मदन लाल शर्मा ने कहा कि भू मालिकों को बिना सूचित किए इंतकाल कर दिए, जो कि संयुक्त संपत्ति के भू-मालिकों के अधिकारों का हनन है। बड़ी बात यह है कि एनएचएआई कह रहा है कि इंतकाल राजस्व विभाग ने किया है और राजस्व विभाग कह रहा है कि इंतकाल एनएचएआई की भूमि अधिग्रहण इकाई ने किए हैं। अब इसमें किसी एक की जिम्मेदारी तय करना मुश्किल होगा। समिति ने राज्य सरकार से आग्रह किया है कि उपरोक्त गंभीर विषय पर निजी दखल देकर नियमानुसार उचित कार्रवाई करें।
इन पत्रों से हुआ अनियमितता का खुलासा
मदन लाल शर्मा ने कहा कि भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया के बाद इस तरह की कोई भी कार्रवाई नहीं की गई। इंतकाल को केंद्र सरकार के नाम दर्ज व तस्दीक होने की पुष्टि जनसूचना अधिकारी तहसीलदार कुल्लू ने अपने कार्यालय के पत्र संख्या 04, तहसीलदार मनाली ने अपने कार्यालय के पत्र संख्या 289-90, उपतहसील भुंतर के तहसीलदार ने अपने कार्यालय के पत्र क्रमांक 2977, भू अर्जन अधिकारी बिलासपुर ने अपने कार्यालय के पत्र संख्या 495, भू अर्जन अधिकारी पंडोह ने अपने कार्यालय के पत्र संख्या 7179-81 आदि में की है।